वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : दशमी (शुक्ल पक्ष)

19 दिसंबर 2026 (शनिवार) | विक्रम संवत 2083 (मार्गशीर्ष (अगहन) मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:54 PM तक नक्षत्र: रेवती (04:09 PM तक) अभिजित: 11:57 AM से 12:38 PM राहुकाल: 08:24 AM से 09:42 AM
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वर्डप्रेस, ब्लॉगर या किसी भी वेबसाइट पर 1-क्लिक में यह इंटरएक्टिव 'आज की तिथि' विजेट जोड़ें। रोज की सटीक तिथि, नक्षत्र, समाप्ति समय व शुभ मुहूर्त अपने-आप अपडेट होंगे।

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · मार्गशीर्ष (अगहन) मास
दशमी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज दशमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:54 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं • प्रकृति: पूर्णा (Poorna) संज्ञक • फल: दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय
तिथि समाप्ति समय
10:54 PM तक
अगली तिथि: एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) (10:54 PM से)
1. तिथि (Tithi)
दशमी
10:54 PM तक
शुक्ल पक्ष · पूर्णा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
रेवती
04:09 PM तक
चरण: 3 · गण: देव
3. वार (Vara)
शनिवार
स्वामी: शनि देव व श्री हनुमान जी
रंग: नीला, गहरा जामुनी व काला
4. योग (Yoga)
वरीयान
शुभ (वैभव वृद्धि)
संख्या: 18 / 27
5. करण (Karana)
तैतिल (Taitila)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) आकाश में
हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) सभा में
मध्यम (साधारण फल)
पंचक विचार मृत्यु पंचक
जोखिम भरे कार्यों व दक्षिण यात्रा से बचें
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
अधिष्ठाता देव धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

07:07 AM

सूर्यास्त (Sunset)

05:29 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

02:35 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

02:35 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): धनु (Sagittarius)
चन्द्र राशि (Moon Sign): मीन (Pisces)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 10 घंटे 21 मिनट · 13 घंटे 38 मिनट
ऋतु व अयन: हेमंत ऋतु (Pre-Winter) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:57 AM से 12:38 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:31 AM से 06:19 AM
अमृत काल: 09:37 AM से 11:07 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:05 PM से 05:53 PM
विजय मुहूर्त: 01:20 PM से 02:01 PM
आनन्दादि योग: धाता (Dhata) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 08:24 AM से 09:42 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 07:07 PM से 08:43 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 01:35 PM से 02:53 PM
गुलिक काल: 07:07 AM से 08:24 AM
दिशाशूल: पूर्व दिशा (उपाय: अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
काल
07:07 AM–08:24 AM
शुभ
08:24 AM–09:42 AM
रोग
09:42 AM–11:00 AM
उद्वेग
11:00 AM–12:18 PM
चर
12:18 PM–01:35 PM
लाभ
01:35 PM–02:53 PM
अमृत
02:53 PM–04:11 PM
काल
04:11 PM–05:29 PM
रात्रि चौघड़िया
लाभ
05:29 PM–07:11 PM
उद्वेग
07:11 PM–08:53 PM
शुभ
08:53 PM–10:35 PM
अमृत
10:35 PM–12:18 AM
चर
12:18 AM–02:00 AM
रोग
02:00 AM–03:42 AM
काल
03:42 AM–05:24 AM
लाभ
05:24 AM–07:07 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शनि
07:07 AM
07:58 AM
गुरु
07:58 AM
08:50 AM
मंगल
08:50 AM
09:42 AM
सूर्य
09:42 AM
10:34 AM
शुक्र
10:34 AM
11:26 AM
बुध
11:26 AM
12:18 PM
चंद्र
12:18 PM
01:09 PM
शनि
01:09 PM
02:01 PM
गुरु
02:01 PM
02:53 PM
मंगल
02:53 PM
03:45 PM
सूर्य
03:45 PM
04:37 PM
शुक्र
04:37 PM
05:29 PM
🌙
होरा — रात
बुध
05:29 PM
06:37 PM
चंद्र
06:37 PM
07:45 PM
शनि
07:45 PM
08:53 PM
गुरु
08:53 PM
10:01 PM
मंगल
10:01 PM
11:09 PM
सूर्य
11:09 PM
12:18 AM
शुक्र
12:18 AM
01:26 AM
बुध
01:26 AM
02:34 AM
चंद्र
02:34 AM
03:42 AM
शनि
03:42 AM
04:50 AM
गुरु
04:50 AM
05:58 AM
मंगल
05:58 AM
07:07 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
धनु (Sagittarius) 07:07 AM - 09:07 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 09:07 AM - 11:07 AM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 11:07 AM - 01:07 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
मीन (Pisces) 01:07 PM - 03:07 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मेष (Aries) 03:07 PM - 05:07 PM चर लग्न (Chara)
वृषभ (Taurus) 05:07 PM - 07:07 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा मीन (Pisces) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) धनु (Sagittarius) 02° 55' मूल
चंद्रमा (Moon) मीन (Pisces) 25° 01' रेवती
मंगल (Mars) कुंभ (Aquarius) 07° 25' शतभिषा
बुध (Mercury) धनु (Sagittarius) 17° 07' पूर्वाषाढ़ा
बृहस्पति (Jupiter) मेष (Aries) 04° 55' अश्विनी
शुक्र (Venus) मकर (Capricorn) 08° 43' उत्तराषाढ़ा
शनि (Saturn) कर्क (Cancer) 08° 19' पुष्य
राहु (Rahu) वृषभ (Taurus) 17° 04' रोहिणी
केतु (Ketu) वृश्चिक (Scorpio) 17° 04' ज्येष्ठा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), हेमंत ऋतु (Pre-Winter), मार्गशीर्ष (अगहन) मासे, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथौ, शनिवार वासरे, रेवती नक्षत्रे, वरीयान योगे, तैतिल (Taitila) करणे, सूर्य धनु (Sagittarius) राशिस्थिते, चन्द्र मीन (Pisces) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: रेवती

