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प्रामाणिक मंदिर विवरण

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज - Hanumat Niketan: श्री हनुमान जी का दिव्य मंदिर | आस्था, भक्ति और हनुमान चालीसा का संगम

694 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 22 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Hanuman आराध्य देव
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन समय
मंगला आरती: 5:00 AM, श्रृंगार आरती: 7:00 AM, भोग आरती: 12:00 PM, संध्या आरती: 7:00 PM, शयन आरती: 9:00 PM आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Hanuman
दर्शन समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
आरती समय मंगला आरती: 5:00 AM, श्रृंगार आरती: 7:00 AM, भोग आरती: 12:00 PM, संध्या आरती: 7:00 PM, शयन आरती: 9:00 PM
स्थान / पता Hanumat Niketan, Civil Lines, Prayagraj, Uttar Pradesh
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज

श्री हनुमान जी का दिव्य मंदिर – आस्था, शक्ति और भक्ति का अद्भुत केंद्र (Hanumat Niketan, Civil Lines, Prayagraj)

संगम नगरी प्रयागराज के हृदय स्थल में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर

🌟 परिचय: हनुमत निकेतन का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज (इलाहाबाद) के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित हनुमत निकेतन श्री हनुमान जी का एक प्रमुख और अत्यंत भव्य मंदिर है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्थान का भी प्रतीक है।

संगम नगरी की धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर का विशेष स्थान है। यहाँ नियमित रूप से हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ, और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। मंदिर का वातावरण अत्यंत शांतिपूर्ण है, जो भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल प्रदान करता है।

मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने से संकट टल जाते हैं, बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है। यह मंदिर प्रयागराज आने वाले हर भक्त और पर्यटक के दर्शन स्थलों की सूची में अवश्य शामिल होता है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

हनुमत निकेतन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के सिविल लाइन्स इलाके में स्थित है। यह क्षेत्र शहर का मुख्य व्यवसायिक एवं आवासीय क्षेत्र है, जो सभी प्रमुख सड़कों और परिवहन साधनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

  • रेल मार्ग: प्रयागराज जंक्शन (इलाहाबाद) निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो लगभग 4-5 किमी दूर है। यहाँ से ऑटो, टैक्सी या सिटी बस द्वारा मंदिर पहुंचा जा सकता है।
  • सड़क मार्ग: प्रयागराज शहर उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। सिविल लाइन्स बस स्टैंड से मंदिर पैदल या ऑटो द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज हवाई अड्डा (बमरौली) है, जो लगभग 12-15 किमी दूर है। वहाँ से टैक्सी/कैब द्वारा मंदिर पहुंचा जा सकता है।
🗺️

सिविल लाइन्स, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

प्रयागराज जंक्शन से दूरी: ~4 किमी
हवाई अड्डे से दूरी: ~12 किमी

📖 हनुमान चालीसा के पवित्र अंश – श्री हनुमान जी की महिमा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेस विकार॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।
रामदूत अतुलित बल धामा,
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

महावीर विक्रम बजरंगी,
कुमति निवार सुमति के संगी।
कंचन बरन बिराज सुबेसा,
कानन कुंडल कुँचित केसा॥

हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै,
काँधे मूँज जनेऊ साजै।
शंकर सुवन केसरी नंदन,
तेज प्रताप महा जग वंदन॥

॥ दोहा ॥
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

इन पवित्र चौपाइयों का नियमित पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और बल, बुद्धि एवं विद्या की प्राप्ति होती है।

🏛️ मंदिर की भव्य वास्तुकला एवं विशेषताएँ

🙏 विशाल प्रांगण और सुंदर मूर्तियाँ

हनुमत निकेतन का प्रांगण काफी विशाल है। मुख्य गर्भगृह में श्री हनुमान जी की भव्य प्रतिमा विराजमान है, जो अपने तेजस्वी रूप और अद्भुत शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की दीवारों पर रामायण के दृश्यों की सुंदर नक्काशी और चित्रण किया गया है।

🌿 शांत एवं सुरभित वातावरण

मंदिर परिसर में सुंदर उद्यान, फूलों की क्यारियाँ और धूप-अगरबत्ती की सुगंध भक्तों को एक अलौकिक अनुभव प्रदान करती है। यहाँ बैठकर ध्यान और मंत्र जाप करने का अपना ही आनंद है।

🕉️ हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ

यहाँ प्रतिदिन सुबह-शाम हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया जाता है। मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से भारी संख्या में भक्त उपस्थित होते हैं और सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन करते हैं।

🎵 भजन-कीर्तन एवं प्रवचन

मंदिर में समय-समय पर भजन संध्या, रामकथा एवं हनुमान जी की लीलाओं पर प्रवचन आयोजित किए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएँ

