पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्रद्धा और सबूरी का पवित्र धाम

1,106 दर्शनार्थी
Prayagraj, Uttar Pradesh
प्रकाशित: 22 Mar 2026
दर्शन व इतिहास पढ़ें
मुख्य आराध्य देव
Sai Baba
दर्शन समय सारिणी
Kakad Aarti: 4:30 AM, Madhyan Aarti: 12:00 PM, Dhup Aarti: 6:30 PM (Summer) / 5:30 PM (Winter), Shej Aarti: 9:30 PM
नित्य आरती समय
Kakad Aarti: 4:30 AM, Madhyan Aarti: 12:00 PM, Dhup Aarti: 6:30 PM, Shej Aarti: 9:30 PM
स्थान / नगर
Prayagraj, Uttar Pradesh
आराध्य देव
Sai Baba
दर्शन समय
Kakad Aarti: 4:30 AM, Madhyan Aarti: 12:00 PM, Dhup Aarti: 6:30 PM (Summer) / 5:30 PM (Winter), Shej Aarti: 9:30 PM
आरती समय
Kakad Aarti: 4:30 AM, Madhyan Aarti: 12:00 PM, Dhup Aarti: 6:30 PM, Shej Aarti: 9:30 PM
स्थान / धाम
Shri Shirdi Sai Baba Mandir, Civil Lines, Prayagraj, Uttar Pradesh
अक्षर आकार:
पठन थीम:

🙏 श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज

श्रद्धा और सबूरी का पवित्र धाम (Shri Shirdi Sai Baba Temple, Civil Lines, Prayagraj)

संगम नगरी प्रयागराज के हृदय में स्थित आस्था का केंद्र

🌟 परिचय: श्री साईं बाबा मंदिर का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज (इलाहाबाद) के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का एक प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ का शांत और सकारात्मक वातावरण भक्तों को साईं बाबा की शरण में ले जाता है।

यह मंदिर शहर की व्यस्तता से दूर, सिविल लाइन्स के शांत इलाके में स्थित है, जहाँ भक्तगण नियमित रूप से दर्शन करने आते हैं। यहाँ का वातावरण पूरी तरह से साईं भक्ति में रमा होता है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और भंडारे का आयोजन होता है, जो इसे एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र बनाता है।

शिर्डी साईं बाबा के अनुयायियों के लिए यह मंदिर श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का प्रतीक है। यह स्थान हर उम्र के भक्तों को साईं बाबा के दर्शन और उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करता है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

यह मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित है। प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था, गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के लिए प्रसिद्ध है।

  • निकटतम प्रमुख स्थान: प्रयागराज जंक्शन और संगम क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
  • रेल मार्ग: प्रयागराज जंक्शन (इलाहाबाद) देश के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। स्टेशन से मंदिर तक ऑटो, टैक्सी या सिटी बस आसानी से मिल जाती है।
  • सड़क मार्ग: प्रयागराज सड़क मार्ग द्वारा भी अच्छी तरह से जुड़ा है। वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और अन्य शहरों से बसें और टैक्सियाँ नियमित रूप से चलती हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज का बमरौली हवाई अड्डा (IXD) है, जो शहर से लगभग 12-15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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सिविल लाइन्स, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

प्रयागराज जंक्शन से दूरी: ~3-4 किमी
संगम स्थल से दूरी: ~5-6 किमी

🏛️ मंदिर की वास्तुकला और मुख्य आकर्षण

🙏 साईं बाबा की मूर्ति

मंदिर के गर्भगृह में शिर्डी साईं बाबा की संगमरमर से निर्मित भव्य प्रतिमा स्थापित है। बाबा की मूर्ति सफेद संगमरमर से बनी है और उनके शांत और करुणामय स्वरूप को दर्शाती है। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मन्नत बाबा पूरी करते हैं।

✨ ध्वजा स्तंभ और दीप स्तंभ

मंदिर प्रांगण में एक ऊंचा ध्वजा स्तंभ और दीप स्तंभ स्थापित है, जो मंदिर की शोभा बढ़ाते हैं। यहाँ विशेष अवसरों पर दीपों की सुंदर सज्जा की जाती है।

