वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : दशमी (कृष्ण पक्ष)

4 नवंबर 2026 (बुधवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 11:09 AM तक नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (03:33 AM तक) अभिजित: 11:42 AM से 12:26 PM राहुकाल: 10:42 AM से 12:04 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · कार्तिक मास
दशमी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज दशमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 11:09 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं • प्रकृति: पूर्णा (Poorna) संज्ञक • फल: दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय
तिथि समाप्ति समय
11:09 AM तक
अगली तिथि: एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) (11:09 AM से)
1. तिथि (Tithi)
दशमी
11:09 AM तक
कृष्ण पक्ष · पूर्णा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पूर्वाफाल्गुनी
03:33 AM तक
चरण: 1 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
बुधवार
स्वामी: भगवान श्री गणेश व बुध देव
रंग: हरा व पिस्ता
4. योग (Yoga)
ब्रह्म
अति शुभ (ज्ञान व तप)
संख्या: 25 / 27
5. करण (Karana)
विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
अशुभ विष्टि (भद्रा)
भद्रा वास: मृत्यु लोक / पृथ्वी (अशुभ)
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) श्मशान में
अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
अधिष्ठाता देव धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:34 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:35 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

02:24 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

02:24 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 01 मिनट · 12 घंटे 58 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:42 AM से 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:58 AM से 05:46 AM
अमृत काल: 09:04 AM से 10:34 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:11 PM से 05:59 PM
विजय मुहूर्त: 01:10 PM से 01:54 PM
आनन्दादि योग: सुस्थिर (Susthira) (अति शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 10:42 AM से 12:04 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 02:34 PM से 04:10 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 07:56 AM से 09:19 AM
गुलिक काल: 10:42 AM से 12:04 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
लाभ
06:34 AM–07:56 AM
अमृत
07:56 AM–09:19 AM
काल
09:19 AM–10:42 AM
शुभ
10:42 AM–12:04 PM
रोग
12:04 PM–01:27 PM
उद्वेग
01:27 PM–02:50 PM
चर
02:50 PM–04:12 PM
लाभ
04:12 PM–05:35 PM
रात्रि चौघड़िया
उद्वेग
05:35 PM–07:12 PM
शुभ
07:12 PM–08:50 PM
अमृत
08:50 PM–10:27 PM
चर
10:27 PM–12:04 AM
रोग
12:04 AM–01:42 AM
काल
01:42 AM–03:19 AM
लाभ
03:19 AM–04:56 AM
उद्वेग
04:56 AM–06:34 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
बुध
06:34 AM
07:29 AM
चंद्र
07:29 AM
08:24 AM
शनि
08:24 AM
09:19 AM
गुरु
09:19 AM
10:14 AM
मंगल
10:14 AM
11:09 AM
सूर्य
11:09 AM
12:04 PM
शुक्र
12:04 PM
12:59 PM
बुध
12:59 PM
01:54 PM
चंद्र
01:54 PM
02:50 PM
शनि
02:50 PM
03:45 PM
गुरु
03:45 PM
04:40 PM
मंगल
04:40 PM
05:35 PM
🌙
होरा — रात
सूर्य
05:35 PM
06:40 PM
शुक्र
06:40 PM
07:45 PM
बुध
07:45 PM
08:50 PM
चंद्र
08:50 PM
09:54 PM
शनि
09:54 PM
10:59 PM
गुरु
10:59 PM
12:04 AM
मंगल
12:04 AM
01:09 AM
सूर्य
01:09 AM
02:14 AM
शुक्र
02:14 AM
03:19 AM
बुध
03:19 AM
04:24 AM
चंद्र
04:24 AM
05:29 AM
शनि
05:29 AM
06:34 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:34 AM - 08:34 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:34 AM - 10:34 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:34 AM - 12:34 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:34 PM - 02:34 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:34 PM - 04:34 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:34 PM - 06:34 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा सिंह (Leo) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 17° 23' स्वाती
चंद्रमा (Moon) सिंह (Leo) 15° 05' पूर्वाफाल्गुनी
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 21° 53' पूर्वाषाढ़ा
बुध (Mercury) वृश्चिक (Scorpio) 01° 35' विशाखा
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 19° 23' शतभिषा
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 23° 11' ज्येष्ठा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 22° 47' रोहिणी
राहु (Rahu) कर्क (Cancer) 02° 36' पुनर्वसु
केतु (Ketu) मकर (Capricorn) 02° 36' उत्तराषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, कृष्ण पक्ष, दशमी तिथौ, बुधवार वासरे, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्रे, ब्रह्म योगे, विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र सिंह (Leo) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
भरणी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
कृत्तिका अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
रोहिणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मृगशिरा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
आर्द्रा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पुनर्वसु प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पुष्य क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
आश्लेषा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मघा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाफाल्गुनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराफाल्गुनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
हस्त मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
चित्रा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
स्वाती साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
विशाखा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
अनुराधा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
ज्येष्ठा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मूल सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाषाढ़ा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराषाढ़ा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
श्रवण मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
धनिष्ठा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
शतभिषा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाभाद्रपद प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराभाद्रपद क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
रेवती विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
कल
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
5 नवंबर 2026 गुरुवार
3 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
4 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार
5 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
9 नवंबर 2026 सोमवार
9 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
13 नवंबर 2026 शुक्रवार
13 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
17 नवंबर 2026 मंगलवार
18 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
22 नवंबर 2026 रविवार
20 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
24 नवंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
करण के देवता (Ruling Deity)
यमराज
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
अशुभ योग (मांगलिक कार्य वर्जित)
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
शत्रु दमन, कोर्ट-कचहरी व तांत्रिक साधना

आज की तिथि (दशमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 4 नवंबर 2026 को दशमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 11:09 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

दशमी तिथि विजय की तिथि है। विजयादशमी (दशहरा) इसी तिथि पर संपन्न होता है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की दशमी तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'पूर्णा (Poorna)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:58 AM से 05:46 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान विष्णु व धर्मराज का स्मरण कर सत्य आचरण का संकल्प लें तथा जरूरतमंदों को जल व अन्न का दान करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

मूंग की हरी दाल, हरी चूड़ियां, कांसा व हरे वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 5 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

कलमी साग (कलंबी) का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:42 AM से 12:26 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (10:42 AM से 12:04 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव सिंह (Leo) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज दशमी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 4 नवंबर 2026 को 11:09 AM तक रहेगी। इसके पश्चात एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 10:42 AM से 12:04 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास श्मशान में (अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)) है।
आज बुधवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।
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