  • संकट मोचन: हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है। यहाँ सच्चे मन से प्रार्थना करने से सभी प्रकार के कष्ट, भय और ग्रह बाधाएँ दूर होती हैं।
  • बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति: नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की आराधना करने से शारीरिक बल, मानसिक बुद्धि और विद्या में वृद्धि होती है।
  • मंगलवार एवं शनिवार का विशेष महत्व: इन दिनों हनुमान जी की पूजा का विशेष फल मिलता है। मंदिर में इन दिनों विशेष सजावट और भंडारे का आयोजन किया जाता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: मंदिर का वातावरण अत्यंत सात्विक है। यहाँ आने से मन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास का संचार होता है।

🎉 प्रमुख त्योहार एवं विशेष आयोजन

🎊

हनुमान जयंती

यहाँ का सबसे भव्य त्योहार। चैत्र पूर्णिमा के दिन विशेष शोभायात्रा, रात्रि जागरण, भंडारा और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन होता है।

📖

सुंदरकांड पाठ सप्ताह

वर्ष में एक बार विशेष सुंदरकांड पाठ सप्ताह आयोजित किया जाता है, जिसमें हजारों भक्त प्रतिदिन पाठ में भाग लेते हैं।

🪔

राम नवमी एवं दीपावली

राम नवमी और दीपावली के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और विशेष आरती का आयोजन होता है।

⏰ दर्शन समय एवं आरती कार्यक्रम

🕛 दर्शन समय

  • सुबह: 5:00 बजे से 12:00 बजे तक
  • शाम: 4:00 बजे से 9:00 बजे तक
  • विशेष अवसरों पर समय में विस्तार किया जाता है।

🎵 आरती समय

  • मंगला आरती: सुबह 5:00 बजे
  • श्रृंगार आरती: सुबह 7:00 बजे
  • भोग आरती: दोपहर 12:00 बजे
  • संध्या आरती: शाम 7:00 बजे
  • शयन आरती: रात 9:00 बजे

🏞️ आस-पास के दर्शनीय स्थल

  • संगम त्रिवेणी: गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम, लगभग 6-7 किमी दूर।
  • अल्लाहाबाद किला: ऐतिहासिक किला, जिसमें अशोक स्तंभ और अक्षयवट स्थित हैं।
  • आनंद भवन: नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक संग्रहालय।
  • श्री बड़ा हनुमान जी मंदिर: संगम के निकट स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर।
  • चंद्रशेखर आज़ाद पार्क: शहीद-ए-आज़म की स्मृति में स्थित पार्क।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय एवं सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

प्रयागराज की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। हनुमान जयंती (मार्च-अप्रैल) और मंगलवार/शनिवार के दिन विशेष आयोजन होते हैं।

📝 यात्रा सुझाव

  • सुबह या शाम के समय दर्शन करें, भीड़ कम रहती है।
  • हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ साथ ले जाएँ और यहाँ बैठकर पाठ करें।
  • मंगलवार/शनिवार को विशेष भंडारे का लाभ उठा सकते हैं।
  • मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें और फोटोग्राफी के नियमों का पालन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: हनुमत निकेतन कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित है।

प्रश्न 2: मंदिर के दर्शन का समय क्या है?

उत्तर: सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक।

प्रश्न 3: यहाँ कौन-कौन से विशेष आयोजन होते हैं?

उत्तर: प्रतिदिन हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ, हनुमान जयंती पर शोभायात्रा, राम नवमी, दीपावली आदि पर विशेष आयोजन।

प्रश्न 4: क्या मंदिर में प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: नहीं, मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।

प्रश्न 5: क्या मंदिर परिसर में भोजन/प्रसाद की व्यवस्था है?

उत्तर: हाँ, मंदिर में प्रसाद वितरण की व्यवस्था है, और विशेष अवसरों पर भंडारे का आयोजन होता है।

🙏 हनुमत निकेतन की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज श्री हनुमान जी की आराधना का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ आने से मन को शांति, शरीर को ऊर्जा और आत्मा को संतोष की प्राप्ति होती है। मंदिर की नियमित आरतियाँ, पाठ और भजन-कीर्तन भक्तों को एक अलौकिक अनुभव प्रदान करते हैं।

यदि आप प्रयागराज आएँ, तो इस दिव्य मंदिर के दर्शन अवश्य करें। यहाँ की सात्विक ऊर्जा और हनुमान जी की कृपा आपके जीवन को सकारात्मकता से भर देगी।

🙏 जय श्री राम ।। जय हनुमान ।।

🙏 हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज
श्री हनुमान जी का दिव्य मंदिर – आस्था, भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम

संकटमोचन बजरंगबली के पावन चालीसा, अष्टक और मंगलवार आराधना विधि के लिए हनुमान साधना कक्ष अवश्य देखें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 22 Mar 2026

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