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प्रसिद्ध मंदिर

श्री राधा रमण मंदिर – हंडिया नगर, हंडिया, प्रयागराज: भक्ति और संस्कृति का अनुपम केंद्र
Radha Raman

श्री राधा रमण मंदिर – हंडिया नगर, हंडिया, प्रयागराज: भक्ति और संस्कृति का अनुपम केंद्र

Handia, Uttar Pradesh

प्रयागराज के हंडिया नगर में स्थित श्री राधा रमण मंदिर राधा-कृष्ण को समर्पित एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ की मनमोहक मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, भजन-कीर्तन और भागवत कथा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

बाबा हरिहर नाथ मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: भोलेनाथ की दिव्य नगरी
Harihar Nath

बाबा हरिहर नाथ मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: भोलेनाथ की दिव्य नगरी

Gyanpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ का दिव्य शिवलिंग, रुद्राभिषेक, शिव पुराण कथा, सावन मास की धूम और महाशिवरात्रि का उत्सव भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देता है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

काल्याणी देवी मंदिर, प्रयागराज: शक्ति और सिद्धि का पवित्र शक्तिपीठ
Durga

काल्याणी देवी मंदिर, प्रयागराज: शक्ति और सिद्धि का पवित्र शक्तिपीठ

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के मध्य में स्थित माँ काल्याणी देवी मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है। यह मंदिर शक्ति, सिद्धि और कल्याण की देवी माँ काल्याणी को समर्पित है। जानिए इस शक्तिपीठ की पौराणिक कथा, मंदिर की वास्तुकला, आरती का समय, नवरात्रि उत्सव और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
05:00 AM - 12:00 PM, 04:00 PM - 09:00 PM
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हनुमान मंदिर – औराई, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य धाम, भक्ति और शक्ति का परम केंद्र
Hanuman

हनुमान मंदिर – औराई, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य धाम, भक्ति और शक्ति का परम केंद्र

Aurai, Uttar Pradesh

प्रयागराज के औराई क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर भगवान श्री हनुमान को समर्पित एक प्राचीन, सिद्ध एवं प्रतापी धाम है। यहाँ की प्रतापी मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन भक्तों को शक्ति, शांति और संकट-मुक्ति प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

25 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ), अलोपीबाग, प्रयागराज: दिव्य शक्ति की अनोखी पीठ
Durga

अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ), अलोपीबाग, प्रयागराज: दिव्य शक्ति की अनोखी पीठ

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के अलोपीबाग में स्थित अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ) 51 शक्तिपीठों में से एक अनोखा स्थल है, जहाँ कोई मूर्ति नहीं बल्कि एक सुनहरी पालकी में माँ विराजमान हैं। जानिए इसकी पौराणिक कथा, महत्व, आरती, त्योहार और यात्रा संबंधी जानकारी।

शिव मंदिर – सुरियावां, भदोही: भगवान शिव का प्राचीन एवं भव्य धाम
Shiva

शिव मंदिर – सुरियावां, भदोही: भगवान शिव का प्राचीन एवं भव्य धाम

Suriyawan, Uttar Pradesh

भदोही जिले के सुरियावां नगर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक भव्य धाम है। यहाँ का स्वयंभू शिवलिंग, भव्य आरतियाँ, रुद्राभिषेक, शिव पुराण कथा और श्रावण मास की धूम भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

मनकामेश्वर मंदिर, प्रयागराज: यमुना तट पर स्थित मनोकामनाओं का दिव्य धाम
Shiva

मनकामेश्वर मंदिर, प्रयागराज: यमुना तट पर स्थित मनोकामनाओं का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित मनकामेश्वर मंदिर एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मनोकामना पूर्ति की अपनी मान्यता के लिए जाना जाता है। त्रिवेणी संगम के निकट स्थित इस मंदिर की स्थापना भगवान राम ने की थी। जानिए इसका इतिहास, महत्व, यात्रा समय और आस-पास के दर्शनीय स्थल।

श्री शनि देव मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: न्याय, कर्म और रक्षा के देवता का प्रसिद्ध धाम
Shani Dev

श्री शनि देव मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: न्याय, कर्म और रक्षा के देवता का प्रसिद्ध धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित श्री शनि देव मंदिर शनि देव को समर्पित एक प्राचीन एवं प्रतिष्ठित धाम है। यहाँ शनि जयंती, अमावस्या और शनिवार को विशेष पूजा, तेल चढ़ावा, मंत्र जाप और हवन का आयोजन होता है। शनि दोष निवारण, करियर में सफलता और जीवन की बाधाओं से मुक्ति के लिए यह स्थान अत्यंत प्रसिद्ध है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
प्रातः 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर
Hanuman

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित हनुमत निकेतन श्री हनुमान जी का एक भव्य एवं प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ नियमित हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। यह स्थान आस्था, शक्ति और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत केंद्र है।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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दुर्गा मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: शक्ति और आराधना का पवित्र केंद्र
Durga

दुर्गा मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: शक्ति और आराधना का पवित्र केंद्र

Sundarpur, Uttar Pradesh

वाराणसी के सुंदरपुर क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर माँ भगवती को समर्पित एक प्राचीन एवं शक्तिशाली धाम है। यहाँ की भव्य प्रतिमा, शक्तिशाली आरतियाँ, दुर्गा सप्तशती पाठ और नवरात्रि के उत्सव भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और साहस से भर देते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

बाबा दूधनाथ मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शिवभक्ति का पवित्र धाम
Baba Dudhnath

बाबा दूधनाथ मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शिवभक्ति का पवित्र धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित बाबा दूधनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन एवं चमत्कारी धाम है। यहाँ की प्राचीन शिवलिंग, अविरल जलधारा, रुद्राभिषेक, और महाशिवरात्रि व सावन माह के उत्सव भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

सीता समाहित स्थल (सीतामढ़ी): भगवती सीता की तपोभूमि, भदोही
Sita Mata

सीता समाहित स्थल (सीतामढ़ी): भगवती सीता की तपोभूमि, भदोही

Sitamarhi, Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में गंगा तट पर स्थित सीता समाहित स्थल (सीतामढ़ी) वह पवित्र धाम है जहाँ माता सीता ने ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में निवास किया और अंततः धरती में समाधि ली। जानिए यहाँ का इतिहास, धार्मिक महत्व, मान्यताएँ, त्योहार और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
सुबह 5:00 AM से 12:00 PM, शाम 4:00 PM से 8:00 PM
विस्तार से
(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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