वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : चतुर्थी (शुक्ल पक्ष)

15 सितंबर 2026 (मंगलवार) | विक्रम संवत 2083 (भाद्रपद मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 07:35 AM तक नक्षत्र: स्वाती (02:44 PM तक) अभिजित: 11:51 AM से 12:41 PM राहुकाल: 01:49 PM से 03:22 PM
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वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · भाद्रपद मास
चतुर्थी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:35 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान श्री गणेश • प्रकृति: रिक्ता (Rikta) संज्ञक • फल: विघ्न विनाश, संकट निवारण, बुद्धि एवं ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति
तिथि समाप्ति समय
07:35 AM तक
अगली तिथि: पंचमी (शुक्ल पक्ष) (07:35 AM से)
1. तिथि (Tithi)
चतुर्थी
07:35 AM तक
शुक्ल पक्ष · रिक्ता
2. नक्षत्र (Nakshatra)
स्वाती
02:44 PM तक
चरण: 3 · गण: देव
3. वार (Vara)
मंगलवार
स्वामी: श्री हनुमान जी व मंगल देव
रंग: सिंदूरी, गहरा लाल व नारंगी
4. योग (Yoga)
इन्द्र
शुभ (राज्य व अधिकार)
संख्या: 26 / 27
5. करण (Karana)
विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
अशुभ विष्टि (भद्रा)
भद्रा वास: पाताल लोक (धन लाभ)
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) श्मशान में
अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ गं गणपतये नमः | ॐ वक्रतुण्डाय हुम्
अधिष्ठाता देव भगवान श्री गणेश का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से विघ्न विनाश, संकट निवारण, बुद्धि एवं ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:04 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:27 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

09:13 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

09:13 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): तुला (Libra)
चन्द्र वास (दिशा): पश्चिम दिशा (West)
दिनमान व रात्रिमान: 12 घंटे 23 मिनट · 11 घंटे 36 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:51 AM से 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:28 AM से 05:16 AM
अमृत काल: 08:34 AM से 10:04 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:03 PM से 06:51 PM
विजय मुहूर्त: 01:30 PM से 02:20 PM
आनन्दादि योग: ध्वज (Dhvaja) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 01:49 PM से 03:22 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 11:40 AM से 01:16 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 09:10 AM से 10:43 AM
गुलिक काल: 12:16 PM से 01:49 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
रोग
06:04 AM–07:37 AM
उद्वेग
07:37 AM–09:10 AM
चर
09:10 AM–10:43 AM
लाभ
10:43 AM–12:16 PM
अमृत
12:16 PM–01:49 PM
काल
01:49 PM–03:22 PM
शुभ
03:22 PM–04:55 PM
रोग
04:55 PM–06:27 PM
रात्रि चौघड़िया
काल
06:27 PM–07:55 PM
लाभ
07:55 PM–09:22 PM
उद्वेग
09:22 PM–10:49 PM
शुभ
10:49 PM–12:16 AM
अमृत
12:16 AM–01:43 AM
चर
01:43 AM–03:10 AM
रोग
03:10 AM–04:37 AM
काल
04:37 AM–06:04 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
मंगल
06:04 AM
07:06 AM
सूर्य
07:06 AM
08:08 AM
शुक्र
08:08 AM
09:10 AM
बुध
09:10 AM
10:12 AM
चंद्र
10:12 AM
11:14 AM
शनि
11:14 AM
12:16 PM
गुरु
12:16 PM
01:18 PM
मंगल
01:18 PM
02:20 PM
सूर्य
02:20 PM
03:22 PM
शुक्र
03:22 PM
04:24 PM
बुध
04:24 PM
05:26 PM
चंद्र
05:26 PM
06:27 PM
🌙
होरा — रात
शनि
06:27 PM
07:26 PM
गुरु
07:26 PM
08:24 PM
मंगल
08:24 PM
09:22 PM
सूर्य
09:22 PM
10:20 PM
शुक्र
10:20 PM
11:18 PM
बुध
11:18 PM
12:16 AM
चंद्र
12:16 AM
01:14 AM
शनि
01:14 AM
02:12 AM
गुरु
02:12 AM
03:10 AM
मंगल
03:10 AM
04:08 AM
सूर्य
04:08 AM
05:06 AM
शुक्र
05:06 AM
06:04 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
सिंह (Leo) 06:04 AM - 08:04 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
कन्या (Virgo) 08:04 AM - 10:04 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 10:04 AM - 12:04 PM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 12:04 PM - 02:04 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 02:04 PM - 04:04 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 04:04 PM - 06:04 PM चर लग्न (Chara)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा तुला (Libra) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) शुभ
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) सिंह (Leo) 27° 58' उत्तराफाल्गुनी
चंद्रमा (Moon) तुला (Libra) 15° 13' स्वाती
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 02° 28' विशाखा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 12° 10' हस्त
बृहस्पति (Jupiter) धनु (Sagittarius) 29° 58' उत्तराषाढ़ा
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 03° 46' चित्रा
शनि (Saturn) मेष (Aries) 03° 22' अश्विनी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 22° 01' पूर्वाफाल्गुनी
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 22° 01' पूर्वाभाद्रपद
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), भाद्रपद मासे, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी तिथौ, मंगलवार वासरे, स्वाती नक्षत्रे, इन्द्र योगे, विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra) करणे, सूर्य सिंह (Leo) राशिस्थिते, चन्द्र तुला (Libra) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: स्वाती

