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प्रामाणिक मंदिर विवरण

हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम | Hanuman Mandir Gyanpur Bhadohi: A Sacred Abode of Strength and Devotion

534 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 23 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Hanuman आराध्य देव
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन समय
सुबह आरती: 5:30 बजे, संध्या आरती: 7:00 बजे (मंगलवार/शनिवार को विशेष आरती) आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Hanuman
दर्शन समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
आरती समय सुबह आरती: 5:30 बजे, संध्या आरती: 7:00 बजे (मंगलवार/शनिवार को विशेष आरती)
स्थान / पता Hanuman Mandir, Gyanpur, Bhadohi, Uttar Pradesh
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर

शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम (Hanuman Mandir, Gyanpur)

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित एक प्राचीन एवं भव्य हनुमान मंदिर

🌟 परिचय: हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर का आध्यात्मिक महत्व

उत्तर प्रदेश के जिला भदोही के ज्ञानपुर नगर में स्थित हनुमान मंदिर भगवान श्री हनुमान को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन, प्रतिष्ठित और शक्तिपीठ के रूप में विख्यात धार्मिक स्थल है। यह मंदिर न केवल स्थानीय भक्तों के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था, शक्ति और संकटमोचन का प्रमुख केंद्र है।

यहाँ का वातावरण भक्ति-भावना से ओतप्रोत है। नियमित रूप से होने वाली आरती, हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का आयोजन और मंगलवार एवं शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना भक्तों के मन को अभूतपूर्व शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। मान्यता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करने से संकट दूर होते हैं, मनोबल बढ़ता है और जीवन में साहस एवं आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के जिला भदोही के ज्ञानपुर नगर में स्थित है। ज्ञानपुर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र है, जो प्राचीन काल से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

  • निकटतम प्रमुख शहर: वाराणसी (लगभग 40 किमी), इलाहाबाद (प्रयागराज) – लगभग 90 किमी
  • रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन ज्ञानपुर रोड (GYN) है, जो कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों से जुड़ा है। प्रमुख शहरों से अच्छी कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
  • सड़क मार्ग: ज्ञानपुर सड़क मार्ग द्वारा वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर और आसपास के शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन की बसें और निजी टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 45 किमी की दूरी पर स्थित है।
🗺️

ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश

वाराणसी से दूरी: ~40 किमी
प्रयागराज से दूरी: ~90 किमी

📜 पौराणिक कथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर का इतिहास कई सौ वर्ष पुराना है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल कभी महान संतों और योगियों की तपोभूमि रहा है। कहा जाता है कि एक प्राचीन संत को यहाँ भगवान हनुमान ने स्वप्न में दर्शन दिए और इस स्थान पर उनकी भव्य मूर्ति स्थापित करने का आदेश दिया। संत ने यहाँ खुदाई करवाई तो एक अद्भुत, चमत्कारी और आकर्षक मूर्ति प्राप्त हुई, जो आज मंदिर के गर्भगृह में विराजमान है।

यह मूर्ति भगवान हनुमान को “संकटमोचन” और “बजरंगबली” के स्वरूप में दर्शाती है। मूर्ति की दिव्य छटा और मुख पर विद्यमान साहसिक मुद्रा भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है। समय के साथ, स्थानीय लोगों और राजाओं के सहयोग से इस मंदिर का विस्तार हुआ और यह क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल बन गया। आज भी यहाँ प्राचीन काल की कई धार्मिक परंपराएँ निभाई जाती हैं, जो इसकी गौरवशाली विरासत को दर्शाती हैं।

किवदंती है कि इस मंदिर में स्थित हनुमान जी की मूर्ति स्वयंभू है और यहाँ नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों की मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं।

🕊️

“जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर”

— श्री हनुमान चालीसा

मान्यता: यहाँ आकर हनुमान जी का सच्चे मन से स्मरण करने से संकटों का नाश होता है, बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है।

