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प्रामाणिक मंदिर विवरण

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज - Nag Vasuki Mandir, Daraganj Ghat, Prayagraj: A Sacred Serpent Deity Temple on Ganga Banks

416 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 22 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Nag Vasuki आराध्य देव
05:00 AM - 09:00 PM दर्शन समय
Morning Aarti: 07:00 AM, Evening Aarti: 07:00 PM आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Nag Vasuki
दर्शन समय 05:00 AM - 09:00 PM
आरती समय Morning Aarti: 07:00 AM, Evening Aarti: 07:00 PM
स्थान / पता Nag Vasuki Mandir, Daraganj Ghat, Prayagraj, Uttar Pradesh
आकार:
कंट्रास्ट:

🐍 नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज

गंगा तट पर स्थित नाग देवता का पवित्र धाम (Nag Vasuki Mandir, Daraganj Ghat, Prayagraj)

प्रयागराज के दारागंज घाट पर गंगा के पवित्र तट पर स्थित अद्भुत नाग मंदिर

🐍 परिचय: नाग वासुकी मंदिर का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज के ऐतिहासिक दारागंज घाट पर गंगा नदी के पवित्र तट पर स्थित नाग वासुकी मंदिर एक अद्वितीय धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नागराज वासुकी को समर्पित है, जिनका हिंदू पौराणिक कथाओं में विशेष स्थान है। वासुकी नाग भगवान शिव के गले में विराजमान हैं और समुद्र मंथन में उन्होंने रस्सी का कार्य किया था।

यह मंदिर प्रयागराज के प्रसिद्ध घाटों में से एक दारागंज पर स्थित है, जहाँ गंगा नदी का प्रवाह अत्यंत मनोरम है। मंदिर की स्थापत्य शैली, नाग देवता की मूर्तियाँ, और गंगा का शांत वातावरण भक्तों को अद्भुत शांति प्रदान करते हैं। नाग पंचमी के अवसर पर यहाँ विशेष श्रृंगार और भव्य पूजा का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

इस मंदिर की एक अनूठी विशेषता यहाँ स्थापित नाग वासुकी की सात फन वाली मूर्ति है, जो अत्यंत आकर्षक और भव्य है। मंदिर परिसर से गंगा नदी का अद्भुत दृश्य दिखता है, जहाँ भक्त स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। यह स्थान साधना, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए भी अत्यंत उपयुक्त है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

नाग वासुकी मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में दारागंज घाट पर स्थित है। दारागंज प्रयागराज का एक प्राचीन क्षेत्र है, जो गंगा नदी के तट पर बसा हुआ है। यह स्थान अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है।

  • निकटतम प्रमुख शहर: प्रयागराज (इलाहाबाद) शहर के अंतर्गत।
  • रेल मार्ग: प्रयागराज जंक्शन (जंक्शन) और प्रयागराज रामबाग स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। यहाँ से दारागंज घाट टैक्सी या ऑटो द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • सड़क मार्ग: प्रयागराज शहर सड़क मार्ग द्वारा देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। दारागंज घाट शहर के मुख्य भागों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज हवाई अड्डा (IXD) है, जो शहर से लगभग 12-15 किलोमीटर दूर है।
🏞️

दारागंज घाट, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

त्रिवेणी संगम से दूरी: ~3-4 किमी
प्रयागराज जंक्शन से दूरी: ~6 किमी

📜 पौराणिक कथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नागराज वासुकी हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय हैं। वे कश्यप ऋषि और कद्रू के पुत्र हैं तथा नागों के राजा हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान वासुकी नाग ने स्वयं को रस्सी के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे देवताओं और असुरों ने मंथन किया। इस महान सेवा के फलस्वरूप उन्हें भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ और वे भगवान शिव के गले में सदा के लिए विराजमान हो गए।

प्रयागराज के दारागंज घाट पर यह मंदिर उसी पौराणिक महत्व को दर्शाता है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहाँ नाग वासुकी ने तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप यह स्थान पवित्र हो गया। तब से यहाँ नाग देवता की पूजा होती आ रही है। मंदिर के गर्भगृह में सात फन वाली नाग वासुकी की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो अद्भुत शिल्प कौशल का उदाहरण है।

