वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : अष्टमी (शुक्ल पक्ष)

19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) | विक्रम संवत 2083 (आश्विन मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:23 AM तक नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (02:41 PM तक) अभिजित: 11:43 AM से 12:29 PM राहुकाल: 06:23 AM से 07:48 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · आश्विन मास
अष्टमी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज अष्टमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:23 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: माँ दुर्गा एवं भगवान शिव/भैरव • प्रकृति: जया (Jaya) संज्ञक • फल: असुर शक्ति नाश, भय मुक्ति, आत्मबल एवं सर्वसिद्धि
तिथि समाप्ति समय
10:23 AM तक
अगली तिथि: नवमी (शुक्ल पक्ष) (10:23 AM से)
1. तिथि (Tithi)
अष्टमी
10:23 AM तक
शुक्ल पक्ष · जया
2. नक्षत्र (Nakshatra)
उत्तराषाढ़ा
02:41 PM तक
चरण: 3 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
सोमवार
स्वामी: भगवान शिव व चंद्र देव
रंग: श्वेत, मोती व दूधिया
4. योग (Yoga)
धृति
शुभ (धैर्य व स्थिरता)
संख्या: 8 / 27
5. करण (Karana)
बव (Bava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) समाधि में
शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ दुं दुर्गायै नमः | ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गतिनाशिन्यै महामायायै स्वाहा
अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा एवं भगवान शिव/भैरव का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से असुर शक्ति नाश, भय मुक्ति, आत्मबल एवं सर्वसिद्धि की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:23 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:49 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

12:39 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

12:39 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): मकर (Capricorn)
चन्द्र वास (दिशा): दक्षिण दिशा (South)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 26 मिनट · 12 घंटे 33 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:43 AM से 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:47 AM से 05:35 AM
अमृत काल: 08:53 AM से 10:23 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:25 PM से 06:13 PM
विजय मुहूर्त: 01:14 PM से 02:00 PM
आनन्दादि योग: मृत्यु (Mrityu) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 06:23 AM से 07:48 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 02:23 PM से 03:59 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 10:40 AM से 12:06 PM
गुलिक काल: 01:31 PM से 02:57 PM
दिशाशूल: पूर्व दिशा (उपाय: दर्पण (शीशा) देखकर अथवा दूध का घूंट पीकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
अमृत
06:23 AM–07:48 AM
काल
07:48 AM–09:14 AM
शुभ
09:14 AM–10:40 AM
रोग
10:40 AM–12:06 PM
उद्वेग
12:06 PM–01:31 PM
चर
01:31 PM–02:57 PM
लाभ
02:57 PM–04:23 PM
अमृत
04:23 PM–05:49 PM
रात्रि चौघड़िया
चर
05:49 PM–07:23 PM
रोग
07:23 PM–08:57 PM
काल
08:57 PM–10:31 PM
लाभ
10:31 PM–12:06 AM
उद्वेग
12:06 AM–01:40 AM
शुभ
01:40 AM–03:14 AM
अमृत
03:14 AM–04:48 AM
चर
04:48 AM–06:23 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
चंद्र
06:23 AM
07:20 AM
शनि
07:20 AM
08:17 AM
गुरु
08:17 AM
09:14 AM
मंगल
09:14 AM
10:11 AM
सूर्य
10:11 AM
11:08 AM
शुक्र
11:08 AM
12:06 PM
बुध
12:06 PM
01:03 PM
चंद्र
01:03 PM
02:00 PM
शनि
02:00 PM
02:57 PM
गुरु
02:57 PM
03:54 PM
मंगल
03:54 PM
04:51 PM
सूर्य
04:51 PM
05:49 PM
🌙
होरा — रात
शुक्र
05:49 PM
06:51 PM
बुध
06:51 PM
07:54 PM
चंद्र
07:54 PM
08:57 PM
शनि
08:57 PM
10:00 PM
गुरु
10:00 PM
11:03 PM
मंगल
11:03 PM
12:06 AM
सूर्य
12:06 AM
01:08 AM
शुक्र
01:08 AM
02:11 AM
बुध
02:11 AM
03:14 AM
चंद्र
03:14 AM
04:17 AM
शनि
04:17 AM
05:20 AM
गुरु
05:20 AM
06:23 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:23 AM - 08:23 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:23 AM - 10:23 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:23 AM - 12:23 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:23 PM - 02:23 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:23 PM - 04:23 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:23 PM - 06:23 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा मकर (Capricorn) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) शुभ
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 01° 25' चित्रा
चंद्रमा (Moon) मकर (Capricorn) 05° 25' उत्तराषाढ़ा
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 05° 55' मूल
बुध (Mercury) तुला (Libra) 15° 37' स्वाती
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 03° 25' धनिष्ठा
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 07° 13' अनुराधा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 06° 49' कृत्तिका
राहु (Rahu) कर्क (Cancer) 18° 34' आश्लेषा
केतु (Ketu) मकर (Capricorn) 18° 34' श्रवण
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), आश्विन मासे, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथौ, सोमवार वासरे, उत्तराषाढ़ा नक्षत्रे, धृति योगे, बव (Bava) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र मकर (Capricorn) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
भरणी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
कृत्तिका जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
रोहिणी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
मृगशिरा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
आर्द्रा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पुनर्वसु साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पुष्य प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आश्लेषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मघा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पूर्वाफाल्गुनी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
उत्तराफाल्गुनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
हस्त अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
चित्रा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
स्वाती वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
विशाखा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
अनुराधा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
ज्येष्ठा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मूल विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पूर्वाषाढ़ा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
उत्तराषाढ़ा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
श्रवण अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
धनिष्ठा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
शतभिषा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाभाद्रपद साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराभाद्रपद प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
रेवती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
19 अक्टूबर 2026 सोमवार
3 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: शतभिषा
22 अक्टूबर 2026 गुरुवार
5 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद
24 अक्टूबर 2026 शनिवार
7 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
26 अक्टूबर 2026 सोमवार
10 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: रोहिणी
29 अक्टूबर 2026 गुरुवार
17 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
5 नवंबर 2026 गुरुवार
19 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
20 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बव (Bava)
करण के देवता (Ruling Deity)
इंद्र देव
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
आरोग्य, यश एवं राज्य कृपा
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
पौष्टिक कार्य, विद्यारम्भ व नवीन आरंभ