🏛️ भव्य वास्तुकला और मुख्य आकर्षण

🙏 आकर्षक मूर्ति और नक्काशी

हनुमान मंदिर की वास्तुकला उत्तर भारतीय शैली में निर्मित है, जिसमें सुंदर नक्काशी, चित्रकारी और भव्य शिखर देखने को मिलते हैं। गर्भगृह में भगवान हनुमान की विशाल मूर्ति विराजमान हैं, जिनके दोनों ओर राम-सीता की प्रतिमाएँ स्थापित हैं। मूर्ति का रंग सिंदूरी और आकर्षक है, जो भक्तों के हृदय में भक्ति का संचार करता है।

🎨 भित्ति चित्र और सजावट

मंदिर की दीवारों पर रामायण की प्रमुख घटनाओं और हनुमान जी की लीलाओं को दर्शाने वाले रंगीन चित्र बने हैं। मंगलवार और शनिवार को मंदिर को विशेष रूप से फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया जाता है।

🌳 शांत परिसर और वाटिका

मंदिर का विशाल प्रांगण हरियाली से परिपूर्ण है। यहाँ एक सुंदर वाटिका है, जहाँ भक्त बैठकर ध्यान, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन का आनंद ले सकते हैं। परिसर में स्थित पीपल का वृक्ष और तुलसी की चौबारी विशेष आकर्षण का केंद्र है।

🧘 भक्ति, योग और सत्संग का केंद्र – हनुमान चालीसा एवं भजन

हनुमान मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक जागरण का जीवंत केंद्र भी है। यहाँ नियमित रूप से:

🎵

हनुमान चालीसा

प्रतिदिन संध्या को हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है। मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का आयोजन होता है।

📖

रामायण पाठ

वर्ष में कई बार रामचरितमानस का पाठ और सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता करते हैं।

🧘‍♀️

योग और ध्यान

प्रातःकाल मंदिर परिसर में योग और ध्यान शिविर लगाए जाते हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

🙏 प्रसिद्ध हनुमान भजन (अंश)

“बजरंग बली की जय हो, जय हनुमान जी की जय हो।
संकट हरो, मंगल करो, जय हनुमान जी की जय हो।”

“आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।”

ये सभी क्रियाएँ भक्तों को आंतरिक शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे उनका जीवन आनंदमय हो जाता है।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएं

  • संकटमोचन: मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करने से कष्टों का नाश होता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
  • बल, बुद्धि और विद्या की वृद्धि: यहाँ चालीसा का पाठ करने से बुद्धि तेज होती है, विद्या में सफलता मिलती है।
  • रक्षा कवच: हनुमान जी को भय से मुक्ति देने वाला माना जाता है। यहाँ प्रार्थना करने से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
  • मंगलकारी: मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
  • रोग निवारण: कई भक्तों ने अनुभव किया है कि यहाँ पूजा करने और चरणामृत ग्रहण करने से शारीरिक एवं मानसिक रोगों में राहत मिलती है।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

🎂

हनुमान जयंती

चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती का भव्य आयोजन होता है। इस दिन विशेष अभिषेक, महाआरती, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

📿

मंगलवार / शनिवार व्रत

प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का आयोजन होता है। हजारों भक्त इन दिनों दर्शन के लिए आते हैं।

🪔

रामनवमी

रामनवमी के अवसर पर मंदिर में भव्य शोभायात्रा और रामायण पाठ का आयोजन किया जाता है।

🎨

दिवाली – संकटमोचन दीपदान

दिवाली के दिन मंदिर में हजारों दीपक जलाए जाते हैं, जिससे परिसर अलौकिक लगता है।

🏞️ आस-पास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • वाराणसी (काशी): विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, सारनाथ – लगभग 40 किमी।
  • प्रयागराज (इलाहाबाद): त्रिवेणी संगम, अल्फ्रेड पार्क, हनुमान मंदिर, आनंद भवन – लगभग 90 किमी।
  • मिर्जापुर: विंध्याचल मंदिर, सीताकुंड, आशापुरी देवी मंदिर – लगभग 70 किमी।
  • भदोही (संत रविदास नगर): संत रविदास जी की जन्मस्थली, सीतामढ़ी – लगभग 20 किमी।
  • ज्ञानपुर के अन्य मंदिर: शहर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर भी दर्शनीय हैं।
📌 यात्रा टिप: वाराणसी या प्रयागराज की यात्रा के साथ आप हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर की यात्रा भी आसानी से कर सकते हैं। यहाँ से वाराणसी और भदोही के धार्मिक स्थल एक ही दिन में देखे जा सकते हैं।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

