वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : नवमी (कृष्ण पक्ष)

3 नवंबर 2026 (मंगलवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 12:11 PM तक नक्षत्र: मघा (03:53 AM तक) अभिजित: 11:42 AM से 12:26 PM राहुकाल: 01:27 PM से 02:50 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · कार्तिक मास
नवमी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज नवमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 12:11 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: माँ दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम • प्रकृति: रिक्ता (Rikta) संज्ञक • फल: धर्म सिद्धि, मर्यादा, यश एवं समस्त अमंगल का नाश
तिथि समाप्ति समय
12:11 PM तक
अगली तिथि: दशमी (कृष्ण पक्ष) (12:11 PM से)
1. तिथि (Tithi)
नवमी
12:11 PM तक
कृष्ण पक्ष · रिक्ता
2. नक्षत्र (Nakshatra)
मघा
03:53 AM तक
चरण: 1 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
मंगलवार
स्वामी: श्री हनुमान जी व मंगल देव
रंग: सिंदूरी, गहरा लाल व नारंगी
4. योग (Yoga)
शुक्ल
शुभ व पवित्र
संख्या: 24 / 27
5. करण (Karana)
गर (Gara)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) सभा में
मध्यम (साधारण फल)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ रां रामाय नमः | ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से धर्म सिद्धि, मर्यादा, यश एवं समस्त अमंगल का नाश की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:33 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:36 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

01:34 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

01:34 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 02 मिनट · 12 घंटे 57 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:42 AM से 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:57 AM से 05:45 AM
अमृत काल: 09:03 AM से 10:33 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:12 PM से 06:00 PM
विजय मुहूर्त: 01:10 PM से 01:55 PM
आनन्दादि योग: कालदण्ड (Kaladanda) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 01:27 PM से 02:50 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 06:33 PM से 08:09 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 09:18 AM से 10:41 AM
गुलिक काल: 12:04 PM से 01:27 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
रोग
06:33 AM–07:56 AM
उद्वेग
07:56 AM–09:18 AM
चर
09:18 AM–10:41 AM
लाभ
10:41 AM–12:04 PM
अमृत
12:04 PM–01:27 PM
काल
01:27 PM–02:50 PM
शुभ
02:50 PM–04:13 PM
रोग
04:13 PM–05:36 PM
रात्रि चौघड़िया
काल
05:36 PM–07:13 PM
लाभ
07:13 PM–08:50 PM
उद्वेग
08:50 PM–10:27 PM
शुभ
10:27 PM–12:04 AM
अमृत
12:04 AM–01:41 AM
चर
01:41 AM–03:18 AM
रोग
03:18 AM–04:56 AM
काल
04:56 AM–06:33 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
मंगल
06:33 AM
07:28 AM
सूर्य
07:28 AM
08:23 AM
शुक्र
08:23 AM
09:18 AM
बुध
09:18 AM
10:14 AM
चंद्र
10:14 AM
11:09 AM
शनि
11:09 AM
12:04 PM
गुरु
12:04 PM
12:59 PM
मंगल
12:59 PM
01:55 PM
सूर्य
01:55 PM
02:50 PM
शुक्र
02:50 PM
03:45 PM
बुध
03:45 PM
04:40 PM
चंद्र
04:40 PM
05:36 PM
🌙
होरा — रात
शनि
05:36 PM
06:40 PM
गुरु
06:40 PM
07:45 PM
मंगल
07:45 PM
08:50 PM
सूर्य
08:50 PM
09:55 PM
शुक्र
09:55 PM
10:59 PM
बुध
10:59 PM
12:04 AM
चंद्र
12:04 AM
01:09 AM
शनि
01:09 AM
02:14 AM
गुरु
02:14 AM
03:18 AM
मंगल
03:18 AM
04:23 AM
सूर्य
04:23 AM
05:28 AM
शुक्र
05:28 AM
06:33 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:33 AM - 08:33 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:33 AM - 10:33 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:33 AM - 12:33 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:33 PM - 02:33 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:33 PM - 04:33 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:33 PM - 06:33 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा सिंह (Leo) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 16° 23' स्वाती
चंद्रमा (Moon) सिंह (Leo) 01° 34' मघा
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 20° 53' पूर्वाषाढ़ा
बुध (Mercury) वृश्चिक (Scorpio) 00° 35' विशाखा
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 18° 23' शतभिषा
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 22° 11' ज्येष्ठा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 21° 47' रोहिणी
राहु (Rahu) कर्क (Cancer) 03° 36' पुष्य
केतु (Ketu) मकर (Capricorn) 03° 36' उत्तराषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, कृष्ण पक्ष, नवमी तिथौ, मंगलवार वासरे, मघा नक्षत्रे, शुक्ल योगे, गर (Gara) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र सिंह (Leo) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: मघा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
भरणी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
कृत्तिका मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
रोहिणी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मृगशिरा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
आर्द्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पुनर्वसु क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुष्य विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आश्लेषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मघा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाफाल्गुनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
हस्त वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
चित्रा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
स्वाती प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
विशाखा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
अनुराधा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
ज्येष्ठा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मूल जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाषाढ़ा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
श्रवण वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
धनिष्ठा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
शतभिषा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाभाद्रपद क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
रेवती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
2 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
5 नवंबर 2026 गुरुवार
4 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
5 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार
6 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
9 नवंबर 2026 सोमवार
10 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
13 नवंबर 2026 शुक्रवार
14 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
17 नवंबर 2026 मंगलवार
19 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
22 नवंबर 2026 रविवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: गर (Gara)
करण के देवता (Ruling Deity)
भूमि देवी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
कृषि, बीज रोपण एवं स्थिरता
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
कृषि कार्य, वृक्षारोपण व बीज बोना

आज की तिथि (नवमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 3 नवंबर 2026 को नवमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 12:11 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

नवमी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र का प्राकट्य हुआ था तथा नवरात्रि की पूर्णाहुति होती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की नवमी तिथि के स्वामी माँ दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'रिक्ता (Rikta)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे धर्म सिद्धि, मर्यादा, यश एवं समस्त अमंगल का नाश की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:57 AM से 05:45 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान श्री राम का षोडशोपचार पूजन करें अथवा माँ सिद्धिदात्री की आराधना कर कन्या पूजन करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ रां रामाय नमः | ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गुड़, लाल मसूर की दाल, रक्त चंदन व तांबे के बर्तन का दान करें। आज का शुभ अंक 9 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

लौकी (घिया) का सेवन वर्जित है क्योंकि इसे गोमांस के समान त्याज्य बताया गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:42 AM से 12:26 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता माँ दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (01:27 PM से 02:50 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव सिंह (Leo) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज नवमी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 3 नवंबर 2026 को 12:11 PM तक रहेगी। इसके पश्चात दशमी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी माँ दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ रां रामाय नमः | ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से धर्म सिद्धि, मर्यादा, यश एवं समस्त अमंगल का नाश की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 01:27 PM से 02:50 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास सभा में (मध्यम (साधारण फल)) है।
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!