वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : द्वितीया (शुक्ल पक्ष)

14 अगस्त 2026 (शुक्रवार) | विक्रम संवत 2083 (श्रावण मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 07:59 PM तक नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (04:53 AM तक) अभिजित: 11:59 AM से 12:52 PM राहुकाल: 09:07 AM से 10:46 AM
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वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · श्रावण मास
द्वितीया तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज द्वितीया (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:59 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी • प्रकृति: भद्रा (Bhadra) संज्ञक • फल: विद्या, प्रतिष्ठा, गृह-शांति एवं यात्रा सफलता
तिथि समाप्ति समय
07:59 PM तक
अगली तिथि: तृतीया (शुक्ल पक्ष) (07:59 PM से)
1. तिथि (Tithi)
द्वितीया
07:59 PM तक
शुक्ल पक्ष · भद्रा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पूर्वाफाल्गुनी
04:53 AM तक
चरण: 1 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
शुक्रवार
स्वामी: माँ महालक्ष्मी व शुक्र देव
रंग: गुलाबी, श्वेत व चमकीला
4. योग (Yoga)
परिघ
मध्यम
संख्या: 19 / 27
5. करण (Karana)
बालव (Balava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) नंदी पर आरूढ़
परम शुभ (मनोकामना सिद्धि व विजय)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ ब्रह्मणे नमः | ॐ आत्मने नमः
अधिष्ठाता देव सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से विद्या, प्रतिष्ठा, गृह-शांति एवं यात्रा सफलता की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

05:48 AM

सूर्यास्त (Sunset)

07:03 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

06:56 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

06:56 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र राशि (Moon Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 13 घंटे 14 मिनट · 10 घंटे 45 मिनट
ऋतु व अयन: वर्षा ऋतु (Monsoon) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:59 AM से 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 AM से 05:00 AM
अमृत काल: 08:18 AM से 09:48 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:39 PM से 07:27 PM
विजय मुहूर्त: 01:45 PM से 02:38 PM
आनन्दादि योग: सिद्धि (Siddhi) (परम शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 09:07 AM से 10:46 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 01:48 PM से 03:24 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 03:44 PM से 05:23 PM
गुलिक काल: 07:27 AM से 09:07 AM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
चर
05:48 AM–07:27 AM
लाभ
07:27 AM–09:07 AM
अमृत
09:07 AM–10:46 AM
काल
10:46 AM–12:25 PM
शुभ
12:25 PM–02:05 PM
रोग
02:05 PM–03:44 PM
उद्वेग
03:44 PM–05:23 PM
चर
05:23 PM–07:03 PM
रात्रि चौघड़िया
रोग
07:03 PM–08:23 PM
काल
08:23 PM–09:44 PM
लाभ
09:44 PM–11:05 PM
उद्वेग
11:05 PM–12:25 AM
शुभ
12:25 AM–01:46 AM
अमृत
01:46 AM–03:07 AM
चर
03:07 AM–04:27 AM
रोग
04:27 AM–05:48 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शुक्र
05:48 AM
06:54 AM
बुध
06:54 AM
08:01 AM
चंद्र
08:01 AM
09:07 AM
शनि
09:07 AM
10:13 AM
गुरु
10:13 AM
11:19 AM
मंगल
11:19 AM
12:25 PM
सूर्य
12:25 PM
01:32 PM
शुक्र
01:32 PM
02:38 PM
बुध
02:38 PM
03:44 PM
चंद्र
03:44 PM
04:50 PM
शनि
04:50 PM
05:56 PM
गुरु
05:56 PM
07:03 PM
🌙
होरा — रात
मंगल
07:03 PM
07:56 PM
सूर्य
07:56 PM
08:50 PM
शुक्र
08:50 PM
09:44 PM
बुध
09:44 PM
10:38 PM
चंद्र
10:38 PM
11:32 PM
शनि
11:32 PM
12:25 AM
गुरु
12:25 AM
01:19 AM
मंगल
01:19 AM
02:13 AM
सूर्य
02:13 AM
03:07 AM
शुक्र
03:07 AM
04:01 AM
बुध
04:01 AM
04:54 AM
चंद्र
04:54 AM
05:48 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कर्क (Cancer) 05:48 AM - 07:48 AM चर लग्न (Chara)
सिंह (Leo) 07:48 AM - 09:48 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
कन्या (Virgo) 09:48 AM - 11:48 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 11:48 AM - 01:48 PM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 01:48 PM - 03:48 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 03:48 PM - 05:48 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा सिंह (Leo) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कर्क (Cancer) 27° 02' आश्लेषा
चंद्रमा (Moon) सिंह (Leo) 13° 56' पूर्वाफाल्गुनी
मंगल (Mars) तुला (Libra) 01° 32' चित्रा
बुध (Mercury) सिंह (Leo) 11° 14' मघा
बृहस्पति (Jupiter) वृश्चिक (Scorpio) 29° 02' ज्येष्ठा
शुक्र (Venus) कन्या (Virgo) 02° 50' उत्तराफाल्गुनी
शनि (Saturn) मीन (Pisces) 02° 26' पूर्वाभाद्रपद
राहु (Rahu) कन्या (Virgo) 22° 57' हस्त
केतु (Ketu) मीन (Pisces) 22° 57' रेवती
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), वर्षा ऋतु (Monsoon), श्रावण मासे, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथौ, शुक्रवार वासरे, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्रे, परिघ योगे, बालव (Balava) करणे, सूर्य कर्क (Cancer) राशिस्थिते, चन्द्र सिंह (Leo) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
भरणी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
कृत्तिका अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
रोहिणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मृगशिरा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
आर्द्रा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पुनर्वसु प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पुष्य क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
आश्लेषा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मघा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाफाल्गुनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराफाल्गुनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
हस्त मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
चित्रा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
स्वाती साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
विशाखा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
अनुराधा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
ज्येष्ठा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मूल सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाषाढ़ा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराषाढ़ा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
श्रवण मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
धनिष्ठा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
शतभिषा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाभाद्रपद प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराभाद्रपद क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
रेवती विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
2 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
16 अगस्त 2026 रविवार
6 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: विशाखा
20 अगस्त 2026 गुरुवार
9 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
23 अगस्त 2026 रविवार
12 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: श्रवण
26 अगस्त 2026 बुधवार
14 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: शतभिषा
28 अगस्त 2026 शुक्रवार
18 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
1 सितंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बालव (Balava)
करण के देवता (Ruling Deity)
ब्रह्मा जी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
सृजन, बुद्धि एवं मांगलिक कार्य
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
यज्ञ, हवन, धार्मिक अनुष्ठान व अध्ययन

