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प्रामाणिक मंदिर विवरण

संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज, प्रयागराज - Sankat Mochan Hanuman Mandir, Daraganj: श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम

334 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 22 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Hanuman आराध्य देव
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन समय
सुबह आरती: 5:30 AM, संध्या आरती: 7:00 PM आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Hanuman
दर्शन समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
आरती समय सुबह आरती: 5:30 AM, संध्या आरती: 7:00 PM
स्थान / पता Sankat Mochan Hanuman Mandir, Daraganj, Prayagraj, Uttar Pradesh
आकार:
कंट्रास्ट:

🕉️ श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज

प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम के निकट स्थित हनुमान जी का दिव्य धाम (Sankat Mochan Hanuman Mandir, Daraganj, Prayagraj)

आस्था, शक्ति और भक्ति का अद्भुत केंद्र | गंगा-यमुना के पावन तट पर विराजमान बजरंगबली

🌟 परिचय: श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज (इलाहाबाद) के प्रसिद्ध दारागंज क्षेत्र में गंगा और यमुना के पवित्र संगम के समीप स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आस्था और शक्ति का एक अद्वितीय केंद्र है। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है, जिन्हें संकटों का नाश करने वाला और भक्तों की हर पीड़ा को हरने वाला देवता माना जाता है।

यह मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है। हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन यहाँ आकर बजरंगबली के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। मंदिर का शांत वातावरण, गंगा-यमुना की शीतल हवाएँ और भक्ति का अद्भुत वातावरण मन को शांति और आत्मा को सुकून प्रदान करता है।

मान्यता है कि इस स्थान पर सच्चे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करने और संकट मोचन जी की आराधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। यहाँ का वातावरण इतना सकारात्मक है कि यह हर आगंतुक को एक नई ऊर्जा और आशा का संचार करता है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रयागराज शहर के दारागंज क्षेत्र में स्थित है, जो प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर है। यह स्थान गंगा और यमुना नदियों के तट के निकट होने के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है।

  • निकटतम प्रमुख शहर: प्रयागराज (इलाहाबाद) शहर के मध्य में स्थित।
  • रेल मार्ग: प्रयागराज जंक्शन (निकटतम स्टेशन) देश के सभी प्रमुख शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 8-10 किमी है। टैक्सी या ऑटो आसानी से मिल जाते हैं।
  • सड़क मार्ग: प्रयागराज सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। शहर के भीतर सिटी बसें, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियाँ मंदिर तक पहुँचने के लिए उपलब्ध हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) है, जो शहर से लगभग 12-15 किमी की दूरी पर स्थित है।
🗺️

दारागंज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

त्रिवेणी संगम से दूरी: ~3-4 किमी
प्रयागराज जंक्शन से दूरी: ~8 किमी

📜 पौराणिक कथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रयागराज में हनुमान जी का यह मंदिर सदियों से श्रद्धा का केंद्र रहा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर भगवान हनुमान ने स्वयं आकर अपने भक्तों को दर्शन दिए थे। ऐसा कहा जाता है कि त्रेता युग में भगवान राम के साथ हनुमान जी ने प्रयाग क्षेत्र में आगमन किया था और इस स्थान पर कुछ समय व्यतीत किया था।

एक अन्य कथा के अनुसार, यह मंदिर उस स्थान पर स्थित है जहाँ हनुमान जी ने भगवान राम के आशीर्वाद से अपने संकट मोचन स्वरूप को प्रकट किया था। कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहाँ आकर हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। इसीलिए इस मंदिर का नाम "संकट मोचन" पड़ा।

समय के साथ यह स्थान स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया और धीरे-धीरे यहाँ एक भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। आज यह मंदिर प्रयागराज के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

🙏

"बजरंगबली की कृपा से सभी संकट होते हैं दूर"

मान्यता: यहाँ सच्चे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

🏛️ मंदिर की भव्य वास्तुकला और मुख्य आकर्षण

🙏 हनुमान जी की मनमोहक प्रतिमा

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित भगवान हनुमान की भव्य और मनमोहक मूर्ति है। मूर्ति में हनुमान जी को भक्ति, शक्ति और वीरता के साथ विराजमान दिखाया गया है। उनके चरणों में राम-सीता विराजमान हैं, जो उनकी अनन्य भक्ति का प्रतीक है।

🌿 गंगा-यमुना के तट का सान्निध्य

मंदिर गंगा और यमुना के पवित्र तट के निकट स्थित है। नदियों की शीतल हवाएँ और शांत वातावरण मंदिर की भक्ति को और भी गहरा कर देते हैं। संगम के निकट होने के कारण यह स्थान अत्यधिक पवित्र माना जाता है।

🔔 नियमित आरती और भजन-कीर्तन

यहाँ सुबह-शाम नियमित रूप से भव्य आरती का आयोजन होता है। "बजरंग बाण", "हनुमान चालीसा" और भजन-कीर्तन का वातावरण पूरे परिसर को भक्तिमय बना देता है। मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

📿 भक्तों के लिए सुविधाएं

मंदिर परिसर में भक्तों के लिए प्रसाद वितरण, पूजा सामग्री की व्यवस्था, और बैठने की सुविधा उपलब्ध है। परिसर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखा गया है, जिससे दर्शन का अनुभव सुखद बनता है।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएं

  • संकट निवारण: ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से प्रार्थना करने से हर प्रकार के संकट, कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं।
  • मनोकामना पूर्ति: सप्ताह में मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
  • शनि दोष निवारण: हनुमान जी को शनि देव के दोष से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। यहाँ पूजा करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • बल, बुद्धि और विद्या: हनुमान जी की आराधना से बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। छात्र विशेष रूप से यहाँ आकर आशीर्वाद लेते हैं।
  • सकारात्मक ऊर्जा: मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मकता को दूर करती है और मन को शांति प्रदान करती है।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

