वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : दशमी (शुक्ल पक्ष)

20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | विक्रम संवत 2083 (कार्तिक मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 07:22 AM तक नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (07:02 AM तक) अभिजित: 11:45 AM से 12:28 PM राहुकाल: 09:26 AM से 10:46 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · कार्तिक मास
दशमी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज दशमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:22 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं • प्रकृति: पूर्णा (Poorna) संज्ञक • फल: दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय
तिथि समाप्ति समय
07:22 AM तक
अगली तिथि: एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) (07:22 AM से)
1. तिथि (Tithi)
दशमी
07:22 AM तक
शुक्ल पक्ष · पूर्णा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पूर्वाभाद्रपद
07:02 AM तक
चरण: 4 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
शुक्रवार
स्वामी: माँ महालक्ष्मी व शुक्र देव
रंग: गुलाबी, श्वेत व चमकीला
4. योग (Yoga)
वज्र
मध्यम (सावधानी रखें)
संख्या: 15 / 27
5. करण (Karana)
गर (Gara)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) सभा में
मध्यम (साधारण फल)
पंचक विचार चोर पंचक
यात्रा व वित्तीय लेन-देन में सावधानी रखें
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
अधिष्ठाता देव धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:46 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:27 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

02:45 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

02:45 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): वृश्चिक (Scorpio)
चन्द्र राशि (Moon Sign): मीन (Pisces)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 10 घंटे 40 मिनट · 13 घंटे 19 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:45 AM से 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:10 AM से 05:58 AM
अमृत काल: 09:16 AM से 10:46 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:03 PM से 05:51 PM
विजय मुहूर्त: 01:10 PM से 01:53 PM
आनन्दादि योग: सौम्य (Saumya) (अति शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 09:26 AM से 10:46 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 01:10 PM से 02:46 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 02:46 PM से 04:06 PM
गुलिक काल: 08:06 AM से 09:26 AM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
चर
06:46 AM–08:06 AM
लाभ
08:06 AM–09:26 AM
अमृत
09:26 AM–10:46 AM
काल
10:46 AM–12:06 PM
शुभ
12:06 PM–01:26 PM
रोग
01:26 PM–02:46 PM
उद्वेग
02:46 PM–04:06 PM
चर
04:06 PM–05:27 PM
रात्रि चौघड़िया
रोग
05:27 PM–07:06 PM
काल
07:06 PM–08:46 PM
लाभ
08:46 PM–10:26 PM
उद्वेग
10:26 PM–12:06 AM
शुभ
12:06 AM–01:46 AM
अमृत
01:46 AM–03:26 AM
चर
03:26 AM–05:06 AM
रोग
05:06 AM–06:46 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शुक्र
06:46 AM
07:39 AM
बुध
07:39 AM
08:33 AM
चंद्र
08:33 AM
09:26 AM
शनि
09:26 AM
10:19 AM
गुरु
10:19 AM
11:13 AM
मंगल
11:13 AM
12:06 PM
सूर्य
12:06 PM
01:00 PM
शुक्र
01:00 PM
01:53 PM
बुध
01:53 PM
02:46 PM
चंद्र
02:46 PM
03:40 PM
शनि
03:40 PM
04:33 PM
गुरु
04:33 PM
05:27 PM
🌙
होरा — रात
मंगल
05:27 PM
06:33 PM
सूर्य
06:33 PM
07:40 PM
शुक्र
07:40 PM
08:46 PM
बुध
08:46 PM
09:53 PM
चंद्र
09:53 PM
11:00 PM
शनि
11:00 PM
12:06 AM
गुरु
12:06 AM
01:13 AM
मंगल
01:13 AM
02:19 AM
सूर्य
02:19 AM
03:26 AM
शुक्र
03:26 AM
04:33 AM
बुध
04:33 AM
05:39 AM
चंद्र
05:39 AM
06:46 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
वृश्चिक (Scorpio) 06:46 AM - 08:46 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 08:46 AM - 10:46 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 10:46 AM - 12:46 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 12:46 PM - 02:46 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 02:46 PM - 04:46 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मेष (Aries) 04:46 PM - 06:46 PM चर लग्न (Chara)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा मीन (Pisces) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) वृश्चिक (Scorpio) 03° 29' अनुराधा
चंद्रमा (Moon) मीन (Pisces) 03° 11' पूर्वाभाद्रपद
मंगल (Mars) मकर (Capricorn) 07° 59' उत्तराषाढ़ा
बुध (Mercury) वृश्चिक (Scorpio) 17° 41' ज्येष्ठा
बृहस्पति (Jupiter) मीन (Pisces) 05° 29' उत्तराभाद्रपद
शुक्र (Venus) धनु (Sagittarius) 09° 17' मूल
शनि (Saturn) मिथुन (Gemini) 08° 53' आर्द्रा
राहु (Rahu) मिथुन (Gemini) 16° 30' आर्द्रा
केतु (Ketu) धनु (Sagittarius) 16° 30' पूर्वाषाढ़ा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), कार्तिक मासे, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथौ, शुक्रवार वासरे, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्रे, वज्र योगे, गर (Gara) करणे, सूर्य वृश्चिक (Scorpio) राशिस्थिते, चन्द्र मीन (Pisces) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
भरणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
कृत्तिका प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
रोहिणी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मृगशिरा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आर्द्रा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पुनर्वसु जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पुष्य अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
आश्लेषा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मघा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाफाल्गुनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराफाल्गुनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
हस्त क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
चित्रा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
स्वाती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
विशाखा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
अनुराधा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
ज्येष्ठा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मूल वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाषाढ़ा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराषाढ़ा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
श्रवण क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
धनिष्ठा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
शतभिषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाभाद्रपद जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराभाद्रपद अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
रेवती मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
2 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
22 नवंबर 2026 रविवार
4 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
24 नवंबर 2026 मंगलवार
8 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पुनर्वसु
28 नवंबर 2026 शनिवार
14 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
4 दिसंबर 2026 शुक्रवार
16 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
6 दिसंबर 2026 रविवार
17 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: विशाखा
7 दिसंबर 2026 सोमवार
18 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
8 दिसंबर 2026 मंगलवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: गर (Gara)
करण के देवता (Ruling Deity)
भूमि देवी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
कृषि, बीज रोपण एवं स्थिरता
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
कृषि कार्य, वृक्षारोपण व बीज बोना

आज की तिथि (दशमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 20 नवंबर 2026 को दशमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:22 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

दशमी तिथि विजय की तिथि है। विजयादशमी (दशहरा) इसी तिथि पर संपन्न होता है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की दशमी तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'पूर्णा (Poorna)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (05:10 AM से 05:58 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान विष्णु व धर्मराज का स्मरण कर सत्य आचरण का संकल्प लें तथा जरूरतमंदों को जल व अन्न का दान करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

सफेद मिठाई, मखाना, खीर, इत्र व रेशमी वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 6 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

कलमी साग (कलंबी) का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:45 AM से 12:28 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (09:26 AM से 10:46 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी कार्तिक मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी वृश्चिक (Scorpio) में तथा चंद्र देव मीन (Pisces) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज दशमी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 20 नवंबर 2026 को 07:22 AM तक रहेगी। इसके पश्चात एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:45 AM से 12:28 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 09:26 AM से 10:46 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास सभा में (मध्यम (साधारण फल)) है।
आज शुक्रवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।
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