आज की तिथि (अष्टमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 19 अक्टूबर 2026 को अष्टमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:23 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

अष्टमी तिथि शक्ति संचय की प्रधान तिथि है। दुर्गाष्टमी, श्री कृष्ण जन्माष्टमी और काल भैरवाष्टमी इसी दिन मनाई जाती हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की अष्टमी तिथि के स्वामी माँ दुर्गा एवं भगवान शिव/भैरव हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'जया (Jaya)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे असुर शक्ति नाश, भय मुक्ति, आत्मबल एवं सर्वसिद्धि की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:47 AM से 05:35 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: माँ महागौरी/दुर्गा को लाल चुनरी, धूप, दीप व हलवा-चना का भोग लगाएं और दुर्गा चालीसा पढ़ें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ दुं दुर्गायै नमः | ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गतिनाशिन्यै महामायायै स्वाहा' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

चावल, दूध, श्वेत वस्त्र, मिश्री व चांदी का दान करें। आज का शुभ अंक 2 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

नारियल का फल खाना वर्जित है क्योंकि इसे बुद्धि नाश कारक माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:43 AM से 12:29 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता माँ दुर्गा एवं भगवान शिव/भैरव की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (06:23 AM से 07:48 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पूर्व) में बिना आवश्यक उपाय (दर्पण (शीशा) देखकर अथवा दूध का घूंट पीकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी आश्विन मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव मकर (Capricorn) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज अष्टमी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 19 अक्टूबर 2026 को 10:23 AM तक रहेगी। इसके पश्चात नवमी (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी माँ दुर्गा एवं भगवान शिव/भैरव हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ दुं दुर्गायै नमः | ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गतिनाशिन्यै महामायायै स्वाहा' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से असुर शक्ति नाश, भय मुक्ति, आत्मबल एवं सर्वसिद्धि की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:43 AM से 12:29 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 06:23 AM से 07:48 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास समाधि में (शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)) है।
आज सोमवार होने के कारण दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो दर्पण (शीशा) देखकर अथवा दूध का घूंट पीकर निकलें।
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