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प्रामाणिक मंदिर विवरण

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज - Shri Bade Hanuman Ji Temple (Lete Hanuman Ji), Prayagraj: A Sacred Abode of Lord Hanuman at the Triveni Sangam

9,097 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 22 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Hanuman आराध्य देव
सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक दर्शन समय
सुबह 6:00 बजे आरती, शाम 7:00 बजे आरती आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Hanuman
दर्शन समय सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
आरती समय सुबह 6:00 बजे आरती, शाम 7:00 बजे आरती
स्थान / पता संगम मार्ग, इलाहाबाद किला, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
आकार:
कंट्रास्ट:

🕉️ श्री बड़े हनुमान जी मंदिर, प्रयागराज

लेटे हनुमान जी: विश्व का अद्वितीय शयन मुद्रा में विराजित हनुमान (Shri Bade Hanuman Ji Temple, Prayagraj)

त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर स्थित भक्ति और शक्ति का अद्भुत केंद्र

🌟 परिचय: श्री बड़े हनुमान जी मंदिर का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) भारत के सबसे अनोखे और दिव्य हनुमान मंदिरों में से एक है। यह मंदिर विश्व की एकमात्र शयन मुद्रा (लेटी हुई) में विराजित हनुमान जी की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ भगवान हनुमान लेटी हुई अवस्था में विद्यमान हैं, जो भक्तों के लिए अत्यंत दुर्लभ और दिव्य दर्शन है।

यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहाँ की शांतिपूर्ण वातावरण, गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की पवित्रता और ऐतिहासिक इलाहाबाद किले से सटा होने के कारण यह स्थान पर्यटकों और भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

मान्यता है कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने के पूर्व यहाँ हनुमान जी के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। यह मंदिर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और मंगलवार की विशेष पूजा के लिए भी प्रसिद्ध है।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में स्थित है। यह ऐतिहासिक इलाहाबाद किले के अंदर, संगम मार्ग पर स्थित है। यहाँ से त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम) मात्र कुछ ही कदमों की दूरी पर है।

  • निकटतम प्रमुख शहर: प्रयागराज स्वयं एक प्रमुख शहर है।
  • रेल मार्ग: प्रयागराज जंक्शन (पूर्व में इलाहाबाद जंक्शन) मंदिर से लगभग 5 किमी दूर है। यह देश के सभी प्रमुख शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।
  • सड़क मार्ग: प्रयागराज सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा है। वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और आस-पास के शहरों से बसें और टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज का बमरौली हवाई अड्डा है, जो शहर से लगभग 12 किमी दूर है।
🗺️

इलाहाबाद किला, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

त्रिवेणी संगम से दूरी: ~200 मीटर
प्रयागराज जंक्शन से दूरी: ~5 किमी

📜 पौराणिक कथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि महर्षि भारद्वाज ने इस स्थान पर तपस्या की थी और भगवान हनुमान ने उन्हें दर्शन दिए थे। एक अन्य मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम ने अयोध्या लौटकर राज्याभिषेक कर लिया, तो हनुमान जी ने प्रयागराज में विश्राम करने का निश्चय किया। यहीं पर वे लेट गए, और तभी से यह स्थान उनकी शयन मुद्रा के लिए प्रसिद्ध हो गया।

मुगल काल में सम्राट अकबर ने इलाहाबाद किले का निर्माण करवाया। कहा जाता है कि उन्होंने हनुमान जी की इस प्रतिमा को देखा और उनकी शक्ति से प्रभावित होकर किले के भीतर ही मंदिर को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। तब से यह मंदिर किले के अंदर स्थित है और भक्तों के लिए विशेष अनुमति के साथ खुला रहता है।

वर्तमान में यह मंदिर उत्तर प्रदेश सरकार के पुरातत्व विभाग और मंदिर ट्रस्ट द्वारा संरक्षित है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं, विशेषकर माघ मेले और कुंभ मेले के दौरान, जब संगम स्नान से पहले यहाँ दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

