वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : प्रतिपदा (शुक्ल पक्ष)

10 दिसंबर 2026 (गुरुवार) | विक्रम संवत 2083 (मार्गशीर्ष (अगहन) मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 08:36 AM तक नक्षत्र: मूल (10:11 PM तक) अभिजित: 11:53 AM से 12:34 PM राहुकाल: 12:13 PM से 01:31 PM
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आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · मार्गशीर्ष (अगहन) मास
प्रतिपदा तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज प्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) है, जो 08:36 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: अग्नि देव • प्रकृति: नंदा (Nanda) संज्ञक • फल: धन, आरोग्य, पराक्रम एवं नवीन संकल्प सिद्धि
तिथि समाप्ति समय
08:36 AM तक
अगली तिथि: द्वितीया (शुक्ल पक्ष) (08:36 AM से)
1. तिथि (Tithi)
प्रतिपदा
08:36 AM तक
शुक्ल पक्ष · नंदा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
मूल
10:11 PM तक
चरण: 2 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
गुरुवार
स्वामी: श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति
रंग: पीला व स्वर्णिम
4. योग (Yoga)
शूल
अशुभ (कष्ट निवारक पूजा करें)
संख्या: 9 / 27
5. करण (Karana)
बव (Bava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) समाधि में
शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ अग्नये नमः | ॐ वैश्वानराय स्वाहा
अधिष्ठाता देव अग्नि देव का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से धन, आरोग्य, पराक्रम एवं नवीन संकल्प सिद्धि की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

07:01 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:26 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

07:46 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

07:46 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): वृश्चिक (Scorpio)
चन्द्र राशि (Moon Sign): धनु (Sagittarius)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 10 घंटे 24 मिनट · 13 घंटे 35 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:53 AM से 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:25 AM से 06:13 AM
अमृत काल: 09:31 AM से 11:01 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:02 PM से 05:50 PM
विजय मुहूर्त: 01:16 PM से 01:57 PM
आनन्दादि योग: धूम्र (Dhumra) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 12:13 PM से 01:31 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 05:25 AM से 07:01 AM
यमगण्ड (Yamaganda): 07:01 AM से 08:19 AM
गुलिक काल: 09:37 AM से 10:55 AM
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (उपाय: दही अथवा जीरा खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
शुभ
07:01 AM–08:19 AM
रोग
08:19 AM–09:37 AM
उद्वेग
09:37 AM–10:55 AM
चर
10:55 AM–12:13 PM
लाभ
12:13 PM–01:31 PM
अमृत
01:31 PM–02:49 PM
काल
02:49 PM–04:08 PM
शुभ
04:08 PM–05:26 PM
रात्रि चौघड़िया
अमृत
05:26 PM–07:08 PM
चर
07:08 PM–08:49 PM
रोग
08:49 PM–10:31 PM
काल
10:31 PM–12:13 AM
लाभ
12:13 AM–01:55 AM
उद्वेग
01:55 AM–03:37 AM
शुभ
03:37 AM–05:19 AM
अमृत
05:19 AM–07:01 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
गुरु
07:01 AM
07:53 AM
मंगल
07:53 AM
08:45 AM
सूर्य
08:45 AM
09:37 AM
शुक्र
09:37 AM
10:29 AM
बुध
10:29 AM
11:21 AM
चंद्र
11:21 AM
12:13 PM
शनि
12:13 PM
01:05 PM
गुरु
01:05 PM
01:57 PM
मंगल
01:57 PM
02:49 PM
सूर्य
02:49 PM
03:42 PM
शुक्र
03:42 PM
04:34 PM
बुध
04:34 PM
05:26 PM
🌙
होरा — रात
चंद्र
05:26 PM
06:34 PM
शनि
06:34 PM
07:42 PM
गुरु
07:42 PM
08:49 PM
मंगल
08:49 PM
09:57 PM
सूर्य
09:57 PM
11:05 PM
शुक्र
11:05 PM
12:13 AM
बुध
12:13 AM
01:21 AM
चंद्र
01:21 AM
02:29 AM
शनि
02:29 AM
03:37 AM
गुरु
03:37 AM
04:45 AM
मंगल
04:45 AM
05:53 AM
सूर्य
05:53 AM
07:01 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
वृश्चिक (Scorpio) 07:01 AM - 09:01 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 09:01 AM - 11:01 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 11:01 AM - 01:01 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 01:01 PM - 03:01 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 03:01 PM - 05:01 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मेष (Aries) 05:01 PM - 07:01 PM चर लग्न (Chara)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा धनु (Sagittarius) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) वृश्चिक (Scorpio) 23° 45' ज्येष्ठा
चंद्रमा (Moon) धनु (Sagittarius) 04° 58' मूल
मंगल (Mars) मकर (Capricorn) 28° 15' धनिष्ठा
बुध (Mercury) धनु (Sagittarius) 07° 57' मूल
बृहस्पति (Jupiter) मीन (Pisces) 25° 45' रेवती
शुक्र (Venus) धनु (Sagittarius) 29° 33' उत्तराषाढ़ा
शनि (Saturn) मिथुन (Gemini) 29° 09' पुनर्वसु
राहु (Rahu) वृषभ (Taurus) 26° 14' मृगशिरा
केतु (Ketu) वृश्चिक (Scorpio) 26° 14' ज्येष्ठा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), मार्गशीर्ष (अगहन) मासे, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथौ, गुरुवार वासरे, मूल नक्षत्रे, शूल योगे, बव (Bava) करणे, सूर्य वृश्चिक (Scorpio) राशिस्थिते, चन्द्र धनु (Sagittarius) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: मूल

