श्रीमद्भगवद्गीता · अध्याय 11 (विश्वरूप दर्शन योग (Visvarupa Darsana Yoga))

अध्याय 11 · श्लोक 54

विश्वरूप दर्शन योग (Visvarupa Darsana Yoga) – मूल संस्कृत श्लोक, पदच्छेद, विस्तृत हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या।

कुल अध्याय श्लोक: 55 2 मिनट का पठन 117 पठन संपादकीय रूप से परीक्षित
मूल संस्कृत श्लोक (Original Sanskrit Text)
भक्त्या त्वनन्यया शक्य अहमेवंविधोऽर्जुन । ज्ञातुं द्रष्टुं च तत्त्वेन प्रवेष्टुं च परन्तप ॥ ५४॥

पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word-by-Word Meanings)

14 पद
भक्त्या
भक्ति से
तु
परन्तु
अनन्यया
अनन्य
शक्य
संभव
अहम्
मैं
एवंविधः
इस प्रकार का
अर्जुन
हे अर्जुन
ज्ञातुम्
जानना
द्रष्टुम्
देखना
च
और
तत्त्वेन
तत्त्व से
प्रवेष्टुम्
प्रवेश करना
च
और
परन्तप
हे परन्तप।

श्लोक का भावार्थ (Verse Hindi Meaning)

हिंदी भावार्थ (Hindi Meaning)

परन्तु हे अर्जुन, अनन्य भक्ति से ही मैं इस रूप में तत्त्व से जाना, देखा और प्राप्त किया जा सकता हूँ, हे परन्तप।

दार्शनिक व्याख्या एवं गूढ़ रहस्य (Commentary)

भगवान् भक्ति के महत्व को बताते हैं – अनन्य भक्ति से ही उनका साक्षात्कार संभव है।

श्लोक का अर्थ / Meaning of the Verse

परन्तु हे अर्जुन, अनन्य भक्ति से ही मैं इस रूप में तत्त्व से जाना, देखा और प्राप्त किया जा सकता हूँ, हे परन्तप।

आध्यात्मिक संदेश / Spiritual Message

भगवान् को पाने का एकमात्र साधन अनन्य भक्ति है।

गीता जीवन संदेश (Practical Life Application)

श्रीमद्भगवद्गीता का प्रत्येक श्लोक केवल धार्मिक पाठ नहीं, अपितु जीवन के संघर्षों में सही निर्णय लेने, मन को शांत रखने और कर्तव्य पथ पर अडिग रहने का शाश्वत मार्गदर्शन है।

श्रीराम शास्त्री
संपादक व शोधकर्ता

श्रीराम शास्त्री

वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के शोधकर्ता। सनातन इतिहास एवं गीता दर्शन पर १०+ वर्षों का अनुसंधान।

आचार्य देवदत्त द्विवेदी
संपादकीय समीक्षा

आचार्य देवदत्त द्विवेदी

वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक एवं शास्त्रसम्मत सत्यापनकर्ता।

अध्याय अवलोकन

अध्याय 11: विश्वरूप दर्शन योग (Visvarupa Darsana Yoga)
वर्तमान में आप श्लोक संख्या 54 का अध्ययन कर रहे हैं।
श्लोक 54/55 98% पूर्ण
सभी १८ अध्यायों की सूची
ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
श्लोक कॉपी कर लिया गया है!