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प्रसिद्ध मंदिर

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर हनुमान जी का दिव्य धाम
Hanuman

श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी), प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर हनुमान जी का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के इलाहाबाद किले में स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) विश्व का एकमात्र शयन मुद्रा में विराजित हनुमान मंदिर है। त्रिवेणी संगम से सटे इस दिव्य धाम की पौराणिक कथा, वास्तुकला, हनुमान चालीसा और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
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श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्रद्धा और सबूरी का पवित्र धाम
Sai Baba

श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्रद्धा और सबूरी का पवित्र धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के सिविल लाइन्स में स्थित श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर श्रद्धा और सबूरी का प्रतीक है। यहाँ नियमित आरतियाँ, गुरुवार का विशेष भंडारा और साईं बाबा की भव्य प्रतिमा के दर्शन होते हैं। जानिए मंदिर का महत्व, आरती समय, और यात्रा की जानकारी।

22 Mar 2026
Kakad Aarti: 4:30 AM, Madhyan Aarti: 12:00 PM, Dhup Aarti: 6:30 PM (Summer) / 5:30 PM (Winter), Shej Aarti: 9:30 PM
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काल्याणी देवी मंदिर, प्रयागराज: शक्ति और सिद्धि का पवित्र शक्तिपीठ
Durga

काल्याणी देवी मंदिर, प्रयागराज: शक्ति और सिद्धि का पवित्र शक्तिपीठ

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के मध्य में स्थित माँ काल्याणी देवी मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है। यह मंदिर शक्ति, सिद्धि और कल्याण की देवी माँ काल्याणी को समर्पित है। जानिए इस शक्तिपीठ की पौराणिक कथा, मंदिर की वास्तुकला, आरती का समय, नवरात्रि उत्सव और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
05:00 AM - 12:00 PM, 04:00 PM - 09:00 PM
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अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ), अलोपीबाग, प्रयागराज: दिव्य शक्ति की अनोखी पीठ
Durga

अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ), अलोपीबाग, प्रयागराज: दिव्य शक्ति की अनोखी पीठ

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के अलोपीबाग में स्थित अलोपी देवी मंदिर (शक्तिपीठ) 51 शक्तिपीठों में से एक अनोखा स्थल है, जहाँ कोई मूर्ति नहीं बल्कि एक सुनहरी पालकी में माँ विराजमान हैं। जानिए इसकी पौराणिक कथा, महत्व, आरती, त्योहार और यात्रा संबंधी जानकारी।

मनकामेश्वर मंदिर, प्रयागराज: यमुना तट पर स्थित मनोकामनाओं का दिव्य धाम
Shiva

मनकामेश्वर मंदिर, प्रयागराज: यमुना तट पर स्थित मनोकामनाओं का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित मनकामेश्वर मंदिर एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मनोकामना पूर्ति की अपनी मान्यता के लिए जाना जाता है। त्रिवेणी संगम के निकट स्थित इस मंदिर की स्थापना भगवान राम ने की थी। जानिए इसका इतिहास, महत्व, यात्रा समय और आस-पास के दर्शनीय स्थल।

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर
Hanuman

हनुमत निकेतन, सिविल लाइन्स, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का दिव्य एवं भव्य मंदिर

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित हनुमत निकेतन श्री हनुमान जी का एक भव्य एवं प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ नियमित हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। यह स्थान आस्था, शक्ति और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत केंद्र है।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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सोमेश्वर महादेव मंदिर, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के संरक्षक भगवान शिव
Shiva

सोमेश्वर महादेव मंदिर, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के संरक्षक भगवान शिव

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के अरैल घाट, नैनी पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन और दिव्य शिव मंदिर है। चंद्रदेव की तपोस्थली होने के कारण यह चंद्र दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध है। गंगा तट पर स्थित यह मंदिर त्रिवेणी संगम के निकट है और अपनी शांत वातावरण, भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है। जानिए इसका महत्व, पौराणिक कथा, और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

संगम मंदिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज: तीन पवित्र नदियों का अद्वितीय संगम
Triveni Sangam

संगम मंदिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज: तीन पवित्र नदियों का अद्वितीय संगम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर स्थित संगम मंदिर हिंदुओं का अत्यंत पवित्र स्थल है। यहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। यह स्थान कुंभ मेले, अर्धकुंभ और माघ मेले के लिए प्रसिद्ध है। जानिए इसका महत्व, पौराणिक कथा और यात्रा की जानकारी।

चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम
Hanuman

चंद्रशेखर आज़ाद पार्क हनुमान मंदिर, प्रयागराज: आस्था और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के ऐतिहासिक चंद्रशेखर आज़ाद पार्क में स्थित हनुमान मंदिर आस्था, शक्ति और स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय संगम है। यहाँ हनुमान जी की भव्य प्रतिमा, हरा-भरा परिसर और चंद्रशेखर आज़ाद का स्मारक स्थित है। जानिए इसका इतिहास, महत्व, दर्शन समय, और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट, प्रयागराज: शाश्वत आस्था का प्रतीक
Akshay Vat

पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट, प्रयागराज: शाश्वत आस्था का प्रतीक

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज किले (भारतीय सेना के अधीन) में स्थित पातालपुरी मंदिर एवं अक्षय वट एक अद्भुत धार्मिक स्थल है। यहाँ का अक्षय वट अविनाशी बरगद का पेड़ है, जहाँ भगवान राम ने वनवास के दौरान विश्राम किया था। जानिए यहाँ का इतिहास, महत्व, दर्शन समय, और यात्रा संबंधी पूरी जानकारी।

22 Mar 2026
8:00 AM – 5:00 PM (Subject to Army permission)
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हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम
Hanuman

हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर), प्रयागराज: यमुना तट पर मनोकामना पूर्ति का दिव्य धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के यमुना तट पर स्थित हनुमान मंदिर (मनकामेश्वर परिसर) भगवान हनुमान का एक प्राचीन एवं शक्तिशाली मंदिर है। यहाँ सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। मंदिर की प्राचीन मूर्ति, यमुना का तटीय दृश्य और मनकामेश्वर मंदिर से निकटता इसे एक अद्वितीय आध्यात्मिक केंद्र बनाते हैं। जानिए यहाँ की पौराणिक कथा, महत्व, दर्शन समय और यात्रा सुझाव।

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज: गंगा तट पर स्थित नाग देवता का पवित्र मंदिर
Nag Vasuki

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज: गंगा तट पर स्थित नाग देवता का पवित्र मंदिर

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के दारागंज घाट पर गंगा तट पर स्थित नाग वासुकी मंदिर नागराज वासुकी को समर्पित एक पवित्र स्थल है। यहाँ की सात फन वाली भव्य मूर्ति, नाग पंचमी का उत्सव, और कालसर्प दोष निवारण की मान्यता इसे विशेष बनाती है। जानिए पौराणिक कथा, मंत्र, आरती, और यात्रा की जानकारी।

22 Mar 2026
05:00 AM - 09:00 PM
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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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