वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष)

11 अगस्त 2026 (मंगलवार) | विक्रम संवत 2083 (श्रावण मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 04:58 AM तक नक्षत्र: पुनर्वसु (10:49 AM तक) अभिजित: 11:59 AM से 12:53 PM राहुकाल: 02:06 PM से 03:46 PM
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वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · श्रावण मास
चतुर्दशी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) है, जो 04:58 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान रुद्र (शिव) • प्रकृति: रिक्ता (Rikta) संज्ञक • फल: काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य
तिथि समाप्ति समय
04:58 AM तक
अगली तिथि: अमावस्या (कृष्ण पक्ष) (04:58 AM से)
1. तिथि (Tithi)
चतुर्दशी
04:58 AM तक
कृष्ण पक्ष · रिक्ता
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पुनर्वसु
10:49 AM तक
चरण: 4 · गण: देव
3. वार (Vara)
मंगलवार
स्वामी: श्री हनुमान जी व मंगल देव
रंग: सिंदूरी, गहरा लाल व नारंगी
4. योग (Yoga)
सिद्धि
अत्यंत शुभ (सर्वकार्य सिद्धि)
संख्या: 16 / 27
5. करण (Karana)
विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
अशुभ विष्टि (भद्रा)
भद्रा वास: मृत्यु लोक / पृथ्वी (अशुभ)
अग्नि वास (हवन विचार) आकाश में
हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) समाधि में
शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
अधिष्ठाता देव भगवान रुद्र (शिव) का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

05:47 AM

सूर्यास्त (Sunset)

07:05 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

04:12 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

04:12 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 13 घंटे 18 मिनट · 10 घंटे 41 मिनट
ऋतु व अयन: वर्षा ऋतु (Monsoon) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:59 AM से 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:11 AM से 04:59 AM
अमृत काल: 08:17 AM से 09:47 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:41 PM से 07:29 PM
विजय मुहूर्त: 01:46 PM से 02:39 PM
आनन्दादि योग: सुस्थिर (Susthira) (अति शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 02:06 PM से 03:46 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 05:47 PM से 07:23 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 09:06 AM से 10:46 AM
गुलिक काल: 12:26 PM से 02:06 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
रोग
05:47 AM–07:26 AM
उद्वेग
07:26 AM–09:06 AM
चर
09:06 AM–10:46 AM
लाभ
10:46 AM–12:26 PM
अमृत
12:26 PM–02:06 PM
काल
02:06 PM–03:46 PM
शुभ
03:46 PM–05:25 PM
रोग
05:25 PM–07:05 PM
रात्रि चौघड़िया
काल
07:05 PM–08:25 PM
लाभ
08:25 PM–09:46 PM
उद्वेग
09:46 PM–11:06 PM
शुभ
11:06 PM–12:26 AM
अमृत
12:26 AM–01:46 AM
चर
01:46 AM–03:06 AM
रोग
03:06 AM–04:26 AM
काल
04:26 AM–05:47 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
मंगल
05:47 AM
06:53 AM
सूर्य
06:53 AM
08:00 AM
शुक्र
08:00 AM
09:06 AM
बुध
09:06 AM
10:13 AM
चंद्र
10:13 AM
11:19 AM
शनि
11:19 AM
12:26 PM
गुरु
12:26 PM
01:32 PM
मंगल
01:32 PM
02:39 PM
सूर्य
02:39 PM
03:46 PM
शुक्र
03:46 PM
04:52 PM
बुध
04:52 PM
05:59 PM
चंद्र
05:59 PM
07:05 PM
🌙
होरा — रात
शनि
07:05 PM
07:59 PM
गुरु
07:59 PM
08:52 PM
मंगल
08:52 PM
09:46 PM
सूर्य
09:46 PM
10:39 PM
शुक्र
10:39 PM
11:32 PM
बुध
11:32 PM
12:26 AM
चंद्र
12:26 AM
01:19 AM
शनि
01:19 AM
02:13 AM
गुरु
02:13 AM
03:06 AM
मंगल
03:06 AM
04:00 AM
सूर्य
04:00 AM
04:53 AM
शुक्र
04:53 AM
05:47 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कर्क (Cancer) 05:47 AM - 07:47 AM चर लग्न (Chara)
सिंह (Leo) 07:47 AM - 09:47 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
कन्या (Virgo) 09:47 AM - 11:47 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 11:47 AM - 01:47 PM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 01:47 PM - 03:47 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 03:47 PM - 05:47 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कर्क (Cancer) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कर्क (Cancer) 24° 09' आश्लेषा
चंद्रमा (Moon) कर्क (Cancer) 00° 33' पुनर्वसु
मंगल (Mars) कन्या (Virgo) 28° 39' चित्रा
बुध (Mercury) सिंह (Leo) 08° 21' मघा
बृहस्पति (Jupiter) वृश्चिक (Scorpio) 26° 09' ज्येष्ठा
शुक्र (Venus) सिंह (Leo) 29° 57' उत्तराफाल्गुनी
शनि (Saturn) कुंभ (Aquarius) 29° 33' पूर्वाभाद्रपद
राहु (Rahu) कन्या (Virgo) 25° 50' चित्रा
केतु (Ketu) मीन (Pisces) 25° 50' रेवती
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), वर्षा ऋतु (Monsoon), श्रावण मासे, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथौ, मंगलवार वासरे, पुनर्वसु नक्षत्रे, सिद्धि योगे, विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra) करणे, सूर्य कर्क (Cancer) राशिस्थिते, चन्द्र कर्क (Cancer) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पुनर्वसु

