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प्रसिद्ध मंदिर

सोमेश्वर महादेव मंदिर, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के संरक्षक भगवान शिव
Shiva

सोमेश्वर महादेव मंदिर, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के संरक्षक भगवान शिव

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के अरैल घाट, नैनी पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन और दिव्य शिव मंदिर है। चंद्रदेव की तपोस्थली होने के कारण यह चंद्र दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध है। गंगा तट पर स्थित यह मंदिर त्रिवेणी संगम के निकट है और अपनी शांत वातावरण, भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है। जानिए इसका महत्व, पौराणिक कथा, और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

श्री शिव मंदिर – औराई, प्रयागराज: भोलेनाथ का भव्य धाम
Shiva

श्री शिव मंदिर – औराई, प्रयागराज: भोलेनाथ का भव्य धाम

Aurai, Uttar Pradesh

प्रयागराज के औराई क्षेत्र में स्थित श्री शिव मंदिर भगवान शंकर को समर्पित एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ का स्वयंभू शिवलिंग, भव्य रुद्राभिषेक, सावन सोमवार की धूम, महाशिवरात्रि का उत्सव और शिव महापुराण कथा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

विष्णु मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: श्री हरि विष्णु का प्राचीन एवं दिव्य धाम
Vishnu

विष्णु मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: श्री हरि विष्णु का प्राचीन एवं दिव्य धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित एक दिव्य धाम है। यहाँ की दिव्य मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, भजन-कीर्तन और विष्णु पुराण कथा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

संगम मंदिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज: तीन पवित्र नदियों का अद्वितीय संगम
Triveni Sangam

संगम मंदिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज: तीन पवित्र नदियों का अद्वितीय संगम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर स्थित संगम मंदिर हिंदुओं का अत्यंत पवित्र स्थल है। यहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। यह स्थान कुंभ मेले, अर्धकुंभ और माघ मेले के लिए प्रसिद्ध है। जानिए इसका महत्व, पौराणिक कथा और यात्रा की जानकारी।

हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम
Hanuman

हनुमान मंदिर – ज्ञानपुर, भदोही: शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का पावन धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के ज्ञानपुर नगर में स्थित हनुमान मंदिर शक्ति, भक्ति और संकटमोचन का एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ की प्राचीन हनुमान मूर्ति, नियमित सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, मंगलवार-शनिवार की विशेष आरतियाँ और हनुमान जयंती का उत्सव भक्तों को अद्भुत शांति एवं साहस प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
विस्तार से
श्री शनि देव मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: न्याय के देवता का प्रसिद्ध धाम
Shani

श्री शनि देव मंदिर – सुंदरपुर, वाराणसी: न्याय के देवता का प्रसिद्ध धाम

Sundarpur, Uttar Pradesh

वाराणसी के सुंदरपुर क्षेत्र में स्थित श्री शनि देव मंदिर न्याय के देवता शनि महाराज का एक प्राचीन एवं प्रभावशाली धाम है। यहाँ का तैलाभिषेक, शनि जयंती, अमावस्या एवं शनिवार की विशेष पूजा भक्तों को शनि दोष से मुक्ति दिलाती है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
5:00 AM – 12:00 PM, 4:00 PM – 9:00 PM
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चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम
Hanuman

चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के ऐतिहासिक चंद्रशेखर आज़ाद पार्क में स्थित हनुमान मंदिर आस्था, शक्ति और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम है। यहाँ हनुमान जी की भव्य प्रतिमा, हरा-भरा परिसर और चंद्रशेखर आज़ाद का स्मारक स्थित है। जानिए इसका इतिहास, महत्व, दर्शन समय, और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

दुर्गा मंदिर, ज्ञानपुर: शक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र
Durga

दुर्गा मंदिर, ज्ञानपुर: शक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र

Gyanpur, Uttar Pradesh

ज्ञानपुर, भदोही में स्थित श्री दुर्गा मंदिर माँ दुर्गा का एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। नवरात्रि में यहाँ भव्य आयोजन होते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
प्रातः 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक | Morning 5:00 AM – 12:00 PM, Evening 4:00 PM – 9:00 PM
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पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट, प्रयागराज: शाश्वत आस्था का प्रतीक
Akshay Vat

पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट, प्रयागराज: शाश्वत आस्था का प्रतीक

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज किले (भारतीय सेना के अधीन) में स्थित पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट एक अद्भुत धार्मिक स्थल है। यहाँ का अक्षय वट अविनाशी बरगद का पेड़ है, जहाँ भगवान राम ने वनवास के दौरान विश्राम किया था। जानिए यहाँ का इतिहास, महत्व, दर्शन समय, और यात्रा संबंधी पूरी जानकारी।

22 Mar 2026
8:00 AM – 5:00 PM (Subject to Army permission)
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हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम
Hanuman

हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर) भगवान हनुमान का एक प्राचीन एवं शक्तिशाली मंदिर है। यहाँ सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। मंदिर की प्राचीन मूर्ति, यमुना का तटीय दृश्य और मनकामेश्वर मंदिर से निकटता इसे एक अद्वितीय आध्यात्मिक केंद्र बनाते हैं। जानिए यहाँ की पौराणिक कथा, महत्व, दर्शन समय और यात्रा सुझाव।

श्री शनि धाम – भदोही: शनि देव का प्रसिद्ध मंदिर
Shani

श्री शनि धाम – भदोही: शनि देव का प्रसिद्ध मंदिर

Bhadohi, Uttar Pradesh

श्री शनि धाम, भदोही उत्तर प्रदेश का एक प्रसिद्ध शनि मंदिर है। यहाँ शनि देव की स्वयंभू प्रतिमा विराजमान है। शनि जयंती, अमावस्या और शनिवार को विशेष पूजा का आयोजन होता है। शनि दोष निवारण, व्यापार, नौकरी और स्वास्थ्य लाभ हेतु यहाँ हजारों भक्त आते हैं। जानें इतिहास, आरती, मंत्र, त्योहार, और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

कल्याणेश्वर मंदिर – भदोही: शिव भक्ति का प्राचीन एवं पवित्र धाम
Shiva

कल्याणेश्वर मंदिर – भदोही: शिव भक्ति का प्राचीन एवं पवित्र धाम

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही (संत रविदास नगर) में स्थित कल्याणेश्वर मंदिर भगवान शिव का एक प्राचीन, भव्य और आस्था का केंद्र है। स्वयंभू शिवलिंग, भव्य वास्तुकला, श्रावण मेला और महाशिवरात्रि का उत्सव यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ हैं। जानिए मंदिर का इतिहास, महत्व, दर्शन समय, आरती और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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