आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM

Hanuman के प्रसिद्ध मंदिर

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर हनुमान जी का दिव्य धाम
Hanuman

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर हनुमान जी का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के इलाहाबाद किले में स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) विश्व का एकमात्र शयन मुद्रा में विराजित हनुमान मंदिर है। त्रिवेणी संगम से सटे इस दिव्य धाम की पौराणिक कथा, वास्तुकला, हनुमान चालीसा और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
विस्तार से
हनुमान मंदिर – औराई, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य धाम, भक्ति और शक्ति का परम केंद्र
Hanuman

हनुमान मंदिर – औराई, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य धाम, भक्ति और शक्ति का परम केंद्र

Aurai, Uttar Pradesh

प्रयागराज के औराई क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर भगवान श्री हनुमान को समर्पित एक प्राचीन, सिद्ध एवं प्रतापी धाम है। यहाँ की प्रतापी मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन भक्तों को शक्ति, शांति और संकट-मुक्ति प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

25 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
विस्तार से
हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर
Hanuman

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित हनुमत निकेतन श्री हनुमान जी का एक भव्य एवं प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ नियमित हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। यह स्थान आस्था, शक्ति और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत केंद्र है।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
विस्तार से
हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम
Hanuman

हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित हनुमान मंदिर शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ की प्राचीन हनुमान मूर्ति, नियमित सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, मंगलवार-शनिवार की विशेष आरतियाँ और हनुमान जयंती का उत्सव भक्तों को अद्भुत शांति एवं साहस प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
विस्तार से
चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम
Hanuman

चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के ऐतिहासिक चंद्रशेखर आज़ाद पार्क में स्थित हनुमान मंदिर आस्था, शक्ति और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम है। यहाँ हनुमान जी की भव्य प्रतिमा, हरा-भरा परिसर और चंद्रशेखर आज़ाद का स्मारक स्थित है। जानिए इसका इतिहास, महत्व, दर्शन समय, और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम
Hanuman

हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर) भगवान हनुमान का एक प्राचीन एवं शक्तिशाली मंदिर है। यहाँ सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। मंदिर की प्राचीन मूर्ति, यमुना का तटीय दृश्य और मनकामेश्वर मंदिर से निकटता इसे एक अद्वितीय आध्यात्मिक केंद्र बनाते हैं। जानिए यहाँ की पौराणिक कथा, महत्व, दर्शन समय और यात्रा सुझाव।

श्री हनुमान जी की 110 फीट ऊंची प्रतिमा – सीतामढ़ी परिसर, भदोही: आस्था का विशाल स्वरूप
Hanuman

श्री हनुमान जी की 110 फीट ऊंची प्रतिमा – सीतामढ़ी परिसर, भदोही: आस्था का विशाल स्वरूप

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही जिले के सीतामढ़ी परिसर में स्थित 110 फीट ऊँची श्री हनुमान जी की प्रतिमा भक्ति और विश्वास का अद्वितीय केंद्र है। यह विशाल मूर्ति अपनी भव्यता, शिल्प और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
06:00 AM – 09:00 PM (Daily)
विस्तार से
संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम
Hanuman

संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में गंगा-यमुना के पवित्र तट पर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आस्था और शक्ति का अद्भुत केंद्र है। यहाँ हनुमान जी की भव्य मूर्ति विराजमान है। जानिए इसका धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा, आरती का समय और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
विस्तार से
श्री हनुमान मंदिर – भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र: आस्था, शक्ति और भक्ति का प्रमुख केंद्र
Hanuman

श्री हनुमान मंदिर – भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र: आस्था, शक्ति और भक्ति का प्रमुख केंद्र

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित श्री हनुमान मंदिर बजरंग बली को समर्पित एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ की भव्य प्रतिमा, नियमित आरती, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और सत्संग भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

श्री हनुमान मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: शक्ति, भक्ति और संकट मोचन का दिव्य धाम
Hanuman

श्री हनुमान मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: शक्ति, भक्ति और संकट मोचन का दिव्य धाम

Sundarpur, Uttar Pradesh

वाराणसी के सुंदरपुर क्षेत्र में स्थित श्री हनुमान मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित एक प्राचीन एवं शक्तिशाली धाम है। यहाँ की भव्य मूर्तियाँ, हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड और नियमित आरतियाँ भक्तों को साहस, शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { if (body.contains(typingIndicator)) { body.removeChild(typingIndicator); } const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } } if (document.readyState === 'loading') { document.addEventListener('DOMContentLoaded', initChatbot); } else { initChatbot(); } })(); �थ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } let voiceCounter = 0; window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; utterance.onend = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { body.removeChild(typingIndicator); const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } });