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प्रामाणिक मंदिर विवरण

श्री राम मंदिर – भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र: भक्ति और संस्कृति का अनुपम केंद्र | Shri Ram Mandir Bhadohi Railway Station: A Sacred Abode of Divine Grace

237 दर्शनार्थी | प्रकाशित: 23 March 2026
इतिहास व दर्शन पढ़ें
दर्शन निर्देशिका (Temple Stats)
Ram आराध्य देव
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन समय
सुबह आरती: 5:30 बजे, शाम आरती: 7:00 बजे आरती समय

मंदिर संक्षिप्त विवरण

आराध्य देव Ram
दर्शन समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
आरती समय सुबह आरती: 5:30 बजे, शाम आरती: 7:00 बजे
स्थान / पता Shri Ram Mandir, Bhadohi Railway Station Area, Bhadohi, Uttar Pradesh
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 श्री राम मंदिर – भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र

जय श्री राम! आस्था, शांति और मर्यादा पुरुषोत्तम की कृपा का धाम (Shri Ram Mandir, Bhadohi Railway Station)

भदोही जिले के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन एवं भव्य राम मंदिर

🌟 परिचय: श्री राम मंदिर का आध्यात्मिक महत्व

भदोही (संत रविदास नगर) जिले के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित श्री राम मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को समर्पित एक अत्यंत पवित्र एवं भव्य धार्मिक स्थल है। यह मंदिर न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए भी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।

यहाँ की वास्तुकला, भक्ति-भावना से ओतप्रोत वातावरण, और नियमित रूप से होने वाली आरती, रामायण पाठ तथा प्रवचन मन को शांति और आनंद से भर देते हैं। विशेष रूप से रामनवमी, दशहरा और दीपावली के अवसर पर यहाँ आयोजित होने वाले उत्सव अद्वितीय होते हैं।

मान्यता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और उन्हें आध्यात्मिक सुख-शांति की प्राप्ति होती है। यह स्थान अपने आप में अयोध्या की याद दिलाता है, जहाँ श्री राम की लीलाएँ साक्षात् अनुभव की जा सकती हैं।

📍 स्थान और कैसे पहुंचें (Location & How to Reach)

श्री राम मंदिर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित है। भदोही (संत रविदास नगर) एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है, जो प्राचीन काल से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

  • निकटतम प्रमुख शहर: वाराणसी – लगभग 45 किमी, प्रयागराज – लगभग 110 किमी
  • रेल मार्ग: मंदिर भदोही रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड: BOY) के ठीक सामने स्थित है। यह स्टेशन हावड़ा-मुगलसराय मुख्य लाइन पर स्थित है, जिससे देश के सभी प्रमुख शहरों से ट्रेनें आसानी से उपलब्ध हैं।
  • सड़क मार्ग: भदोही सड़क मार्ग द्वारा वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, और आसपास के शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन की बसें और निजी टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बबतपुर) है, जो लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है।
🗺️

भदोही रेलवे स्टेशन, भदोही, उत्तर प्रदेश

वाराणसी से दूरी: ~45 किमी
प्रयागराज से दूरी: ~110 किमी

📜 पौराणिक कथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्री राम मंदिर, भदोही का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल कभी संतों और महात्माओं की तपोभूमि रहा है। कहा जाता है कि एक प्राचीन काल में एक महान संत को यहाँ भगवान श्री राम ने स्वप्न में दर्शन दिए और इस स्थान पर उनकी मनमोहक मूर्ति स्थापित करने का आदेश दिया। संत ने यहाँ खुदाई करवाई तो एक अद्भुत और दिव्य मूर्ति प्राप्त हुई, जो आज मंदिर के गर्भगृह में विराजमान है।

यह मूर्ति भगवान श्री राम को धनुष-बाण धारी, मर्यादा पुरुषोत्तम के स्वरूप में दर्शाती है। मूर्ति की मनमोहक छटा और मुख पर विद्यमान दिव्य मुस्कान भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है। समय के साथ, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के सहयोग से इस मंदिर का विस्तार हुआ और यह क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल बन गया।

यहाँ पर आज भी प्राचीन काल की कई धार्मिक परंपराएँ निभाई जाती हैं, जैसे रामायण पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ, और राम दरबार की झाँकी, जो इसकी गौरवशाली विरासत को दर्शाती हैं।

🕊️

"श्री राम की यह मूर्ति अत्यंत प्राचीन एवं चमत्कारी मानी जाती है।"

मान्यता: यहाँ आकर श्री राम का सच्चे मन से स्मरण करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🏛️ भव्य वास्तुकला और मुख्य आकर्षण

🙏 मनमोहक मूर्तियाँ और नक्काशी

श्री राम मंदिर की वास्तुकला उत्तर भारतीय शैली में निर्मित है, जिसमें सुंदर नक्काशी, चित्रकारी और भव्य शिखर देखने को मिलते हैं। गर्भगृह में भगवान श्री राम की मूर्ति विराजमान हैं, जिनके साथ माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाएँ भी स्थापित हैं।

🎨 भित्ति चित्र और सजावट

मंदिर की दीवारों पर रामायण की विभिन्न घटनाओं को दर्शाने वाले रंगीन चित्र बने हैं, जो भक्तों को भक्ति-भावना से सराबोर कर देते हैं। विशेष अवसरों पर मंदिर को फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया जाता है।

🌳 शांत परिसर और वाटिका

मंदिर का विशाल प्रांगण हरियाली से परिपूर्ण है। यहाँ एक सुंदर वाटिका है, जहाँ भक्त बैठकर ध्यान और भजन का आनंद ले सकते हैं। परिसर में स्थित राम दरबार की झाँकी विशेष आकर्षण का केंद्र है।

🧘 भक्ति, रामायण पाठ और सत्संग का केंद्र

श्री राम मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक जागरण का जीवंत केंद्र भी है। यहाँ नियमित रूप से:

🎵

राम भजन-कीर्तन

प्रतिदिन शाम को राम भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालु राम के मधुर नामों का सामूहिक रूप से गान करते हैं।

📖

श्री रामचरितमानस पाठ

वर्ष में कई बार सप्ताह भर चलने वाला रामायण पाठ का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता करते हैं।

🧘‍♀️

योग और ध्यान

प्रातःकाल मंदिर परिसर में योग और ध्यान शिविर लगाए जाते हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

ये सभी क्रियाएँ भक्तों को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे उनका जीवन आनंदमय हो जाता है।

🎶 प्रसिद्ध राम भजन के बोल (Popular Ram Bhajan Lyrics)

🙏 श्री रामचंद्र कृपालु भजमन 🙏

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥

कंदर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुंदरम्।
पटपीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥

भज दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कोशल चंद दशरथ नंदनम्॥

सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणम्।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खरदूषणम्॥

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम हृदय कुंज निवास कुरु कामादि खल दल गंजनम्॥
                

इस भजन का नियमित पाठ करने से मन को शांति और श्री राम की कृपा प्राप्त होती है।

✨ धार्मिक महत्व एवं मान्यताएं

  • मनोवांछित फल की प्राप्ति: सच्चे मन से श्री राम की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
  • भय से मुक्ति: राम नाम का जाप करने से सभी प्रकार के भय समाप्त हो जाते हैं और जीवन में साहस आता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: यहाँ नियमित सत्संग और रामायण पाठ से भक्ति में रुचि बढ़ती है और आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
  • रोग निवारण: कई भक्तों ने अनुभव किया है कि यहाँ पूजा-अर्चना करने और चरणामृत ग्रहण करने से असाध्य रोगों में भी राहत मिलती है।
  • नेगेटिव एनर्जी से मुक्ति: मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक प्रभावों को दूर करती है और मन को शुद्ध करती है।

🎉 यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहार

🎂

रामनवमी

भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर यहाँ भव्य झाँकियाँ, रात्रि जागरण, और महाभोग का आयोजन होता है। हजारों भक्त यहाँ दर्शन करने आते हैं।

🏹

दशहरा (विजयादशमी)

इस दिन राम-रावण युद्ध की झाँकी और रावण दहन का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों लोग सम्मिलित होते हैं।

🪔

दीपावली

दीपावली के अवसर पर मंदिर को हजारों दीपों से सजाया जाता है और भव्य आरती का आयोजन होता है। यह दृश्य अद्भुत होता है।

📿

हनुमान जयंती

हनुमान जी के जन्मोत्सव पर यहाँ विशेष पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है।

🗣️

श्री रामचरितमानस सप्ताह

वर्ष में एक बार सात दिवसीय रामायण पाठ का आयोजन किया जाता है, जो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

🏞️ आस-पास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • वाराणसी (काशी): विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, सारनाथ – लगभग 45 किमी दूर।
  • प्रयागराज (इलाहाबाद): त्रिवेणी संगम, अल्फ्रेड पार्क, हनुमान मंदिर, आनंद भवन – लगभग 110 किमी।
  • जौनपुर: शाही किला, जामी मस्जिद, अटाला मस्जिद – लगभग 50 किमी।
  • संत रविदास जन्मस्थली (सीर गोवर्धनपुर): महान संत रविदास का जन्मस्थान, लगभग 15 किमी दूर।
  • भदोही के काली मंदिर: भदोही शहर में स्थित प्राचीन काली मंदिर भी दर्शनीय है।
📌 यात्रा टिप: वाराणसी या प्रयागराज की यात्रा के दौरान आप श्री राम मंदिर, भदोही की यात्रा आसानी से कर सकते हैं। यहाँ से संत रविदास जन्मस्थली भी निकट है।