🙏

"जय हनुमान ज्ञान गुन सागर"

मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और बल-बुद्धि की प्राप्ति होती है।

🏛️ अद्वितीय वास्तुकला और मुख्य आकर्षण

🙏 लेटे हनुमान जी की विशाल प्रतिमा

इस मंदिर का सबसे अद्वितीय आकर्षण है हनुमान जी की शयन मुद्रा में विराजित विशाल प्रतिमा। यह प्रतिमा लगभग 20 फीट लंबी है और इसे काले पत्थर से बनाया गया है। पूरे विश्व में केवल इसी मंदिर में भगवान हनुमान लेटी हुई अवस्था में विद्यमान हैं, जो इसे अत्यंत दुर्लभ बनाता है।

🏰 इलाहाबाद किले के भीतर स्थिति

यह मंदिर ऐतिहासिक इलाहाबाद किले के अंदर स्थित है, जिसे मुगल सम्राट अकबर ने 1583 में बनवाया था। किले की विशाल दीवारों और ऐतिहासिक धरोहर के बीच स्थित यह मंदिर भक्ति और इतिहास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

🌊 त्रिवेणी संगम से सान्निध्य

मंदिर से मात्र कुछ कदमों की दूरी पर गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ दर्शन करके ही संगम स्नान का पूर्ण फल मिलता है। स्नान के पश्चात मंदिर में आकर हनुमान जी का आशीर्वाद लेना प्रयागराज की यात्रा का अभिन्न अंग है।

📖 हनुमान चालीसा एवं भजन-कीर्तन (Hanuman Chalisa & Bhajans)

मंदिर में प्रतिदिन सुबह-शाम भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ होता है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। निम्नलिखित हनुमान चालीसा के कुछ प्रमुख दोहे यहाँ नियमित रूप से गाए जाते हैं:

॥ हनुमान चालीसा ॥

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर।
रामदूत अतुलित बल धामा, अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

... (संपूर्ण हनुमान चालीसा का पाठ मंदिर में प्रतिदिन होता है)

भक्तगण यहाँ आकर हनुमान जी को सिंदूर, चोला, बेलपत्र, फूल-माला अर्पित करते हैं और मनोकामना पूर्ति के लिए हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करते हैं।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएं

  • संगम स्नान से पूर्व दर्शन: मान्यता है कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने से पहले यहाँ हनुमान जी के दर्शन करने से स्नान का फल अक्षय हो जाता है।
  • मनोकामना पूर्ति: सच्चे मन से यहाँ हनुमान चालीसा का पाठ करने और सिंदूर चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • बल-बुद्धि की प्राप्ति: विद्यार्थी और प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार यहाँ आकर हनुमान जी से बल और बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।
  • भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति: मान्यता है कि हनुमान जी की शयन मुद्रा में विराजमान प्रतिमा नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है।
  • रोग निवारण: भगवान हनुमान को संजीवनी बूटी लाने वाला वैद्य कहा गया है। यहाँ पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

🎂

हनुमान जयंती

चैत्र मास की पूर्णिमा को यहाँ विशाल शोभायात्रा, भंडारे और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। हजारों भक्त भाग लेते हैं।

📿

मंगलवार विशेष पूजा

प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी का विशेष श्रृंगार, अभिषेक और सुंदरकांड का पाठ होता है।

🛁

माघ मेला / कुंभ मेला

कुंभ और अर्धकुंभ के अवसर पर लाखों श्रद्धालु संगम स्नान से पूर्व यहाँ दर्शन करते हैं। पूरे मेले में मंदिर भक्तों से पटा रहता है।