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
भरणी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
कृत्तिका क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
रोहिणी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मृगशिरा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आर्द्रा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पुनर्वसु अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पुष्य मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
आश्लेषा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मघा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाफाल्गुनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराफाल्गुनी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
हस्त विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
चित्रा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
स्वाती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
विशाखा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
अनुराधा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
ज्येष्ठा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मूल साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाषाढ़ा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराषाढ़ा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
श्रवण विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
धनिष्ठा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
शतभिषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाभाद्रपद अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराभाद्रपद मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
रेवती वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
15 सितंबर 2026 मंगलवार
4 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
19 सितंबर 2026 शनिवार
7 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
22 सितंबर 2026 मंगलवार
9 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
24 सितंबर 2026 गुरुवार
11 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
26 सितंबर 2026 शनिवार
15 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: भरणी
30 सितंबर 2026 बुधवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
करण के देवता (Ruling Deity)
यमराज
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
अशुभ योग (मांगलिक कार्य वर्जित)
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
शत्रु दमन, कोर्ट-कचहरी व तांत्रिक साधना

आज की तिथि (चतुर्थी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 15 सितंबर 2026 को चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) है, जो 07:35 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। विनायक चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी पर व्रत रखने से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान श्री गणेश हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'रिक्ता (Rikta)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे विघ्न विनाश, संकट निवारण, बुद्धि एवं ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:28 AM से 05:16 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान गणेश को 21 दूर्वा दल, मोदक अथवा गुड़ का भोग लगाएं और संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः | ॐ वक्रतुण्डाय हुम्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गुड़, लाल मसूर की दाल, रक्त चंदन व तांबे के बर्तन का दान करें। आज का शुभ अंक 9 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

मूली का सेवन वर्जित है क्योंकि इससे धन नाश का दोष लगता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:51 AM से 12:41 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान श्री गणेश की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (01:49 PM से 03:22 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी भाद्रपद मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी सिंह (Leo) में तथा चंद्र देव तुला (Libra) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 15 सितंबर 2026 को 07:35 AM तक रहेगी। इसके पश्चात पंचमी (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान श्री गणेश हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः | ॐ वक्रतुण्डाय हुम्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से विघ्न विनाश, संकट निवारण, बुद्धि एवं ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:51 AM से 12:41 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 01:49 PM से 03:22 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास श्मशान में (अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)) है।
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।
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