वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष)

9 सितंबर 2026 (बुधवार) | विक्रम संवत 2083 (भाद्रपद मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 01:19 PM तक नक्षत्र: आश्लेषा (04:01 PM तक) अभिजित: 11:53 AM से 12:43 PM राहुकाल: 10:44 AM से 12:18 PM
Free Webmaster Tool 100% निःशुल्क और ऑटो-अपडेटेड

यह 'आज की तिथि' विजेट अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर लगाएं

वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · भाद्रपद मास
त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:19 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव • प्रकृति: जया (Jaya) संज्ञक • फल: ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा
तिथि समाप्ति समय
01:19 PM तक
अगली तिथि: चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) (01:19 PM से)
1. तिथि (Tithi)
त्रयोदशी (प्रदोष)
01:19 PM तक
कृष्ण पक्ष · जया
2. नक्षत्र (Nakshatra)
आश्लेषा
04:01 PM तक
चरण: 3 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
बुधवार
स्वामी: भगवान श्री गणेश व बुध देव
रंग: हरा व पिस्ता
4. योग (Yoga)
शिव
परम कल्याणकारी (शिव कृपा)
संख्या: 20 / 27
5. करण (Karana)
वणिज (Vanija)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) आकाश में
हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) क्रीड़ा में
मध्यम फलदायी
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
अधिष्ठाता देव भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:01 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:35 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

04:11 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

04:11 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): सिंह (Leo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 12 घंटे 33 मिनट · 11 घंटे 26 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:53 AM से 12:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:25 AM से 05:13 AM
अमृत काल: 08:31 AM से 10:01 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:11 PM से 06:59 PM
विजय मुहूर्त: 01:33 PM से 02:24 PM
आनन्दादि योग: राक्षस (Rakshasa) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 10:44 AM से 12:18 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 06:49 PM से 08:25 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 07:36 AM से 09:10 AM
गुलिक काल: 10:44 AM से 12:18 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
लाभ
06:01 AM–07:36 AM
अमृत
07:36 AM–09:10 AM
काल
09:10 AM–10:44 AM
शुभ
10:44 AM–12:18 PM
रोग
12:18 PM–01:52 PM
उद्वेग
01:52 PM–03:26 PM
चर
03:26 PM–05:01 PM
लाभ
05:01 PM–06:35 PM
रात्रि चौघड़िया
उद्वेग
06:35 PM–08:01 PM
शुभ
08:01 PM–09:26 PM
अमृत
09:26 PM–10:52 PM
चर
10:52 PM–12:18 AM
रोग
12:18 AM–01:44 AM
काल
01:44 AM–03:10 AM
लाभ
03:10 AM–04:36 AM
उद्वेग
04:36 AM–06:01 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
बुध
06:01 AM
07:04 AM
चंद्र
07:04 AM
08:07 AM
शनि
08:07 AM
09:10 AM
गुरु
09:10 AM
10:13 AM
मंगल
10:13 AM
11:15 AM
सूर्य
11:15 AM
12:18 PM
शुक्र
12:18 PM
01:21 PM
बुध
01:21 PM
02:24 PM
चंद्र
02:24 PM
03:26 PM
शनि
03:26 PM
04:29 PM
गुरु
04:29 PM
05:32 PM
मंगल
05:32 PM
06:35 PM
🌙
होरा — रात
सूर्य
06:35 PM
07:32 PM
शुक्र
07:32 PM
08:29 PM
बुध
08:29 PM
09:26 PM
चंद्र
09:26 PM
10:24 PM
शनि
10:24 PM
11:21 PM
गुरु
11:21 PM
12:18 AM
मंगल
12:18 AM
01:15 AM
सूर्य
01:15 AM
02:13 AM
शुक्र
02:13 AM
03:10 AM
बुध
03:10 AM
04:07 AM
चंद्र
04:07 AM
05:04 AM
शनि
05:04 AM
06:01 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
सिंह (Leo) 06:01 AM - 08:01 AM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
कन्या (Virgo) 08:01 AM - 10:01 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 10:01 AM - 12:01 PM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 12:01 PM - 02:01 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 02:01 PM - 04:01 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 04:01 PM - 06:01 PM चर लग्न (Chara)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कर्क (Cancer) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) सिंह (Leo) 22° 08' पूर्वाफाल्गुनी
चंद्रमा (Moon) कर्क (Cancer) 24° 29' आश्लेषा
मंगल (Mars) तुला (Libra) 26° 38' विशाखा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 06° 20' उत्तराफाल्गुनी
बृहस्पति (Jupiter) धनु (Sagittarius) 24° 08' पूर्वाषाढ़ा
शुक्र (Venus) कन्या (Virgo) 27° 56' चित्रा
शनि (Saturn) मीन (Pisces) 27° 32' रेवती
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 27° 51' उत्तराफाल्गुनी
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 27° 51' पूर्वाभाद्रपद
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), भाद्रपद मासे, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी (प्रदोष) तिथौ, बुधवार वासरे, आश्लेषा नक्षत्रे, शिव योगे, वणिज (Vanija) करणे, सूर्य सिंह (Leo) राशिस्थिते, चन्द्र कर्क (Cancer) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: आश्लेषा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
भरणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
कृत्तिका वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रोहिणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मृगशिरा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आर्द्रा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुनर्वसु विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पुष्य सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आश्लेषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मघा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराफाल्गुनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
हस्त साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
चित्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
स्वाती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
विशाखा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
अनुराधा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
ज्येष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मूल अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराषाढ़ा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
श्रवण साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
धनिष्ठा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
शतभिषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराभाद्रपद सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
रेवती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
9 सितंबर 2026 बुधवार
कल
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: मघा
10 सितंबर 2026 गुरुवार
2 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
11 सितंबर 2026 शुक्रवार
6 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: स्वाती
15 सितंबर 2026 मंगलवार
10 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: मूल
19 सितंबर 2026 शनिवार
13 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
22 सितंबर 2026 मंगलवार
15 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: धनिष्ठा
24 सितंबर 2026 गुरुवार
17 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
26 सितंबर 2026 शनिवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: वणिज (Vanija)
करण के देवता (Ruling Deity)
माँ लक्ष्मी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
व्यापार, धन लाभ एवं क्रय-विक्रय
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
व्यापारिक अनुबंध, दुकान आरंभ व क्रय-विक्रय

आज की तिथि (त्रयोदशी (प्रदोष)) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 9 सितंबर 2026 को त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:19 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के रूप में विख्यात है। इस समय भगवान शिव आनंद तांडव करते हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि के स्वामी भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'जया (Jaya)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:25 AM से 05:13 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) शिवलिंग पर कच्चा दूध, गंगाजल व बेलपत्र चढ़ाकर प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

मूंग की हरी दाल, हरी चूड़ियां, कांसा व हरे वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 5 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

बैंगन का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:53 AM से 12:43 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (10:44 AM से 12:18 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी भाद्रपद मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी सिंह (Leo) में तथा चंद्र देव कर्क (Cancer) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 9 सितंबर 2026 को 01:19 PM तक रहेगी। इसके पश्चात चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान कामदेव एवं देवाधिदेव महादेव शिव हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ नमः शिवाय | ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से ऋण मुक्ति, काम विजय, रोग निवारण एवं शिव कृपा की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:53 AM से 12:43 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 10:44 AM से 12:18 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास आकाश में (हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)) है। वहीं शिव वास क्रीड़ा में (मध्यम फलदायी) है।
आज बुधवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो तिल अथवा गुड़ खाकर प्रस्थान करें।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!