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
भरणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
कृत्तिका वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रोहिणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मृगशिरा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आर्द्रा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुनर्वसु विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पुष्य सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आश्लेषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मघा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराफाल्गुनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
हस्त साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
चित्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
स्वाती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
विशाखा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
अनुराधा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
ज्येष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मूल अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराषाढ़ा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
श्रवण साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
धनिष्ठा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
शतभिषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराभाद्रपद सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
रेवती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
कल
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अश्विनी
20 दिसंबर 2026 रविवार
3 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: कृत्तिका
22 दिसंबर 2026 मंगलवार
5 दिन बाद
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: आर्द्रा
24 दिसंबर 2026 गुरुवार
8 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
27 दिसंबर 2026 रविवार
15 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: विशाखा
3 जनवरी 2027 रविवार
17 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: ज्येष्ठा
5 जनवरी 2027 मंगलवार
18 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: मूल
6 जनवरी 2027 बुधवार
19 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
7 जनवरी 2027 गुरुवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: तैतिल (Taitila)
करण के देवता (Ruling Deity)
विश्वकर्मा जी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
शिल्प, निर्माण एवं भौतिक उन्नति
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
गृह निर्माण, शिल्पकर्म व वाहन क्रय

आज की तिथि (दशमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 19 दिसंबर 2026 को दशमी (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:54 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

दशमी तिथि विजय की तिथि है। विजयादशमी (दशहरा) इसी तिथि पर संपन्न होता है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की दशमी तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'पूर्णा (Poorna)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (05:31 AM से 06:19 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान विष्णु व धर्मराज का स्मरण कर सत्य आचरण का संकल्प लें तथा जरूरतमंदों को जल व अन्न का दान करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोहा व कंबल का दान करें। आज का शुभ अंक 8 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

कलमी साग (कलंबी) का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:57 AM से 12:38 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (08:24 AM से 09:42 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पूर्व) में बिना आवश्यक उपाय (अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी मार्गशीर्ष (अगहन) मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष (अगहन) मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी धनु (Sagittarius) में तथा चंद्र देव मीन (Pisces) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज दशमी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 19 दिसंबर 2026 को 10:54 PM तक रहेगी। इसके पश्चात एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी धर्मराज यमराज एवं दश दिशाएं हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ यमाय धर्मराजाय नमः | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से दीर्घायु, अकाल मृत्यु से रक्षा, धर्म पालन एवं विजय की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:57 AM से 12:38 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 08:24 AM से 09:42 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास आकाश में (हवन फल मध्यम (विशेष संकल्प में ही करें)) है। वहीं शिव वास सभा में (मध्यम (साधारण फल)) है।
आज शनिवार होने के कारण दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।
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