सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत लिरिक्स (Sonyach Bashing Lagin Devach Lyrics in Hindi) -
या पंढरपुरात काय वाजत गाजत
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत.... || धृ ||
राज्या भिमकाची होती रुक्मिणी उपवर
लिहून पत्रिका दिल्या देशोदेशावर
टाळ मृदुंग ही कीर्ती हर्षाने वाजती ... || १ ||
राजा भिमकाज्या होत्या नऊ जनी कन्या
धाकली रुक्मिणी दिली पंढरीच्यावाण्या
पायी जोडविला मोती नवलाख साजत.... || २ ||
नवलाख मोती विठुरायाच्या कळसाला
चढता उतरताना गवंडीदादा हरपला
सांगतो भीमका माझ लेकीच हाय नात ..... || ३ ||
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत लिरिक्स (Sonyach Bashing Lagin Devach Lyrics in Hindi and English) -
पंढरपुरात या पंढरपुरात
Pandharpurat Ya Pandharpurat
काय वाजत गाजत
Kay Vajat Gajat
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत
Sonyach Bashing Lagin Devach Lagat
राजा भिमकाची होती रुक्मिणी उपवर
Raja Bhimakachi Hoti Rukmini Upavar
लिहून पत्रिका दिली देशोदेशावर
Lihun Patrika Dili Deshodeshavar
देशोदेशाव
Deshodeshavar
टाळ मृदुंग ही
Taal Mrudung Hi
कीर्ती हर्षाने वाजतं
Kirti Harshane Vaajat
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत
Sonyach Bashing Lagin Devach Lagat
राजा भिमकाज्या होत्या नऊ जनी कन्या
Raja Bhimkajya Hotya Nau Jani Kanya
धाकली रुक्मिना दिली पंढरीच्यावाण्या
Dhakli Rukmina Dili Pandharichyawanya
दिली पंढरीच्यावाण्या
Dili Pandharichyawanya
पायी जोडव्याला
Payi Jodvyala
पायी जोडव्याला
Payi Jodvyala
मोती नवलाख साजत
Moti Nvalaakh Sajat
मोती नवलाख साजत
Moti Navlakh Sajat
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत
Sonyach Bashing Lagin Devach Lagat
नवलाख मोती विठुरायाच्या कळसाला
Navlakh Moti Vithurayachya Kalsala
चढता उतरता गवंडीदादा आळसला
Chadhata Utrata Gavndidada Aalsala
सांगतो भीमका
Sangto Bhimka
सांगतो भीमका
Sangto Bhimka
माझ लेकीच हाय नात
Maajh Lekich Haay Naat
माझ लेकीच हाय नात
Maajh Lekich Haay Naat
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत
Sonyach Bashing Lagin Devach Lagat
पंढरपुरात काय वाजत गाजत
Pandharpurat Pandharpurat Kay Vajat Gajat
काय वाजत गाजत
Kay Vajat Gajat
सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत
Sonyach Bashing Lagin Devach Lagat
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "सोन्याच बाशिंग लगीन देवाच लागत लिरिक्स (Sonyach Bashing Lagin Devach Lyrics in Hindi) - by Arvind Mohite Marathi Bhajan - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?
भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।
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