दारागंज घाट का भी ऐतिहासिक महत्व है। यह घाट प्रयागराज के प्राचीन घाटों में से एक है, जहाँ गंगा नदी का प्रवाह अत्यंत मनोहारी है। यहाँ स्नान करने से नाग दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

🐍

"समुद्र मंथन के नायक वासुकी नाग"

मान्यता: यहाँ सच्चे मन से नाग वासुकी की पूजा करने से कालसर्प दोष, नाग दोष और सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।

🏛️ मंदिर की वास्तुकला एवं मुख्य आकर्षण

🐍 नाग वासुकी की सात फन वाली भव्य मूर्ति

मंदिर का प्रमुख आकर्षण नाग वासुकी की सात फन वाली विशाल मूर्ति है। यह मूर्ति काले पत्थर से निर्मित है और इसकी सात फैली हुई फनें भक्तों को आकर्षित करती हैं। प्रत्येक फन पर सूक्ष्म नक्काशी की गई है, जो कलाकार की कुशलता को दर्शाती है।

🏞️ गंगा तट का अद्भुत दृश्य

मंदिर दारागंज घाट पर स्थित है, जहाँ से गंगा नदी का अत्यंत मनोरम दृश्य दिखता है। भक्त मंदिर में दर्शन के बाद घाट पर स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। सूर्यास्त के समय गंगा पर बिखरी किरणों का दृश्य अद्भुत होता है।

🕯️ नाग पंचमी का विशेष श्रृंगार

प्रत्येक वर्ष नाग पंचमी के दिन यहाँ विशेष उत्सव मनाया जाता है। इस दिन नाग वासुकी की मूर्ति को दूध, दही, घी, शहद और चीनी से अभिषेक किया जाता है, फिर वस्त्र, आभूषण और फूलों से सजाया जाता है। हजारों भक्त इस अवसर पर दर्शन करने आते हैं।

✨ धार्मिक अनुष्ठान एवं मान्यताएँ

  • कालसर्प दोष निवारण: मान्यता है कि यहाँ नाग वासुकी की पूजा करने और विशेष अनुष्ठान कराने से कालसर्प दोष का नाश होता है।
  • नाग दोष शांति: यदि कुंडली में नाग दोष हो, तो यहाँ दूध-चावल चढ़ाने और नाग वासुकी की आराधना से दोष शांत होता है।
  • संतान प्राप्ति: जो दंपत्ति संतान सुख की कामना करते हैं, वे यहाँ नाग देवता की पूजा करते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा अर्पित करते हैं।
  • सर्प भय से मुक्ति: सर्पदंश के भय से मुक्ति के लिए भी यहाँ विशेष पूजा की जाती है।
  • गंगा स्नान का पुण्य: मंदिर के बाद घाट पर गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🎶 नाग वासुकी की आरती एवं प्रार्थना मंत्र (Lyrics)

🐍 नाग वासुकी मंत्र

ॐ वासुकिराजाय नमः।
ॐ नागराजाय विद्महे, सर्परूपाय धीमहि, तन्नो वासुकिः प्रचोदयात्।


🪔 नाग वासुकी आरती

ॐ जय नाग वासुकी, हर हर जय नाग वासुकी।
भोले के गले सोहे, देवन के पूज्य।
समुद्र मंथन में जिन्होंने, रस्सी का दिया साथ।
सात फनों से रक्षा करो, भक्तों का सब काज।
ॐ जय नाग वासुकी...

इस आरती का नियमित पाठ करने से सभी विघ्नों का नाश होता है और नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

🐍

नाग पंचमी

यहाँ का सबसे भव्य त्योहार। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को विशेष पूजा, अभिषेक और भव्य श्रृंगार होता है। हजारों भक्त दर्शन करते हैं।

🌊

गंगा दशहरा

ज्येष्ठ माह के शुक्ल दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस दिन घाट पर विशेष गंगा पूजा और आरती का आयोजन होता है।

🕯️

देव दीपावली

कार्तिक पूर्णिमा के दिन घाट और मंदिर को दीपों से सजाया जाता है। गंगा आरती का विशेष आयोजन होता है।

🏞️ आस-पास के दर्शनीय स्थल (Nearby Attractions)

