मूल संस्कृत श्लोक (Original Sanskrit Text)
ध्यानेनात्मनि पश्यन्ति केचिदात्मानमात्मना | अन्ये साङ्ख्येन योगेन कर्मयोगेन चापरे || २५ ||
पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word-by-Word Meanings)
12 पदध्यानेन
ध्यान द्वारा
आत्मनि
अपने में
पश्यन्ति
देखते हैं
केचित्
कुछ लोग
आत्मानम्
आत्मा को
आत्मना
अपने मन से
अन्ये
अन्य
साङ्ख्येन
सांख्य योग से
योगेन
योग द्वारा
कर्मयोगेन
कर्मयोग से
च
और
अपरे
दूसरे
श्लोक का भावार्थ (Verse Hindi Meaning)
हिंदी भावार्थ (Hindi Meaning)
कुछ लोग ध्यान द्वारा अपने मन से अपने में आत्मा को देखते हैं, अन्य लोग सांख्ययोग द्वारा और दूसरे लोग कर्मयोग द्वारा।
दार्शनिक व्याख्या एवं गूढ़ रहस्य (Commentary)
संपादक व शोधकर्ता
श्रीराम शास्त्री
वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के शोधकर्ता। सनातन इतिहास एवं गीता दर्शन पर १०+ वर्षों का अनुसंधान।
संपादकीय समीक्षा
आचार्य देवदत्त द्विवेदी
वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक एवं शास्त्रसम्मत सत्यापनकर्ता।
यहाँ आत्मसाक्षात्कार के तीन मार्ग बताए गए हैं – ध्यानयोग, सांख्ययोग और कर्मयोग। Three paths to self-realization are mentioned here: meditation, knowledge, and action.
श्लोक का अर्थ / Meaning of the Verse
कुछ लोग ध्यान द्वारा अपने मन से अपने में आत्मा को देखते हैं, अन्य सांख्ययोग (ज्ञानयोग) द्वारा, और कुछ कर्मयोग द्वारा।
Some by meditation behold the Self in the self through the self; others by the Yoga of knowledge; and others by the Yoga of action.
आध्यात्मिक संदेश / Spiritual Message
आत्मसाक्षात्कार के अनेक मार्ग हैं, साधक अपनी रुचि के अनुसार किसी भी मार्ग से लक्ष्य तक पहुँच सकता है।
There are many paths to self-realization; a seeker can reach the goal by any path according to his inclination.