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
भरणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
कृत्तिका प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
रोहिणी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मृगशिरा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आर्द्रा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पुनर्वसु जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पुष्य अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
आश्लेषा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मघा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाफाल्गुनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराफाल्गुनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
हस्त क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
चित्रा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
स्वाती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
विशाखा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
अनुराधा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
ज्येष्ठा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मूल वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाषाढ़ा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराषाढ़ा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
श्रवण क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
धनिष्ठा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
शतभिषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाभाद्रपद जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराभाद्रपद अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
रेवती मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पुनर्वसु
11 अगस्त 2026 मंगलवार
कल
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पुष्य
12 अगस्त 2026 बुधवार
5 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
16 अगस्त 2026 रविवार
9 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: विशाखा
20 अगस्त 2026 गुरुवार
12 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
23 अगस्त 2026 रविवार
15 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: श्रवण
26 अगस्त 2026 बुधवार
17 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: शतभिषा
28 अगस्त 2026 शुक्रवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
करण के देवता (Ruling Deity)
यमराज
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
अशुभ योग (मांगलिक कार्य वर्जित)
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
शत्रु दमन, कोर्ट-कचहरी व तांत्रिक साधना

आज की तिथि (चतुर्दशी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 11 अगस्त 2026 को चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) है, जो 04:58 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

चतुर्दशी तिथि रुद्र रूप भगवान शिव को समर्पित है। महाशिवरात्रि इसी दिन मनाई जाती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान रुद्र (शिव) हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'रिक्ता (Rikta)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:11 AM से 04:59 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: महामृत्युंजय मंत्र का जप करें, शिवलिंग का जलाभिषेक करें तथा शिव चालीसा का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गुड़, लाल मसूर की दाल, रक्त चंदन व तांबे के बर्तन का दान करें। आज का शुभ अंक 9 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

मसूर की दाल एवं तिल का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:59 AM से 12:53 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान रुद्र (शिव) की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (02:06 PM से 03:46 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी श्रावण मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कर्क (Cancer) में तथा चंद्र देव कर्क (Cancer) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 11 अगस्त 2026 को 04:58 AM तक रहेगी। इसके पश्चात अमावस्या (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान रुद्र (शिव) हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:59 AM से 12:53 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 02:06 PM से 03:46 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास आकाश में (हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)) है। वहीं शिव वास समाधि में (शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)) है।
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।
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