वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष)

7 नवंबर 2026 (शनिवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:50 AM तक नक्षत्र: चित्रा (05:04 AM तक) अभिजित: 11:42 AM से 12:26 PM राहुकाल: 07:58 AM से 09:20 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · कार्तिक मास
त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:50 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव • प्रकृति: जया (Jaya) संज्ञक • फल: ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा
तिथि समाप्ति समय
10:50 AM तक
अगली तिथि: चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) (10:50 AM से)
1. तिथि (Tithi)
त्रयोदशी (प्रदोष)
10:50 AM तक
कृष्ण पक्ष · जया
2. नक्षत्र (Nakshatra)
चित्रा
05:04 AM तक
चरण: 1 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
शनिवार
स्वामी: शनि देव व श्री हनुमान जी
रंग: नीला, गहरा जामुनी व काला
4. योग (Yoga)
प्रीति
अत्यंत शुभ (प्रेम व सौहार्द)
संख्या: 2 / 27
5. करण (Karana)
वणिज (Vanija)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) क्रीड़ा में
मध्यम फलदायी
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
अधिष्ठाता देव भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:36 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:33 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

04:51 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

04:51 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): तुला (Libra)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र वास (दिशा): दक्षिण दिशा (South)
दिनमान व रात्रिमान: 10 घंटे 57 मिनट · 13 घंटे 02 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:42 AM से 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:00 AM से 05:48 AM
अमृत काल: 09:06 AM से 10:36 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:09 PM से 05:57 PM
विजय मुहूर्त: 01:10 PM से 01:54 PM
आनन्दादि योग: सिद्धि (Siddhi) (परम शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 07:58 AM से 09:20 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 02:36 PM से 04:12 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 01:26 PM से 02:49 PM
गुलिक काल: 06:36 AM से 07:58 AM
दिशाशूल: पूर्व दिशा (उपाय: अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
काल
06:36 AM–07:58 AM
शुभ
07:58 AM–09:20 AM
रोग
09:20 AM–10:42 AM
उद्वेग
10:42 AM–12:04 PM
चर
12:04 PM–01:26 PM
लाभ
01:26 PM–02:49 PM
अमृत
02:49 PM–04:11 PM
काल
04:11 PM–05:33 PM
रात्रि चौघड़िया
लाभ
05:33 PM–07:11 PM
उद्वेग
07:11 PM–08:49 PM
शुभ
08:49 PM–10:26 PM
अमृत
10:26 PM–12:04 AM
चर
12:04 AM–01:42 AM
रोग
01:42 AM–03:20 AM
काल
03:20 AM–04:58 AM
लाभ
04:58 AM–06:36 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शनि
06:36 AM
07:30 AM
गुरु
07:30 AM
08:25 AM
मंगल
08:25 AM
09:20 AM
सूर्य
09:20 AM
10:15 AM
शुक्र
10:15 AM
11:10 AM
बुध
11:10 AM
12:04 PM
चंद्र
12:04 PM
12:59 PM
शनि
12:59 PM
01:54 PM
गुरु
01:54 PM
02:49 PM
मंगल
02:49 PM
03:43 PM
सूर्य
03:43 PM
04:38 PM
शुक्र
04:38 PM
05:33 PM
🌙
होरा — रात
बुध
05:33 PM
06:38 PM
चंद्र
06:38 PM
07:43 PM
शनि
07:43 PM
08:49 PM
गुरु
08:49 PM
09:54 PM
मंगल
09:54 PM
10:59 PM
सूर्य
10:59 PM
12:04 AM
शुक्र
12:04 AM
01:10 AM
बुध
01:10 AM
02:15 AM
चंद्र
02:15 AM
03:20 AM
शनि
03:20 AM
04:25 AM
गुरु
04:25 AM
05:30 AM
मंगल
05:30 AM
06:36 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
तुला (Libra) 06:36 AM - 08:36 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 08:36 AM - 10:36 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 10:36 AM - 12:36 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 12:36 PM - 02:36 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 02:36 PM - 04:36 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 04:36 PM - 06:36 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कन्या (Virgo) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) शुभ
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) तुला (Libra) 20° 24' विशाखा
चंद्रमा (Moon) कन्या (Virgo) 24° 17' चित्रा
मंगल (Mars) धनु (Sagittarius) 24° 54' पूर्वाषाढ़ा
बुध (Mercury) वृश्चिक (Scorpio) 04° 36' अनुराधा
बृहस्पति (Jupiter) कुंभ (Aquarius) 22° 24' पूर्वाभाद्रपद
शुक्र (Venus) वृश्चिक (Scorpio) 26° 12' ज्येष्ठा
शनि (Saturn) वृषभ (Taurus) 25° 48' मृगशिरा
राहु (Rahu) मिथुन (Gemini) 29° 35' पुनर्वसु
केतु (Ketu) धनु (Sagittarius) 29° 35' उत्तराषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी (प्रदोष) तिथौ, शनिवार वासरे, चित्रा नक्षत्रे, प्रीति योगे, वणिज (Vanija) करणे, सूर्य तुला (Libra) राशिस्थिते, चन्द्र कन्या (Virgo) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: चित्रा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
भरणी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
कृत्तिका विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
रोहिणी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मृगशिरा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
आर्द्रा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पुनर्वसु मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पुष्य वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
आश्लेषा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मघा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाफाल्गुनी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराफाल्गुनी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
हस्त सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
चित्रा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
स्वाती अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
विशाखा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
अनुराधा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
ज्येष्ठा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मूल प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाषाढ़ा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराषाढ़ा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
श्रवण सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
धनिष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
शतभिषा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाभाद्रपद मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराभाद्रपद वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रेवती साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: चित्रा
7 नवंबर 2026 शनिवार
कल
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
8 नवंबर 2026 रविवार
2 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
9 नवंबर 2026 सोमवार
6 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
13 नवंबर 2026 शुक्रवार
10 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
17 नवंबर 2026 मंगलवार
15 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
22 नवंबर 2026 रविवार
17 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
24 नवंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: वणिज (Vanija)
करण के देवता (Ruling Deity)
माँ लक्ष्मी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
व्यापार, धन लाभ एवं क्रय-विक्रय
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
व्यापारिक अनुबंध, दुकान आरंभ व क्रय-विक्रय

आज की तिथि (त्रयोदशी (प्रदोष)) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 7 नवंबर 2026 को त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:50 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के रूप में विख्यात है। इस समय भगवान शिव आनंद तांडव करते हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि के स्वामी भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'जया (Jaya)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (05:00 AM से 05:48 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) शिवलिंग पर कच्चा दूध, गंगाजल व बेलपत्र चढ़ाकर प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोहा व कंबल का दान करें। आज का शुभ अंक 8 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

बैंगन का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:42 AM से 12:26 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (07:58 AM से 09:20 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पूर्व) में बिना आवश्यक उपाय (अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी तुला (Libra) में तथा चंद्र देव कन्या (Virgo) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 7 नवंबर 2026 को 10:50 AM तक रहेगी। इसके पश्चात चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 07:58 AM से 09:20 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास क्रीड़ा में (मध्यम फलदायी) है।
आज शनिवार होने के कारण दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।
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