  • त्रिवेणी संगम: गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम, जहाँ कुंभ मेला लगता है। (लगभग 3-4 किमी)
  • अल्लाहाबाद किला: अशोक स्तंभ और अक्षयवट वृक्ष सहित ऐतिहासिक किला। (लगभग 4 किमी)
  • हनुमान मंदिर (संगम तट): विश्व प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर। (लगभग 3 किमी)
  • आनंद भवन: नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक संग्रहालय। (लगभग 6 किमी)
  • शंकर विमान मंडपम्: विशाल शिव मंदिर और संस्कृत विद्यापीठ। (लगभग 8 किमी)
  • चंद्रशेखर आज़ाद पार्क: स्वतंत्रता सेनानी आज़ाद का स्मारक। (लगभग 5 किमी)
  • प्रयागराज संग्रहालय: प्राचीन मूर्तियाँ और कलाकृतियाँ। (लगभग 6 किमी)
📌 यात्रा टिप: नाग वासुकी मंदिर के दर्शन के बाद त्रिवेणी संगम पर नाव से भ्रमण अवश्य करें। सुबह के समय यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत और पवित्र होता है।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

यहाँ यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, जिससे घाट पर टहलना और मंदिर दर्शन सुखद होता है। नाग पंचमी (जुलाई-अगस्त) में यहाँ विशेष धूम रहती है, लेकिन भीड़ अधिक होती है।

📝 यात्रा सुझाव

  • सुबह जल्दी दर्शन करें, वातावरण शांत रहता है।
  • गंगा स्नान के बाद ही मंदिर में प्रवेश करें।
  • नाग पंचमी के दिन भीड़ को देखते हुए समय से पहुंचें।
  • मंदिर के पास दूध, दही, चावल, फूल आसानी से मिल जाते हैं।
  • घाट पर पैरों में चप्पल अवश्य रखें, फिसलन हो सकती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: नाग वासुकी मंदिर कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह मंदिर प्रयागराज के दारागंज घाट पर गंगा नदी के तट पर स्थित है।

प्रश्न 2: यहाँ किस देवता की पूजा होती है?

उत्तर: यहाँ नागराज वासुकी की पूजा होती है, जो भगवान शिव के गले में विराजमान हैं और समुद्र मंथन के नायक हैं।

प्रश्न 3: यहाँ का सबसे बड़ा त्योहार कौन सा है?

उत्तर: नाग पंचमी यहाँ का सबसे भव्य त्योहार है। इस दिन विशेष पूजा, अभिषेक और श्रृंगार होता है।

प्रश्न 4: क्या यहाँ नाग दोष निवारण की व्यवस्था है?

उत्तर: हाँ, मंदिर में पुजारी द्वारा नाग दोष निवारण हेतु विशेष अनुष्ठान कराए जाते हैं।

प्रश्न 5: मंदिर के दर्शन का समय क्या है?

उत्तर: मंदिर प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक खुला रहता है। आरती सुबह 7:00 बजे और शाम 7:00 बजे होती है।

प्रश्न 6: प्रयागराज कैसे पहुँचा जा सकता है?

उत्तर: प्रयागराज रेल, सड़क और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज हवाई अड्डा है।

📝 नाग वासुकी मंदिर की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट प्रयागराज में स्थित एक ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ आध्यात्मिकता, पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह मंदिर न केवल नाग दोष निवारण का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यहाँ गंगा स्नान और नाग वासुकी के दर्शन से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

यदि आप प्रयागराज आते हैं, तो त्रिवेणी संगम के साथ-साथ इस अद्भुत नाग मंदिर के दर्शन अवश्य करें। नाग पंचमी के अवसर पर यहाँ का वातावरण अलौकिक हो जाता है। मंदिर की सात फन वाली मूर्ति, गंगा का शांत प्रवाह, और यहाँ के पौराणिक इतिहास का अनुभव आपको जीवन भर याद रहेगा।

🐍 ॐ नागराज वासुकी नमः ।। नाग दोष निवारणाय ।। हर हर महादेव ।।

🐍 नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज
गंगा तट पर नाग देवता का पवित्र धाम

सनातन संस्कृति के विभिन्न त्यौहारों, व्रत और व्रत कथाओं की सटीक जानकारी के लिए हमारे सनातन कैलेंडर २०२६ का अवलोकन करें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 22 Mar 2026

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