🏞️ आस-पास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • त्रिवेणी संगम: गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र संगम, मंदिर से पैदल दूरी पर।
  • अक्षयवट (Akshayavat): इलाहाबाद किले के अंदर स्थित अमर वट वृक्ष, जिसके दर्शन अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
  • पातालपुरी मंदिर (Patalpuri Temple): किले के अंदर ही एक प्राचीन भूमिगत मंदिर।
  • इलाहाबाद किला (Allahabad Fort): अकबर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक किला।
  • आनंद भवन (Anand Bhavan): नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक घर, संग्रहालय।
  • थॉमसन कॉलेज (इलाहाबाद विश्वविद्यालय): गोथिक शैली की भवन।
  • चंद्रशेखर आजाद पार्क (Alfred Park): शहीद चंद्रशेखर आजाद का स्मारक।
📌 यात्रा टिप: इलाहाबाद किला भारतीय सेना के अधीन है। किले में प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच होती है। मंदिर के दर्शन सभी दिनों के लिए निर्धारित समय में किए जा सकते हैं। किले के अंदर अन्य स्थलों के दर्शन के लिए विशेष अनुमति आवश्यक है।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

प्रयागराज की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना और ठंडा रहता है। यदि आप माघ मेले या कुंभ मेले का अनुभव लेना चाहते हैं, तो जनवरी-फरवरी में आएं, हालांकि भीड़ अत्यधिक होती है।

  • शीत ऋतु (अक्टूबर-फरवरी): यात्रा के लिए आदर्श।
  • हनुमान जयंती (मार्च-अप्रैल): विशेष आयोजन देखने के लिए उत्तम।

📝 यात्रा सुझाव

  • सुबह जल्दी या शाम के समय दर्शन करना अधिक उपयुक्त रहता है।
  • संगम स्नान के बाद ही मंदिर दर्शन के लिए जाएं, यह शुभ माना जाता है।
  • मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।
  • किले के अंदर प्रवेश के लिए फोटो पहचान पत्र साथ रखें।
  • मोबाइल फोन और कैमरे के उपयोग पर किले में प्रतिबंध हो सकता है, निर्देशों का पालन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: श्री बड़े हनुमान जी मंदिर कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में इलाहाबाद किले के अंदर संगम मार्ग पर स्थित है।

प्रश्न 2: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता क्या है?

उत्तर: यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहाँ भगवान हनुमान शयन मुद्रा (लेटी हुई) में विराजमान हैं। यहाँ की 20 फीट लंबी प्रतिमा अद्वितीय है।

प्रश्न 3: क्या मंदिर में प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है, लेकिन इलाहाबाद किले में प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच होती है।

प्रश्न 4: यहाँ दर्शन का समय क्या है?

उत्तर: मंदिर सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है। आरती सुबह 6:00 बजे और शाम 7:00 बजे होती है।

प्रश्न 5: प्रयागराज कैसे पहुंचा जा सकता है?

उत्तर: प्रयागराज रेल, सड़क और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन है और हवाई अड्डा बमरौली है।

प्रश्न 6: क्या किले के अंदर अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं?

उत्तर: हां, किले के अंदर अक्षयवट, पातालपुरी मंदिर और संगम का दृश्य देखने योग्य है।

📝 श्री बड़े हनुमान जी मंदिर की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) प्रयागराज की यात्रा को अधूरा माना जाता है यदि यहाँ दर्शन न किए जाएं। यह स्थान भक्ति, शक्ति और शांति का अद्भुत संगम है। त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से सटा यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यहाँ आकर हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर चढ़ाना और संगम स्नान का पुण्य लाभ लेना हर भक्त के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। चाहे आप भगवान हनुमान के अनन्य भक्त हों या प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत को जानने आए हों, यह मंदिर आपको एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा।

🙏 जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥

🙏 ॐ हन हनुमंते नमः ॥

🕉️ श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज
त्रिवेणी संगम पर स्थित भक्ति और शक्ति का अद्भुत केंद्र

संकटमोचन बजरंगबली के पावन चालीसा, अष्टक और मंगलवार आराधना विधि के लिए हनुमान साधना कक्ष अवश्य देखें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 22 Mar 2026

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