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
भरणी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
कृत्तिका मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
रोहिणी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मृगशिरा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
आर्द्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पुनर्वसु क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुष्य विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आश्लेषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मघा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाफाल्गुनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
हस्त वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
चित्रा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
स्वाती प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
विशाखा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
अनुराधा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
ज्येष्ठा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मूल जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाषाढ़ा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
श्रवण वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
धनिष्ठा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
शतभिषा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाभाद्रपद क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
रेवती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
3 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: श्रवण
13 दिसंबर 2026 रविवार
7 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
17 दिसंबर 2026 गुरुवार
10 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
20 दिसंबर 2026 रविवार
12 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
22 दिसंबर 2026 मंगलवार
14 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: आर्द्रा
24 दिसंबर 2026 गुरुवार
17 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
27 दिसंबर 2026 रविवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बव (Bava)
करण के देवता (Ruling Deity)
इंद्र देव
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
आरोग्य, यश एवं राज्य कृपा
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
पौष्टिक कार्य, विद्यारम्भ व नवीन आरंभ

आज की तिथि (प्रतिपदा) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 10 दिसंबर 2026 को प्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) है, जो 08:36 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

प्रतिपदा तिथि को पंचांग चक्र की प्रथम तिथि माना जाता है जिसके स्वामी अग्नि देव हैं। अग्नि को सभी देवों का मुख कहा गया है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'नंदा (Nanda)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे धन, आरोग्य, पराक्रम एवं नवीन संकल्प सिद्धि की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (05:25 AM से 06:13 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: प्रातःकाल हवन अथवा शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित कर अग्नि देव का स्मरण करें तथा गायत्री मंत्र का जप करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ अग्नये नमः | ॐ वैश्वानराय स्वाहा' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

चना दाल, हल्दी, पीले फल, केसर व धार्मिक पुस्तकों का दान करें। आज का शुभ अंक 3 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

कुम्हड़ा (पेठा) का सेवन वर्जित माना गया है क्योंकि यह धन हानि कारक होता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:53 AM से 12:34 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता अग्नि देव की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (12:13 PM से 01:31 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (दक्षिण) में बिना आवश्यक उपाय (दही अथवा जीरा खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी मार्गशीर्ष (अगहन) मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष (अगहन) मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी वृश्चिक (Scorpio) में तथा चंद्र देव धनु (Sagittarius) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज प्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 10 दिसंबर 2026 को 08:36 AM तक रहेगी। इसके पश्चात द्वितीया (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ अग्नये नमः | ॐ वैश्वानराय स्वाहा' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से धन, आरोग्य, पराक्रम एवं नवीन संकल्प सिद्धि की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:53 AM से 12:34 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 12:13 PM से 01:31 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास समाधि में (शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)) है।
आज गुरुवार होने के कारण दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो दही अथवा जीरा खाकर निकलें।
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