वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : सप्तमी (शुक्ल पक्ष)

18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | विक्रम संवत 2083 (भाद्रपद मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 12:09 PM तक नक्षत्र: ज्येष्ठा (08:50 PM तक) अभिजित: 11:50 AM से 12:39 PM राहुकाल: 09:10 AM से 10:43 AM
Free Webmaster Tool 100% निःशुल्क और ऑटो-अपडेटेड

यह 'आज की तिथि' विजेट अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर लगाएं

वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · भाद्रपद मास
सप्तमी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज सप्तमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 12:09 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान सूर्य नारायण • प्रकृति: भद्रा (Bhadra) संज्ञक • फल: आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान
तिथि समाप्ति समय
12:09 PM तक
अगली तिथि: अष्टमी (शुक्ल पक्ष) (12:09 PM से)
1. तिथि (Tithi)
सप्तमी
12:09 PM तक
शुक्ल पक्ष · भद्रा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
ज्येष्ठा
08:50 PM तक
चरण: 2 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
शुक्रवार
स्वामी: माँ महालक्ष्मी व शुक्र देव
रंग: गुलाबी, श्वेत व चमकीला
4. योग (Yoga)
प्रीति
अत्यंत शुभ (प्रेम व सौहार्द)
संख्या: 2 / 27
5. करण (Karana)
वणिज (Vanija)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) आकाश में
हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) क्रीड़ा में
मध्यम फलदायी
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः
अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य नारायण का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:06 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:24 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

11:30 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

11:30 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): वृश्चिक (Scorpio)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 12 घंटे 18 मिनट · 11 घंटे 41 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:50 AM से 12:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:30 AM से 05:18 AM
अमृत काल: 08:36 AM से 10:06 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:00 PM से 06:48 PM
विजय मुहूर्त: 01:29 PM से 02:18 PM
आनन्दादि योग: चर (Chara) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 09:10 AM से 10:43 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 11:42 AM से 01:18 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 03:19 PM से 04:52 PM
गुलिक काल: 07:38 AM से 09:10 AM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
चर
06:06 AM–07:38 AM
लाभ
07:38 AM–09:10 AM
अमृत
09:10 AM–10:43 AM
काल
10:43 AM–12:15 PM
शुभ
12:15 PM–01:47 PM
रोग
01:47 PM–03:19 PM
उद्वेग
03:19 PM–04:52 PM
चर
04:52 PM–06:24 PM
रात्रि चौघड़िया
रोग
06:24 PM–07:52 PM
काल
07:52 PM–09:19 PM
लाभ
09:19 PM–10:47 PM
उद्वेग
10:47 PM–12:15 AM
शुभ
12:15 AM–01:43 AM
अमृत
01:43 AM–03:10 AM
चर
03:10 AM–04:38 AM
रोग
04:38 AM–06:06 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शुक्र
06:06 AM
07:07 AM
बुध
07:07 AM
08:09 AM
चंद्र
08:09 AM
09:10 AM
शनि
09:10 AM
10:12 AM
गुरु
10:12 AM
11:13 AM
मंगल
11:13 AM
12:15 PM
सूर्य
12:15 PM
01:16 PM
शुक्र
01:16 PM
02:18 PM
बुध
02:18 PM
03:19 PM
चंद्र
03:19 PM
04:21 PM
शनि
04:21 PM
05:22 PM
गुरु
05:22 PM
06:24 PM
🌙
होरा — रात
मंगल
06:24 PM
07:22 PM
सूर्य
07:22 PM
08:21 PM
शुक्र
08:21 PM
09:19 PM
बुध
09:19 PM
10:18 PM
चंद्र
10:18 PM
11:16 PM
शनि
11:16 PM
12:15 AM
गुरु
12:15 AM
01:13 AM
मंगल
01:13 AM
02:12 AM
सूर्य
02:12 AM
03:10 AM
शुक्र
03:10 AM
04:09 AM
बुध
04:09 AM
05:07 AM
चंद्र
05:07 AM
06:06 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:06 AM - 08:06 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:06 AM - 10:06 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:06 AM - 12:06 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:06 PM - 02:06 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:06 PM - 04:06 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:06 PM - 06:06 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा वृश्चिक (Scorpio) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 00° 54' उत्तराफाल्गुनी
चंद्रमा (Moon) वृश्चिक (Scorpio) 21° 52' ज्येष्ठा
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 05° 24' अनुराधा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 15° 06' हस्त
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 02° 54' उत्तराषाढ़ा
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 06° 42' स्वाती
शनि (Saturn) मेष (Aries) 06° 18' अश्विनी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 19° 05' पूर्वाफाल्गुनी
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 19° 05' शतभिषा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), भाद्रपद मासे, शुक्ल पक्ष, सप्तमी तिथौ, शुक्रवार वासरे, ज्येष्ठा नक्षत्रे, प्रीति योगे, वणिज (Vanija) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र वृश्चिक (Scorpio) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: ज्येष्ठा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
भरणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
कृत्तिका वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रोहिणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मृगशिरा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आर्द्रा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुनर्वसु विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पुष्य सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आश्लेषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मघा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराफाल्गुनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
हस्त साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
चित्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
स्वाती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
विशाखा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
अनुराधा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
ज्येष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मूल अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराषाढ़ा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
श्रवण साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
धनिष्ठा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
शतभिषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराभाद्रपद सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
रेवती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
कल
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
19 सितंबर 2026 शनिवार
4 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
22 सितंबर 2026 मंगलवार
6 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
24 सितंबर 2026 गुरुवार
8 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
26 सितंबर 2026 शनिवार
12 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: भरणी
30 सितंबर 2026 बुधवार
18 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
20 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: वणिज (Vanija)
करण के देवता (Ruling Deity)
माँ लक्ष्मी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
व्यापार, धन लाभ एवं क्रय-विक्रय
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
व्यापारिक अनुबंध, दुकान आरंभ व क्रय-विक्रय

आज की तिथि (सप्तमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 18 सितंबर 2026 को सप्तमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 12:09 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

सप्तमी तिथि भगवान भुवन भास्कर सूर्य देव की जन्म तिथि मानी जाती है। रथ सप्तमी इसी दिन आती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य नारायण हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'भद्रा (Bhadra)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:30 AM से 05:18 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: प्रातः तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल में रोली व लाल पुष्प मिलाकर अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

सफेद मिठाई, मखाना, खीर, इत्र व रेशमी वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 6 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

ताड़ फल अथवा कांस्य पात्र में भोजन वर्जित माना जाता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:50 AM से 12:39 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान सूर्य नारायण की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (09:10 AM से 10:43 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी भाद्रपद मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव वृश्चिक (Scorpio) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज सप्तमी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 18 सितंबर 2026 को 12:09 PM तक रहेगी। इसके पश्चात अष्टमी (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान सूर्य नारायण हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः | ॐ आदित्याय नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से आरोग्य, नेत्र ज्योति, तेज एवं राजसम्मान की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:50 AM से 12:39 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 09:10 AM से 10:43 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास आकाश में (हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)) है। वहीं शिव वास क्रीड़ा में (मध्यम फलदायी) है।
आज शुक्रवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!