वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष)

5 नवंबर 2026 (गुरुवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:38 AM तक नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (03:41 AM तक) अभिजित: 11:42 AM से 12:26 PM राहुकाल: 12:04 PM से 01:27 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · कार्तिक मास
एकादशी (हरिवासर) तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:38 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान श्री हरि विष्णु • प्रकृति: नंदा (Nanda) संज्ञक • फल: सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति
तिथि समाप्ति समय
10:38 AM तक
अगली तिथि: द्वादशी (कृष्ण पक्ष) (10:38 AM से)
1. तिथि (Tithi)
एकादशी (हरिवासर)
10:38 AM तक
कृष्ण पक्ष · नंदा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
उत्तराफाल्गुनी
03:41 AM तक
चरण: 1 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
गुरुवार
स्वामी: श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति
रंग: पीला व स्वर्णिम
4. योग (Yoga)
वैधृति
अशुभ (दान-पुण्य करें)
संख्या: 27 / 27
5. करण (Karana)
बालव (Balava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) कैलाश पर
अति शुभ (पारिवारिक सुख व शांति)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः
अधिष्ठाता देव भगवान श्री हरि विष्णु का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:34 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:34 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

03:14 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

03:14 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 10 घंटे 59 मिनट · 13 घंटे 00 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:42 AM से 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:58 AM से 05:46 AM
अमृत काल: 09:04 AM से 10:34 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:10 PM से 05:58 PM
विजय मुहूर्त: 01:10 PM से 01:54 PM
आनन्दादि योग: मातंग (Matanga) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 12:04 PM से 01:27 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 01:46 PM से 03:22 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 06:34 AM से 07:57 AM
गुलिक काल: 09:19 AM से 10:42 AM
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (उपाय: दही अथवा जीरा खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
शुभ
06:34 AM–07:57 AM
रोग
07:57 AM–09:19 AM
उद्वेग
09:19 AM–10:42 AM
चर
10:42 AM–12:04 PM
लाभ
12:04 PM–01:27 PM
अमृत
01:27 PM–02:49 PM
काल
02:49 PM–04:12 PM
शुभ
04:12 PM–05:34 PM
रात्रि चौघड़िया
अमृत
05:34 PM–07:12 PM
चर
07:12 PM–08:49 PM
रोग
08:49 PM–10:27 PM
काल
10:27 PM–12:04 AM
लाभ
12:04 AM–01:42 AM
उद्वेग
01:42 AM–03:19 AM
शुभ
03:19 AM–04:57 AM
अमृत
04:57 AM–06:34 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
गुरु
06:34 AM
07:29 AM
मंगल
07:29 AM
08:24 AM
सूर्य
08:24 AM
09:19 AM
शुक्र
09:19 AM
10:14 AM
बुध
10:14 AM
11:09 AM
चंद्र
11:09 AM
12:04 PM
शनि
12:04 PM
12:59 PM
गुरु
12:59 PM
01:54 PM
मंगल
01:54 PM
02:49 PM
सूर्य
02:49 PM
03:44 PM
शुक्र
03:44 PM
04:39 PM
बुध
04:39 PM
05:34 PM
🌙
होरा — रात
चंद्र
05:34 PM
06:39 PM
शनि
06:39 PM
07:44 PM
गुरु
07:44 PM
08:49 PM
मंगल
08:49 PM
09:54 PM
सूर्य
09:54 PM
10:59 PM
शुक्र
10:59 PM
12:04 AM
बुध
12:04 AM
01:09 AM
चंद्र
01:09 AM
02:14 AM
शनि
02:14 AM
03:19 AM
गुरु
03:19 AM
04:24 AM
मंगल
04:24 AM
05:29 AM
सूर्य
05:29 AM
06:34 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:34 AM - 08:34 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:34 AM - 10:34 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:34 AM - 12:34 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:34 PM - 02:34 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:34 PM - 04:34 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:34 PM - 06:34 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा सिंह (Leo) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 18° 23' स्वाती
चंद्रमा (Moon) सिंह (Leo) 28° 21' उत्तराफाल्गुनी
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 22° 53' पूर्वाषाढ़ा
बुध (Mercury) वृश्चिक (Scorpio) 02° 35' विशाखा
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 20° 23' पूर्वाभाद्रपद
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 24° 11' ज्येष्ठा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 23° 47' मृगशिरा
राहु (Rahu) कर्क (Cancer) 01° 36' पुनर्वसु
केतु (Ketu) मकर (Capricorn) 01° 36' उत्तराषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, कृष्ण पक्ष, एकादशी (हरिवासर) तिथौ, गुरुवार वासरे, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्रे, वैधृति योगे, बालव (Balava) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र सिंह (Leo) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
भरणी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
कृत्तिका जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
रोहिणी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
मृगशिरा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
आर्द्रा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पुनर्वसु साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पुष्य प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आश्लेषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मघा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पूर्वाफाल्गुनी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
उत्तराफाल्गुनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
हस्त अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
चित्रा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
स्वाती वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
विशाखा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
अनुराधा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
ज्येष्ठा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मूल विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पूर्वाषाढ़ा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
उत्तराषाढ़ा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
श्रवण अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
धनिष्ठा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
शतभिषा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाभाद्रपद साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराभाद्रपद प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
रेवती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
5 नवंबर 2026 गुरुवार
2 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
3 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार
4 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
9 नवंबर 2026 सोमवार
8 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
13 नवंबर 2026 शुक्रवार
12 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
17 नवंबर 2026 मंगलवार
17 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
22 नवंबर 2026 रविवार
19 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
24 नवंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बालव (Balava)
करण के देवता (Ruling Deity)
ब्रह्मा जी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
सृजन, बुद्धि एवं मांगलिक कार्य
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
यज्ञ, हवन, धार्मिक अनुष्ठान व अध्ययन

आज की तिथि (एकादशी (हरिवासर)) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 5 नवंबर 2026 को एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:38 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

एकादशी तिथि स्वयं भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न शक्ति स्वरूपा मानी जाती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की एकादशी (हरिवासर) तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि विष्णु हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'नंदा (Nanda)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:58 AM से 05:46 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: एकादशी का उपवास रखें, तुलसी पत्र अर्पित करें, विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भागवत का श्रवण करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

चना दाल, हल्दी, पीले फल, केसर व धार्मिक पुस्तकों का दान करें। आज का शुभ अंक 3 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

चावल (अन्न), दाल, प्याज-लहसुन का सेवन पूर्णतः निषिद्ध है। फलाहार का विधान है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:42 AM से 12:26 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान श्री हरि विष्णु की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (12:04 PM से 01:27 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (दक्षिण) में बिना आवश्यक उपाय (दही अथवा जीरा खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव सिंह (Leo) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 5 नवंबर 2026 को 10:38 AM तक रहेगी। इसके पश्चात द्वादशी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि विष्णु हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 12:04 PM से 01:27 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास कैलाश पर (अति शुभ (पारिवारिक सुख व शांति)) है।
आज गुरुवार होने के कारण दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो दही अथवा जीरा खाकर निकलें।
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