ज्ञानपुर में यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। हनुमान जयंती (मार्च-अप्रैल) और मंगलवार/शनिवार के दिन यहाँ विशेष आयोजन होते हैं।

  • शीत ऋतु (अक्टूबर-फरवरी): यात्रा के लिए आदर्श।
  • हनुमान जयंती (चैत्र पूर्णिमा): यदि आप त्योहारी धूम देखना चाहें तो यह समय सर्वोत्तम है।

📝 यात्रा सुझाव

  • मंदिर सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है।
  • शाम की आरती (लगभग 7:00 बजे) और मंगलवार/शनिवार की विशेष आरती में शामिल हों।
  • मंदिर परिसर में शुद्ध शाकाहारी भोजनालय उपलब्ध हैं। प्रसाद के रूप में यहाँ की “सिंदूर” और “चोला” विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
  • फोटोग्राफी की अनुमति के लिए मंदिर प्रशासन से अनुमति लें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश के जिला भदोही (संत रविदास नगर) के ज्ञानपुर नगर में स्थित है। वाराणसी से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है।

प्रश्न 2: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता क्या है?

उत्तर: यहाँ की प्राचीन, स्वयंभू हनुमान मूर्ति, नियमित सुंदरकांड पाठ, मंगलवार/शनिवार की भव्य आरतियाँ और हनुमान जयंती का उत्सव प्रमुख आकर्षण हैं। यह स्थान अपनी शांत वाटिका और भक्ति-भावना के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न 3: क्या यहाँ कोई प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।

प्रश्न 4: यहाँ दर्शन करने का सबसे अच्छा समय क्या है?

उत्तर: अक्टूबर से मार्च के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे अच्छा है। हनुमान जयंती और मंगलवार/शनिवार के दिन विशेष उत्सव होते हैं।

प्रश्न 5: क्या यहाँ भोजन और आवास की व्यवस्था है?

उत्तर: ज्ञानपुर में कुछ धर्मशालाएँ और निजी होटल उपलब्ध हैं। बेहतर आवास के लिए वाराणसी या भदोही जाना अधिक सुविधाजनक रहता है। मंदिर परिसर के पास शुद्ध शाकाहारी भोजन की दुकानें मौजूद हैं।

प्रश्न 6: ज्ञानपुर कैसे पहुँचा जा सकता है?

उत्तर: ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन (GYN) रेलमार्ग से जुड़ा है। सड़क मार्ग से वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर से बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डा वाराणसी है।

प्रश्न 7: क्या यहाँ विशेष पूजा या अनुष्ठान करवाए जा सकते हैं?

उत्तर: हाँ, मंदिर के पुजारियों से संपर्क करके आप विशेष पूजा, अभिषेक, सुंदरकांड पाठ या हवन का आयोजन करवा सकते हैं।

📝 हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर भदोही जिले का एक ऐसा धार्मिक स्थल है जहाँ भक्ति, साहस और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह स्थान न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि भक्तों को संकटमोचन हनुमान की शक्ति का अनुभव कराता है।

यहाँ की प्राचीन मूर्ति, भव्य आरतियाँ, नियमित सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ हर किसी को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। चाहे आप सच्चे भक्त हों, आध्यात्मिक साधक हों, या फिर एक सांस्कृतिक पर्यटक, यह स्थान आपको एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

ज्ञानपुर की पवित्र भूमि पर स्थित यह मंदिर उन सभी के लिए एक आदर्श तीर्थ स्थल है जो हनुमान जी की अनन्य भक्ति का अनुभव करना चाहते हैं और अपने जीवन में सुख, शांति, साहस एवं समृद्धि की कामना रखते हैं।

🙏 जय बजरंगबली ।। जय श्री राम ।।

🕊️ हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही
शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम

संकटमोचन बजरंगबली के पावन चालीसा, अष्टक और मंगलवार आराधना विधि के लिए हनुमान साधना कक्ष अवश्य देखें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 23 Mar 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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