आज की तिथि (द्वितीया) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 14 अगस्त 2026 को द्वितीया (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:59 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

द्वितीया तिथि के स्वामी जगत पिता ब्रह्मा जी हैं। यह तिथि सांसारिक एवं आध्यात्मिक कार्यों के विस्तार हेतु अत्यंत फलदायी है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की द्वितीया तिथि के स्वामी सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'भद्रा (Bhadra)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे विद्या, प्रतिष्ठा, गृह-शांति एवं यात्रा सफलता की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:12 AM से 05:00 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: सरस्वती व ब्रह्मा जी का ध्यान कर पीले पुष्प अर्पित करें तथा विद्याध्ययन या नवीन ज्ञान का अभ्यास करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ ब्रह्मणे नमः | ॐ आत्मने नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

सफेद मिठाई, मखाना, खीर, इत्र व रेशमी वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 6 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

बैंगन (छोटा बैंगन) का सेवन वर्जित है क्योंकि यह पित्त वृद्धि कारक होता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:59 AM से 12:52 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (09:07 AM से 10:46 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी श्रावण मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कर्क (Cancer) में तथा चंद्र देव सिंह (Leo) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज द्वितीया (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 14 अगस्त 2026 को 07:59 PM तक रहेगी। इसके पश्चात तृतीया (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ ब्रह्मणे नमः | ॐ आत्मने नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से विद्या, प्रतिष्ठा, गृह-शांति एवं यात्रा सफलता की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:59 AM से 12:52 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 09:07 AM से 10:46 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास नंदी पर आरूढ़ (परम शुभ (मनोकामना सिद्धि व विजय)) है।
आज शुक्रवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।
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