वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : सप्तमी (कृष्ण पक्ष)

1 नवंबर 2026 (रविवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 03:52 PM तक नक्षत्र: पुष्य (06:02 AM तक) अभिजित: 11:42 AM से 12:26 PM राहुकाल: 02:51 PM से 04:14 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · कार्तिक मास
सप्तमी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज सप्तमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 03:52 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान सूर्य नारायण • प्रकृति: भद्रा (Bhadra) संज्ञक • फल: आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान
तिथि समाप्ति समय
03:52 PM तक
अगली तिथि: अष्टमी (कृष्ण पक्ष) (03:52 PM से)
1. तिथि (Tithi)
सप्तमी
03:52 PM तक
कृष्ण पक्ष · भद्रा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पुष्य
06:02 AM तक
चरण: 1 · गण: देव
3. वार (Vara)
रविवार
स्वामी: भगवान सूर्य नारायण
रंग: लाल / नारंगी व केसरिया
4. योग (Yoga)
साध्य
शुभ (कठिन कार्य सिद्धि)
संख्या: 22 / 27
5. करण (Karana)
बव (Bava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) समाधि में
शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः
अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य नारायण का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:31 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:37 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

11:49 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

11:49 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 05 मिनट · 12 घंटे 54 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:42 AM से 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:55 AM से 05:43 AM
अमृत काल: 09:01 AM से 10:31 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:13 PM से 06:01 PM
विजय मुहूर्त: 01:11 PM से 01:55 PM
आनन्दादि योग: श्रीवत्स (Shrivatsa) (अति शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 02:51 PM से 04:14 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 02:31 PM से 04:07 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 12:04 PM से 01:27 PM
गुलिक काल: 02:51 PM से 04:14 PM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: पान अथवा शुद्ध घी खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
उद्वेग
06:31 AM–07:55 AM
चर
07:55 AM–09:18 AM
लाभ
09:18 AM–10:41 AM
अमृत
10:41 AM–12:04 PM
काल
12:04 PM–01:27 PM
शुभ
01:27 PM–02:51 PM
रोग
02:51 PM–04:14 PM
उद्वेग
04:14 PM–05:37 PM
रात्रि चौघड़िया
शुभ
05:37 PM–07:14 PM
अमृत
07:14 PM–08:51 PM
चर
08:51 PM–10:27 PM
रोग
10:27 PM–12:04 AM
काल
12:04 AM–01:41 AM
लाभ
01:41 AM–03:18 AM
उद्वेग
03:18 AM–04:55 AM
शुभ
04:55 AM–06:31 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
सूर्य
06:31 AM
07:27 AM
शुक्र
07:27 AM
08:22 AM
बुध
08:22 AM
09:18 AM
चंद्र
09:18 AM
10:13 AM
शनि
10:13 AM
11:09 AM
गुरु
11:09 AM
12:04 PM
मंगल
12:04 PM
01:00 PM
सूर्य
01:00 PM
01:55 PM
शुक्र
01:55 PM
02:51 PM
बुध
02:51 PM
03:46 PM
चंद्र
03:46 PM
04:42 PM
शनि
04:42 PM
05:37 PM
🌙
होरा — रात
गुरु
05:37 PM
06:42 PM
मंगल
06:42 PM
07:46 PM
सूर्य
07:46 PM
08:51 PM
शुक्र
08:51 PM
09:55 PM
बुध
09:55 PM
11:00 PM
चंद्र
11:00 PM
12:04 AM
शनि
12:04 AM
01:09 AM
गुरु
01:09 AM
02:13 AM
मंगल
02:13 AM
03:18 AM
सूर्य
03:18 AM
04:22 AM
शुक्र
04:22 AM
05:27 AM
बुध
05:27 AM
06:31 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:31 AM - 08:31 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:31 AM - 10:31 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:31 AM - 12:31 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:31 PM - 02:31 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:31 PM - 04:31 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:31 PM - 06:31 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कर्क (Cancer) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 14° 23' स्वाती
चंद्रमा (Moon) कर्क (Cancer) 03° 43' पुष्य
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 18° 53' पूर्वाषाढ़ा
बुध (Mercury) तुला (Libra) 28° 35' विशाखा
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 16° 23' शतभिषा
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 20° 11' ज्येष्ठा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 19° 47' रोहिणी
राहु (Rahu) कर्क (Cancer) 05° 36' पुष्य
केतु (Ketu) मकर (Capricorn) 05° 36' उत्तराषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथौ, रविवार वासरे, पुष्य नक्षत्रे, साध्य योगे, बव (Bava) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र कर्क (Cancer) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पुष्य

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
भरणी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
कृत्तिका साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
रोहिणी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
मृगशिरा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
आर्द्रा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पुनर्वसु सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पुष्य जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
आश्लेषा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
मघा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पूर्वाफाल्गुनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
उत्तराफाल्गुनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
हस्त प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
चित्रा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
स्वाती विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
विशाखा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
अनुराधा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
ज्येष्ठा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
मूल मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पूर्वाषाढ़ा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
उत्तराषाढ़ा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
श्रवण प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
धनिष्ठा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
शतभिषा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पूर्वाभाद्रपद सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
उत्तराभाद्रपद जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
रेवती अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
4 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
5 नवंबर 2026 गुरुवार
6 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
7 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार
8 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
9 नवंबर 2026 सोमवार
12 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
13 नवंबर 2026 शुक्रवार
16 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
17 नवंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बव (Bava)
करण के देवता (Ruling Deity)
इंद्र देव
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
आरोग्य, यश एवं राज्य कृपा
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
पौष्टिक कार्य, विद्यारम्भ व नवीन आरंभ

आज की तिथि (सप्तमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 1 नवंबर 2026 को सप्तमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 03:52 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

सप्तमी तिथि भगवान भुवन भास्कर सूर्य देव की जन्म तिथि मानी जाती है। रथ सप्तमी इसी दिन आती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य नारायण हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'भद्रा (Bhadra)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:55 AM से 05:43 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: प्रातः तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल में रोली व लाल पुष्प मिलाकर अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गेहूं, तांबा, लाल पुष्प, गुड़ व माणिक्य का दान करें। आज का शुभ अंक 1 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

ताड़ फल अथवा कांस्य पात्र में भोजन वर्जित माना जाता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:42 AM से 12:26 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान सूर्य नारायण की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (02:51 PM से 04:14 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (पान अथवा शुद्ध घी खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव कर्क (Cancer) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज सप्तमी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 1 नवंबर 2026 को 03:52 PM तक रहेगी। इसके पश्चात अष्टमी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान सूर्य नारायण हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 02:51 PM से 04:14 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास समाधि में (शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)) है।
आज रविवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो पान अथवा शुद्ध घी खाकर प्रस्थान करें।
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