Jyeshtha Adhika Purnima 2026: अधिक मास की पूर्णिमा (31 May Sunday) | सत्यनारायण व्रत एवं स्नान दान
वर्ष 2026 में 31 मई को ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा मनाई जाएगी। पुरुषोत्तम मास में आने वाली इस पूर्णिमा पर भगवान सत...
प्रदोष व्रत 2026 - Pradosh Vrat May 2026: शुक्ल प्रदोष, गुरुवार के दिन शिव कृपा
प्रदोष व्रत 2026 के अंतर्गत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष का गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को है। जानिए भगवान शिव की कृपा प्रा...
गंगा दशहरा 2026: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी | Ganga Dussehra 2026: Jyeshtha Shukla Dashami
गंगा दशहरा 2026 के अवसर पर जानिए माँ गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथा, स्नान-दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा ...
पद्मिनी एकादशी 2026: Padmini Ekadashi – Jyeshtha Shukla Ekadashi Vrat for Prosperity & Karma Removal
वर्ष 2026 में पद्मिनी एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु को समर्पित यह पवित्र व्रत ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (अधिक...
Jyeshtha Amavasya 2026 | Vat Savitri Vrat | Shani Jayanti | ज्येष्ठ अमावस्या 2026
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई को है। इस दिन वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और पितृ तर्पण का दुर्लभ संयोग बन रहा...
Vrishabha Sankranti 2026: सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश (15 May Friday) | Masik Shivratri
Vrishabha Sankranti 2026: 15 मई को सूर्य देव का वृषभ राशि में प्रवेश और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग। जानिए इसका...
Guru Pradosh Vrat 2026 – गुरु प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) 14 मई, गुरुवार: भगवान शिव की संध्या आराधना
14 मई 2026, गुरुवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष का गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। गुरुवार के संयोग से यह व्रत अत्यंत फल...
अपरा एकादशी 2026 - Apara Ekadashi 2026: व्रत, तिथि एवं महत्व
अपरा एकादशी 2026 बुधवार, 13 मई को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु को समर्पित इस पावन व्रत के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा औ...
कालाष्टमी 2026: Kalashtami (Krishna Ashtami) – Lord Bhairava Puja for Protection & Fear Removal
कालाष्टमी 2026 (मई) के अवसर पर भगवान भैरव की पूजा विधि, शुभ तिथि और भय मुक्ति के विशेष उपाय जानें। यह पावन दिन सभी ...
Angarki Sankashti Chaturthi 2026 | अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2026
Angarki Sankashti Chaturthi 2026: मंगलवार, 5 मई 2026 को पड़ने वाली अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को सम...
Narada Jayanti 2026: देवर्षि नारद का प्राकट्य दिवस (2 May Saturday) | नारद जयंती
Narada Jayanti 2026: भक्ति, संगीत और ज्ञान के देवता देवर्षि नारद का जन्मदिवस 2 मई 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। जानि...
Buddha Purnima 2026 – बुद्ध पूर्णिमा / वैशाख पूर्णिमा / कूर्म जयंती / चित्रा पूर्णिमा (शुक्रवार)
बुद्ध पूर्णिमा 2026 शुक्रवार, 1 मई को मनाई जाएगी। इस दिन वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, चित्रा पूर्णिमा और सत्यनारायण...
सनातन पर्व परंपरा एवं वैदिक काल-गणना का विज्ञान
सनातन हिंदू परंपरा में प्रत्येक पर्व और त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और ऋतु संक्रमण के गहन खगोलीय सामंजस्य पर आधारित आध्यात्मिक विज्ञान हैं। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने मानव जीवन को प्रकृति के साथ लयबद्ध करने हेतु इन पावन पर्वों का निर्धारण किया है।
१. उदया तिथि एवं काल-व्यापिनी तिथि का शास्त्रीय नियम
धर्मसिंधु एवं निर्णयसिंधु ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में पर्वों का निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख आधारों पर होता है:
- उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, दिनभर सामान्यतः उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है (जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, दशहरा)।
- काल-विशिष्ट व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।
२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास
सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को संतुलित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।