वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

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पावन मंत्र संग्रह (Mantra Directory)

शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।

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भगवान शिव (महाकाल) 65

श्री महामृत्युंजय संजीवन मंत्र - ॐ हौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं हौं सम्पूर्ण आरोग्य विधान

ॐ हौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं हौं सम्पूर्ण आरोग्य विधान

भावार्थ: हे भगवान शिव! आप मेरी रक्षा करें, मेरी रक्षा करें। मुझमें प्राण ऊर्जा का संचार कर मुझे पूर्ण आरोग्य प्रदान करें।

भगवान श्री कामदेव 101

श्री क्लीं कामराज मंत्र - ॐ क्लीं कामदेवाय नमः आकर्षण शक्ति एवं वशीकरण साधना

ॐ क्लीं कामदेवाय नमः

भावार्थ: हे कामदेव! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। मेरे जीवन में आकर्षण, प्रेम और सौंदर्य की ऊर्जा का संचार करें।

माँ त्रिपुरसुन्दरी (षोडशी राजराजेश्वरी) 56

श्री त्रिपुरसुन्दरी मंत्र - ॐ ऐं क्लीं सौंः सौंः क्लीं ऐं श्री त्रिपुरसुन्दरी ऐश्वर्य प्राप्ति महामंत्र

ॐ ऐं क्लीं सौंः सौंः क्लीं ऐं श्री त्रिपुरसुन्दरी ऐश्वर्य प्राप्ति महामंत्र

भावार्थ: माता त्रिपुरसुन्दरी जो वाग्भव, कामराज और शक्ति बीज से युक्त होकर साधक को समस्त ऐश्वर्य, ज्ञान और आनंद प्रदान करती हैं, उ…

भगवान कार्तिकेय (स्कन्द, मुरुगन, स्वामी सुब्रह्मण्य) 56

श्री कार्तिकेय मूल मंत्र - ॐ शरवणभावाय नमः बुद्धि, पराक्रम एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति

ॐ शरवणभावाय नमः

भावार्थ: हे शरवण (सरकंडों के वन) में प्रकट होने वाले भगवान कार्तिकेय! आपको मेरा बारंबार नमस्कार है।

माँ अन्नपूर्णा 46

श्री अन्नपूर्णा मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवते महासुरेश्वरि अन्नपूर्णे स्वाहा अन्न एवं समृद्धि प्राप्ति

श्री अन्नपूर्णा मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवते महासुरेश्वरि अन्नपूर्णे स्वाहा अन्न एवं समृद्धि प्राप्ति

भावार्थ: माँ अन्नपूर्णा जगत की पालनकर्ता और पोषण प्रदायिनी हैं। उनके इस महामंत्र के स्मरण और जप से साधक के घर में कभी भी अन्न और …

भगवान शिव (श्री नागेश्वर देव) 43

श्री नागेश्वर सिद्ध मंत्र - ॐ नागेश्वराय नमः कालसर्प दोष निवारण एवं रक्षा कवच

ॐ नागेश्वराय नमः

भावार्थ: समस्त सर्पों, नागों तथा काल के परमेश्वर भगवान शिव को मेरा बारम्बार प्रणाम है।

माता सरस्वती एवं भगवान वाग्मी 39

श्री वाग्मी सिद्ध मंत्र - वाक् सिद्धि व तीव्र स्मरण शक्ति प्राप्ति का गुप्त मंत्र रहस्य

ॐ ऐं श्रीं वाग्वादिनि स्वाहा। ऐं क्लीं सौः वाग्मी मे सिद्धयतु नमः।

भावार्थ: हे वाग्वादिनी (वाणी की देवी) मां सरस्वती, मुझको वाक् सिद्धि और तीव्र स्मरण शक्ति प्रदान करें। मेरी वाणी में दिव्यता और स…

सद्गुरु देव 41

श्री गुरु पादुका मंत्र - ॐ गुरुभ्यो नमः गुरु कृपा एवं आत्म साक्षात्कार मंत्र

ॐ गुरुभ्यो नमः

भावार्थ: समस्त गुरुओं को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम है, जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।

श्री राधा-कृष्ण 56

श्री राधा कृष्ण युगल मंत्र - ॐ श्रीं राधायै स्वाहा एवं युगल प्रेम रस साधना

ॐ श्रीं राधायै स्वाहा

भावार्थ: समस्त ऐश्वर्य, महालक्ष्मी स्वरूपा श्री राधा रानी को मेरा समर्पण है, जो कृष्ण प्राणप्रिया हैं।

भगवान शिव 48

श्री शिव पंचाक्षर मंत्र - ॐ नमः शिवाय सम्पूर्ण 5 तत्वों का रहस्य एवं ध्यान विधि

श्री शिव पंचाक्षर मंत्र - ॐ नमः शिवाय सम्पूर्ण 5 तत्वों का रहस्य एवं ध्यान विधि

भावार्थ: भगवान शिव के षडक्षर और पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' में सृष्टि के पाँचों महाभूतों (तत्वों) का रहस्य छिपा है। इसके नियमित…

माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) 94

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दीजिए, शत्रुओं का पूर्ण स्तम्भन हो।

भगवान धन्वंतरि 35

श्री धन्वंतरि मंत्र - ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय आरोग्य मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वव्याधिनाशाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः

भावार्थ: उन भगवान वासुदेव स्वरूप श्री धन्वंतरि को नमस्कार है, जिनके हाथों में अमृत कलश है, जो समस्त रोगों का नाश करने वाले हैं और…

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
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