🙏

हनुमान जयंती

यहाँ का सबसे बड़ा और भव्य त्योहार। चैत्र पूर्णिमा पर विशेष शोभायात्रा, भव्य आरती और भंडारे का आयोजन होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

📿

मंगलवार और शनिवार

हनुमान जी के प्रिय दिनों में विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ और सुन्दरकाण्ड का आयोजन होता है। इन दिनों यहाँ भक्तों की भारी भीड़ होती है।

🌿

राम नवमी

भगवान राम के जन्मोत्सव पर विशेष आयोजन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

🏞️ आस-पास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • त्रिवेणी संगम: गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम, जहाँ कुंभ और अर्धकुंभ का मेला लगता है। मंदिर से लगभग 3-4 किमी दूर।
  • अल्लाहाबाद किला: मुगलकालीन ऐतिहासिक किला, जिसमें अशोक स्तंभ स्थित है।
  • आनंद भवन: नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक घर, जो अब एक संग्रहालय है।
  • हनुमान मंदिर (संगम तट): संगम के निकट स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर, जहाँ लेटी हुई हनुमान जी की मूर्ति है।
  • शिवकुटी: प्राचीन शिव मंदिर, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
  • मिंटो पार्क: गंगा तट पर स्थित सुंदर पार्क, जहाँ शाम को गंगा आरती का आयोजन होता है।
  • कुंभ मेला क्षेत्र: संगम के विशाल मैदान, जहाँ कुंभ के दौरान विशाल आयोजन होते हैं।
📌 यात्रा टिप: आप एक ही यात्रा में संकट मोचन हनुमान मंदिर, त्रिवेणी संगम, और संगम तट स्थित हनुमान मंदिर के दर्शन कर सकते हैं, क्योंकि ये सभी एक-दूसरे से 3-5 किमी के दायरे में स्थित हैं।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

यहाँ यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना और ठंडा रहता है। हनुमान जयंती (मार्च-अप्रैल) और राम नवमी के अवसर पर यहाँ विशेष आयोजन होते हैं।

  • शीत ऋतु (अक्टूबर-फरवरी): यात्रा के लिए आदर्श।
  • मंगलवार और शनिवार: यदि आप विशेष पूजा और भीड़ देखना चाहें तो ये दिन सबसे अच्छे हैं।

📝 यात्रा सुझाव

  • सुबह जल्दी या शाम की आरती के समय दर्शन करना अधिक उपयुक्त रहता है।
  • मंगलवार और शनिवार को भीड़ अधिक होती है, इसलिए यात्रा की योजना बनाएं।
  • हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुन्दरकाण्ड का पाठ अवश्य करें।
  • पूजा सामग्री (चोला, सिंदूर, नारियल, प्रसाद) मंदिर परिसर के बाहर आसानी से मिल जाती है।
  • संगम स्नान के बाद मंदिर के दर्शन करना अधिक शुभ माना जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह मंदिर प्रयागराज (इलाहाबाद) के दारागंज क्षेत्र में स्थित है, जो त्रिवेणी संगम से लगभग 3-4 किमी की दूरी पर है।

प्रश्न 2: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता क्या है?

उत्तर: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता हनुमान जी की भव्य मूर्ति और गंगा-यमुना के तट से इसकी निकटता है। यह स्थान संकटों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

प्रश्न 3: क्या यहाँ कोई प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।

प्रश्न 4: यहाँ दर्शन करने का सबसे अच्छा समय क्या है?

उत्तर: अक्टूबर से मार्च के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे अच्छा है। हनुमान जयंती और राम नवमी पर यहाँ विशेष आयोजन होते हैं।

प्रश्न 5: क्या यहाँ विशेष पूजा का आयोजन होता है?

उत्तर: हां, मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा, हनुमान चालीसा पाठ और सुन्दरकाण्ड का आयोजन होता है।

प्रश्न 6: क्या यहाँ रुकने की व्यवस्था है?

उत्तर: प्रयागराज में धर्मशालाओं, होटलों और गेस्ट हाउसों की अच्छी व्यवस्था है। संगम क्षेत्र में भी आवास की सुविधा उपलब्ध है।

प्रश्न 7: प्रयागराज कैसे पहुंचा जा सकता है?

उत्तर: प्रयागराज जंक्शन रेलमार्ग से प्रमुख शहरों से जुड़ा है। सड़क मार्ग से भी यह शहर अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) है।

📝 श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज प्रयागराज की आस्था और शक्ति का एक अद्वितीय प्रतीक है। गंगा-यमुना के पवित्र तट पर स्थित यह मंदिर हर भक्त को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और संकटों से मुक्ति का अनुभव कराता है।

यहाँ आकर हनुमान चालीसा का पाठ करना, सुन्दरकाण्ड का श्रवण करना, और बजरंगबली के दर्शन करना हर भक्त के जीवन में नई ऊर्जा और आशा का संचार करता है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ की भक्ति और आरती का अनुभव अद्वितीय होता है।

प्रयागराज की पवित्र भूमि पर स्थित यह धाम उन सभी के लिए एक आदर्श यात्रा स्थल है जो सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करना चाहते हैं और अपने जीवन के समस्त संकटों से मुक्ति पाना चाहते हैं।

🙏 ॐ श्री हनुमते नमः ।। जय श्री राम ।। जय बजरंगबली ।।

🕉️ श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज
प्रयागराज की आस्था और शक्ति का केंद्र

संकटमोचन बजरंगबली के पावन चालीसा, अष्टक और मंगलवार आराधना विधि के लिए हनुमान साधना कक्ष अवश्य देखें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 22 Mar 2026

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