🗓️ यात्रा का सर्वोत्तम समय और सुझाव

🌤️ सर्वोत्तम समय

भदोही में यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के महीने सबसे उपयुक्त हैं। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, जिससे मंदिर परिसर में भ्रमण और धार्मिक क्रियाएँ सुखद रहती हैं।

  • शीत ऋतु (अक्टूबर-फरवरी): यात्रा के लिए आदर्श।
  • रामनवमी (मार्च-अप्रैल): यदि आप त्योहारी धूम देखना चाहें तो यह समय सर्वोत्तम है।

📝 यात्रा सुझाव

  • मंदिर सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है।
  • शाम की आरती (लगभग 7:00 बजे) में शामिल हों, यह अत्यंत मनमोहक होती है।
  • मंदिर परिसर में शुद्ध शाकाहारी भोजनालय उपलब्ध हैं।
  • फोटोग्राफी की अनुमति के लिए मंदिर प्रशासन से अनुमति लें।
  • प्रसाद के रूप में यहाँ का "राम मिश्री" प्रसिद्ध है, अवश्य ग्रहण करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: श्री राम मंदिर कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित है। भदोही रेलवे स्टेशन से बस कुछ ही कदम की दूरी पर है।

प्रश्न 2: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता क्या है?

उत्तर: इस मंदिर की सबसे खास विशेषता यहाँ की प्राचीन राम मूर्ति, भव्य वास्तुकला, और यहाँ आयोजित होने वाले रामायण पाठ एवं भजन-कीर्तन हैं। साथ ही, यह स्थान अपनी शांत वाटिका और भक्ति-भावना के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न 3: क्या यहाँ कोई प्रवेश शुल्क है?

उत्तर: मंदिर में कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।

प्रश्न 4: यहाँ दर्शन करने का सबसे अच्छा समय क्या है?

उत्तर: अक्टूबर से मार्च के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे अच्छा है। रामनवमी और दशहरा के अवसर पर यहाँ विशेष उत्सव होते हैं।

प्रश्न 5: क्या यहाँ भोजन और आवास की व्यवस्था है?

उत्तर: भदोही में कई धर्मशालाएँ और निजी होटल उपलब्ध हैं। बेहतर आवास के लिए वाराणसी जाना अधिक सुविधाजनक रहता है। मंदिर परिसर के पास शुद्ध शाकाहारी भोजन की दुकानें मौजूद हैं।

प्रश्न 6: भदोही कैसे पहुँचा जा सकता है?

उत्तर: भदोही रेलवे स्टेशन (BOY) हावड़ा-मुगलसराय मुख्य लाइन पर स्थित है, जिससे देशभर से ट्रेनें उपलब्ध हैं। सड़क मार्ग से वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर आदि से बसें और टैक्सियाँ आसानी से मिल जाती हैं।

प्रश्न 7: क्या यहाँ विशेष पूजा या अनुष्ठान करवाए जा सकते हैं?

उत्तर: हाँ, मंदिर के पुजारियों से संपर्क करके आप विशेष पूजा, अभिषेक, या रामायण पाठ का आयोजन करवा सकते हैं।

📝 श्री राम मंदिर की यात्रा का आध्यात्मिक लाभ

श्री राम मंदिर, भदोही एक ऐसा धार्मिक स्थल है जहाँ भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह स्थान न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि भक्तों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरणों में समर्पित होने का अवसर भी देता है।

यहाँ की मनमोहक मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, और नियमित रूप से होने वाले सत्संग एवं रामायण पाठ हर किसी को भक्ति-रस में डुबो देते हैं। चाहे आप सच्चे भक्त हों, आध्यात्मिक साधक हों, या फिर एक सांस्कृतिक पर्यटक, यह स्थान आपको एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

भदोही की पवित्र भूमि पर स्थित यह मंदिर उन सभी के लिए एक आदर्श तीर्थ स्थल है जो श्री राम की अनन्य भक्ति का अनुभव करना चाहते हैं और अपने जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना रखते हैं।

🙏 जय श्री राम ।। श्री राम जय राम जय जय राम ।।

🕊️ श्री राम मंदिर – भदोही रेलवे स्टेशन क्षेत्र
आस्था, शांति और मर्यादा पुरुषोत्तम की कृपा का धाम

प्रभु रामचन्द्र जी की पावन लीलाओं और राम भजनों के संग्रह के लिए रामायण अन्वेषक का आनंद लें।

प्रामाणिक मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका

यह मंदिर विवरण भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा प्रामाणिक धर्मग्रंथों, ऐतिहासिक शोधपत्रों एवं संबंधित मंदिर समितियों द्वारा जारी की गई अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर समीक्षित एवं सत्यापित किया गया है।

इतिहास एवं तथ्य-जांचित अंतिम सत्यापन तिथि: 23 Mar 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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