🌿 शांत और स्वच्छ परिसर

मंदिर का परिसर स्वच्छ, सुंदर और शांत है। यहाँ बैठने की उचित व्यवस्था है, जहाँ भक्त ध्यान लगा सकते हैं या बस शांति से समय बिता सकते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

📚 साईं साहित्य और प्रसाद

मंदिर परिसर में एक छोटी सी पुस्तिका वितरण केंद्र है, जहाँ से साईं सच्चरित्र और अन्य धार्मिक पुस्तकें निःशुल्क या न्यूनतम मूल्य पर प्राप्त की जा सकती हैं। यहाँ प्रतिदिन प्रसाद का वितरण भी किया जाता है।

🕯️ पूजा-आरती और आध्यात्मिक क्रियाएं

श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर में दैनिक आरती और विशेष पूजाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। आरती के समय मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भर जाता है और पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

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काकड़ आरती (सुबह)

समय: सुबह 4:30 - 5:00 बजे

सुबह की पहली आरती, जो मंदिर के द्वार खुलने के साथ ही होती है। यह आरती बाबा को जगाने का प्रतीक मानी जाती है।

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मध्याह्न आरती

समय: दोपहर 12:00 बजे

दोपहर की आरती, जिसमें भोग लगाया जाता है। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है।

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धूप आरती (शाम)

समय: शाम 6:30 बजे (गर्मियों में) / 5:30 बजे (सर्दियों में)

शाम की धूप आरती बाबा की महिमा का गुणगान करने वाली आरती है।

🪔

शयन आरती (रात)

समय: रात 9:30 बजे

दिन की अंतिम आरती, जिसके बाद बाबा का शयन किया जाता है और मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।

इन आरतियों के अलावा, गुरुवार के दिन विशेष रूप से साईं बाबा की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन मंदिर में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जाता है।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएं

  • ✅ श्रद्धा और सबूरी: साईं बाबा ने अपने जीवन में श्रद्धा (विश्वास) और सबूरी (धैर्य) का महत्व बताया। यह मंदिर इन्हीं दो गुणों का प्रतीक है।
  • ✅ मनोकामना पूर्ति: ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से बाबा के सामने मांगी गई कोई भी मन्नत पूरी होती है।
  • ✅ सभी धर्मों का सम्मान: साईं बाबा की शिक्षाएं सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना रखती हैं। यह मंदिर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है।
  • ✅ सकारात्मक ऊर्जा: मंदिर का शांत और स्वच्छ वातावरण मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
  • ✅ दुखों का नाश: भक्तों का विश्वास है कि बाबा अपने भक्तों के सभी दुखों को दूर करते हैं और उनके जीवन में सुख-शांति लाते हैं।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

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साईं बाबा पुण्यतिथि (विजयादशमी)

विजयादशमी के दिन बाबा की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस अवसर पर तीन दिवसीय उत्सव का आयोजन होता है, जिसमें भव्य सजावट, भंडारे और विशेष आरतियाँ होती हैं।

🪔

गुरुपूर्णिमा

गुरु के सम्मान में मनाया जाने वाला यह पर्व साईं बाबा मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दिन विशेष पूजा और सत्संग का आयोजन होता है।

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राम नवमी

राम नवमी के दिन भी मंदिर में विशेष आयोजन किए जाते हैं, क्योंकि बाबा को भगवान राम का अनन्य भक्त माना जाता है।

🏞️ आस-पास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • त्रिवेणी संगम: गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम स्थल, जहाँ कुंभ और अर्धकुंभ मेले लगते हैं। यहाँ से लगभग 5-6 किमी दूर।
  • अल्फ्रेड पार्क (चंद्रशेखर आज़ाद पार्क): ऐतिहासिक पार्क, जहाँ वीर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद ने शहादत पाई थी।
  • आनंद भवन: नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक घर, जो अब एक संग्रहालय है।
  • इलाहाबाद किला: सम्राट अकबर द्वारा निर्मित भव्य किला, जिसमें अशोक स्तंभ स्थित है।
  • हनुमान मंदिर (संगम के पास): लेटे हुए हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर, जो संगम क्षेत्र में स्थित है।
  • स्वराज भवन: नेहरू परिवार का पुराना निवास, जो अब एक संग्रहालय है।
  • थॉर्नहिल मेमोरियल: गोथिक शैली में बना ऐतिहासिक गिरजाघर।
📌 यात्रा टिप: श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर के दर्शन के बाद आप संगम स्नान, आनंद भवन और इलाहाबाद किला आसानी से देख सकते हैं, क्योंकि ये सभी स्थल सिविल लाइन्स और आसपास के क्षेत्र में ही स्थित हैं।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

