३८+ पावन त्यौहार विक्रम संवत २०८३ शास्त्रसम्मत मुहूर्त व विधियां

सनातन त्यौहार एवं पर्व निर्देशिका २०२६

समस्त हिंदू व्रत, पावन पर्वों एवं उत्सवों की तिथिवार प्रामाणिक सूची, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व शास्त्रोक्त महत्व।

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Hindu २४४
३१ मई २०२६, रविवार

Jyeshtha Adhika Purnima 2026: अधिक मास की पूर्णिमा (31 May Sunday) | सत्यनारायण व्रत एवं स्नान दान

वर्ष 2026 में 31 मई को ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा मनाई जाएगी। पुरुषोत्तम मास में आने वाली इस पूर्णिमा पर भगवान सत...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १६१
२८ मई २०२६, गुरुवार

प्रदोष व्रत 2026 - Pradosh Vrat May 2026: शुक्ल प्रदोष, गुरुवार के दिन शिव कृपा

प्रदोष व्रत 2026 के अंतर्गत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष का गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को है। जानिए भगवान शिव की कृपा प्रा...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ६८३
२५ मई २०२६, सोमवार

गंगा दशहरा 2026: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी | Ganga Dussehra 2026: Jyeshtha Shukla Dashami

गंगा दशहरा 2026 के अवसर पर जानिए माँ गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथा, स्नान-दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १५३
२७ मई २०२६, बुधवार

पद्मिनी एकादशी 2026: Padmini Ekadashi – Jyeshtha Shukla Ekadashi Vrat for Prosperity & Karma Removal

वर्ष 2026 में पद्मिनी एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु को समर्पित यह पवित्र व्रत ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (अधिक...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २७९
१६ मई २०२६, शनिवार

Jyeshtha Amavasya 2026 | Vat Savitri Vrat | Shani Jayanti | ज्येष्ठ अमावस्या 2026

वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई को है। इस दिन वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और पितृ तर्पण का दुर्लभ संयोग बन रहा...

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Hindu २८१
१५ मई २०२६, शुक्रवार

Vrishabha Sankranti 2026: सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश (15 May Friday) | Masik Shivratri

Vrishabha Sankranti 2026: 15 मई को सूर्य देव का वृषभ राशि में प्रवेश और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग। जानिए इसका...

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Hindu १६६
१४ मई २०२६, गुरुवार

Guru Pradosh Vrat 2026 – गुरु प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) 14 मई, गुरुवार: भगवान शिव की संध्या आराधना

14 मई 2026, गुरुवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष का गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। गुरुवार के संयोग से यह व्रत अत्यंत फल...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १४९
१३ मई २०२६, बुधवार

अपरा एकादशी 2026 - Apara Ekadashi 2026: व्रत, तिथि एवं महत्व

अपरा एकादशी 2026 बुधवार, 13 मई को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु को समर्पित इस पावन व्रत के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा औ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १६३
०९ मई २०२६, शनिवार

कालाष्टमी 2026: Kalashtami (Krishna Ashtami) – Lord Bhairava Puja for Protection & Fear Removal

कालाष्टमी 2026 (मई) के अवसर पर भगवान भैरव की पूजा विधि, शुभ तिथि और भय मुक्ति के विशेष उपाय जानें। यह पावन दिन सभी ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १२७२३
०५ मई २०२६, मंगलवार

Angarki Sankashti Chaturthi 2026 | अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2026

Angarki Sankashti Chaturthi 2026: मंगलवार, 5 मई 2026 को पड़ने वाली अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को सम...

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Hindu ४०६
०२ मई २०२६, शनिवार

Narada Jayanti 2026: देवर्षि नारद का प्राकट्य दिवस (2 May Saturday) | नारद जयंती

Narada Jayanti 2026: भक्ति, संगीत और ज्ञान के देवता देवर्षि नारद का जन्मदिवस 2 मई 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। जानि...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १२५
०१ मई २०२६, शुक्रवार

Buddha Purnima 2026 – बुद्ध पूर्णिमा / वैशाख पूर्णिमा / कूर्म जयंती / चित्रा पूर्णिमा (शुक्रवार)

बुद्ध पूर्णिमा 2026 शुक्रवार, 1 मई को मनाई जाएगी। इस दिन वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, चित्रा पूर्णिमा और सत्यनारायण...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
कुल १२ / ३८ त्यौहार प्रदर्शित
समस्त उपलब्ध त्यौहार प्रदर्शित हो चुके हैं।

सनातन पर्व परंपरा एवं वैदिक काल-गणना का विज्ञान

सनातन हिंदू परंपरा में प्रत्येक पर्व और त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और ऋतु संक्रमण के गहन खगोलीय सामंजस्य पर आधारित आध्यात्मिक विज्ञान हैं। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने मानव जीवन को प्रकृति के साथ लयबद्ध करने हेतु इन पावन पर्वों का निर्धारण किया है।

१. उदया तिथि एवं काल-व्यापिनी तिथि का शास्त्रीय नियम

धर्मसिंधु एवं निर्णयसिंधु ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में पर्वों का निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख आधारों पर होता है:

  • उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, दिनभर सामान्यतः उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है (जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, दशहरा)।
  • काल-विशिष्ट व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।

२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास

सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को संतुलित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ: यह सामग्री वैदिक पंचांग, पुराणों एवं प्रतिष्ठित सनातन धर्मग्रंथों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा शोधपरक रूप से तैयार की गई है।
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