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हिम्मत ना हारिये प्रभु न बिसारिये (Himmat na hariye prabhu na bisariye lyrics in hindi) - Bhaktilok

200 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"हिम्मत ना हारिये प्रभु न बिसारिये" एक अत्यंत प्रेरणादायक और भक्तिपूर्ण भजन है, जो जीवन की विषम परिस्थितियों में मनुष्य को धैर्य और ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने का संदेश देता है। यह भजन न केवल एक मधुर धुन है, बल्कि यह जीवन जीने का एक दर्शन भी है। जब मनुष्य असफलता, निराशा या दुखों के सागर में डूबने लगता है, तब यह भजन उसे याद दिलाता है कि संसार में सुख-दुख का चक्र निरंतर चलता रहता है। प्रभु का स्मरण ही वह एकमात्र शक्ति है जो हमें कठिन समय में भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने का साहस प्रदान करती है। यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो अपने दैनिक जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक संबल की तलाश में रहते हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

हिम्मत ना हारिये, प्रभु न बिसारिये,
हँसते हंसाते हुए जीवन गुज़रिये।
हिम्मत ना हारिये, प्रभु न बिसारिये॥

सुख दुःख आये जाए, पर समय नहीं रुक पाए,
शाम के बाद सवेरा, फिर नई राह दिखाए।
सच को स्वीकारिये, प्रभु न बिसारिये,
हँसते हंसाते हुए जीवन गुज़रिये॥

जितनी मिले सफलता, लेकिन कभी अहम् ना करना,
असफलता अगर मिले तो, प्रभु के प्रति वहम ना करना।
रिश्ते संवारिये, प्रभु न बिसारिये,
हँसते हंसाते हुए जीवन गुज़रिये॥

ना चोट किसी को पहुंचे, ना दिल तो किसी का दुखाना,
जो हारा हुआ मोहित, उसका तू साथ निभाना।
नियत सुधारिये, प्रभु न बिसारिये,
हँसते हंसाते हुए जीवन गुज़रिये॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन की पंक्तियाँ हमें जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण सूत्र सिखाती हैं: 'धैर्य' और 'ईश्वर के प्रति समर्पण'। कवि कहता है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, हमें कभी भी साहस (हिम्मत) नहीं छोड़ना चाहिए। ईश्वर को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि वही हमारे जीवन का आधार हैं।

भजन का भाव यह है कि सुख और दुख जीवन के दो पहलू हैं। जिस प्रकार रात के बाद सुबह का आना निश्चित है, उसी प्रकार दुख के बाद सुख का आगमन भी निश्चित है। हमें सत्य को स्वीकार करना चाहिए और अहंकार से दूर रहना चाहिए। सफलता मिलने पर घमंड न करना और असफलता मिलने पर ईश्वर की कृपा पर संदेह न करना ही एक सच्चे भक्त की पहचान है। अंत में, भजन हमें दूसरों के प्रति दयालु रहने और दूसरों का दुख बांटने की प्रेरणा देता है, क्योंकि यही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • सकारात्मकता का संचार: यह भजन निराशावादी विचारों को दूर कर मन में आशा का संचार करता है।
  • अहंकार का त्याग: सफलता के समय विनम्र रहने की सीख देता है।
  • ईश्वर पर अटूट विश्वास: कठिन समय में प्रभु को याद रखने का महत्व बताता है।
  • मानवीय संवेदना: दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने और किसी का दिल न दुखाने का संदेश देता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय सुना या गाया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से सुबह के समय इसे सुनना मन को पूरे दिन के लिए ऊर्जावान बनाता है। इसे आप अपनी दैनिक पूजा, सत्संग, या किसी भी कठिन निर्णय लेने से पहले सुन सकते हैं। इसे शांत चित्त होकर और भावपूर्ण तरीके से गाने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में 'नियत' का शुद्ध होना सबसे आवश्यक है। यदि हमारी नियत साफ है और हम ईश्वर पर भरोसा रखते हैं, तो हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। यह हमें 'मोहित' (मोह-माया) से ऊपर उठकर निस्वार्थ भाव से दूसरों का साथ देने के लिए प्रेरित करता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ
बिसारिये भूलना
अहम् अहंकार / घमंड
वहम संदेह / शक
नियत इरादा / मन की स्थिति

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम हिम्मत ना हारिये प्रभु न बिसारिये
मुख्य विषय धैर्य, विश्वास और भक्ति
भाषा हिंदी
भाव समर्पण और प्रेरणा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन मानसिक तनाव को कम करता है और कठिन समय में सकारात्मक रहने का साहस देता है।

हाँ, यह एक अत्यंत सात्विक भजन है जिसे आप अपनी दैनिक पूजा या आरती के बाद गा सकते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख भक्ति साहित्य और जीवन दर्शन के सिद्धांतों पर आधारित है। इसे पाठकों की आध्यात्मिक उन्नति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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