प्रयागराज की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना और ठंडा रहता है, जिससे मंदिर दर्शन और शहर घूमना सुखद रहता है।

  • शीत ऋतु (अक्टूबर-फरवरी): यात्रा के लिए आदर्श।
  • गुरुवार: यदि आप विशेष भीड़ और आयोजन देखना चाहें तो गुरुवार का दिन सबसे अच्छा है।

📝 यात्रा सुझाव

  • सुबह काकड़ आरती या शाम की धूप आरती में शामिल होने के लिए समय पर पहुंचें।
  • गुरुवार के दिन अधिक भीड़ होती है, इसलिए दर्शन के लिए अतिरिक्त समय रखें।
  • मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें और नियमों का पालन करें।
  • साईं बाबा के भक्तों के लिए यहाँ से "साईं सच्चरित्र" पुस्तक अवश्य प्राप्त करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) शहर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित है।

प्रश्न 2: मंदिर में आरती का समय क्या है?

उत्तर: काकड़ आरती सुबह 4:30 बजे, मध्याह्न आरती 12:00 बजे, धूप आरती शाम 6:30 बजे (गर्मियों में) और शयन आरती रात 9:30 बजे होती है।

प्रश्न 3: क्या यहाँ कोई प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है। दर्शन निःशुल्क हैं।

प्रश्न 4: यहाँ दर्शन करने का सबसे अच्छा दिन कौन सा है?

उत्तर: गुरुवार का दिन साईं बाबा की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन मंदिर में विशेष सजावट और आयोजन होते हैं।

प्रश्न 5: क्या यहाँ भंडारे का आयोजन होता है?

उत्तर: हाँ, प्रत्येक गुरुवार को सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा विशेष अवसरों पर भी भंडारे होते हैं।

प्रश्न 6: मंदिर के पास रुकने की व्यवस्था कैसी है?

उत्तर: सिविल लाइन्स और आसपास के क्षेत्र में कई होटल, धर्मशालाएँ और लॉज उपलब्ध हैं। प्रयागराज जंक्शन के पास भी आवास की सुविधा है।

📝 श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज एक ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ श्रद्धालु साईं बाबा की दिव्य उपस्थिति को महसूस कर सकते हैं। यह मंदिर न केवल शहर के मध्य में स्थित होने के कारण सुलभ है, बल्कि यहाँ की नियमित आरतियाँ, भजन-कीर्तन और भंडारे इसे एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र बनाते हैं।

यह स्थान उन सभी के लिए एक आदर्श यात्रा स्थल है जो शहर की व्यस्तता से दूर, एक शांत और भक्तिमय वातावरण में साईं बाबा के दर्शन करना चाहते हैं। साईं बाबा की शिक्षाएँ – "सबका मालिक एक" और "श्रद्धा-सबूरी" – हर किसी के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।

🙏 सबका मालिक एक ।। जय साईं राम ।।

🙏 श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज
श्रद्धा और सबूरी का पवित्र धाम

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तीर्थ यात्रा विधि

मंदिर दर्शन व पूजा के 4 सरल चरण

प्रभु के अलौकिक दर्शन का पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु आवश्यक नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व पवित्र भाव से स्नान कर सात्विक वस्त्र धारण करें।

२. आरती समय ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय उपस्थित होकर दर्शन करें।

३. नैवेद्य व अर्पण

तुलसी, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य श्रद्धापूर्वक प्रभु चरणों में अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से प्रभु का ध्यान करें।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

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