मूल संस्कृत श्लोक (Original Sanskrit Text)
पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे। सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम्॥१३॥
पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word-by-Word Meanings)
11 पदपञ्च
five
एतानि
these
महाबाहो
O mighty-armed
कारणानि
causes
निबोध
understand
मे
from Me
सांख्ये
in the Sankhya philosophy
कृतान्ते
in the Vedanta
प्रोक्तानि
are declared
सिद्धये
for the accomplishment
सर्व-कर्मणाम्
of all actions.
श्लोक का भावार्थ (Verse Hindi Meaning)
हिंदी भावार्थ (Hindi Meaning)
हे महाबाहो! सांख्यशास्त्र के सिद्धान्त में सम्पूर्ण कर्मों की सिद्धि के लिए जो पाँच कारण बताए गए हैं, उन्हें तू मुझसे जान।
दार्शनिक व्याख्या एवं गूढ़ रहस्य (Commentary)
संपादक व शोधकर्ता
श्रीराम शास्त्री
वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के शोधकर्ता। सनातन इतिहास एवं गीता दर्शन पर १०+ वर्षों का अनुसंधान।
संपादकीय समीक्षा
आचार्य देवदत्त द्विवेदी
वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक एवं शास्त्रसम्मत सत्यापनकर्ता।
भगवान् अब कर्म के पाँच कारण बताने वाले हैं, जो सांख्य दर्शन (या वेदान्त) में वर्णित हैं। यह ज्ञान कर्मबन्धन से मुक्त होने में सहायक है।
श्लोक का अर्थ / Meaning of the Verse
हे महाबाहु अर्जुन! सांख्यशास्त्र (वेदान्त) के अनुसार समस्त कर्मों की सिद्धि के लिए जो पाँच कारण बताए गए हैं, उन्हें तुम मुझसे समझो।
आध्यात्मिक संदेश / Spiritual Message
कर्म के मूल कारणों को समझने से यह ज्ञान होता है कि आत्मा वास्तव में कर्ता नहीं है, बल्कि प्रकृति के गुणों द्वारा कार्य होता है।