वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

402+ वैदिक मंत्र
8+ विशेष श्रेणियां
49,878+ पाठक दर्शन

प्रमुख मंत्र श्रेणियां (Mantra Categories)

अपनी अभीष्ट साधना एवं आवश्यकतानुसार अभीष्ट मंत्र श्रेणी का चयन करें।

पावन मंत्र संग्रह (Mantra Directory)

शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।

पृष्ठ 1 / 34
भगवान नागचंद्रेश्वर (महाकाल स्वरूप) 7

श्री नागचंद्रेश्वर मंत्र: कालसर्प दोष मुक्ति और नाग देवता की कृपा विधि

ॐ न्युं नागचंद्रेश्वराय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्।

भावार्थ: हम नागराज नागचंद्रेश्वर को जानते हैं जो विषदंत धारी हैं, हम उनका ध्यान करते हैं। वे सर्प देवता हमें सत प्रेरणा और सन्मार…

माता कूष्माण्डा 7

श्री कूष्माण्डा देवी मंत्र: स्वास्थ्य, तेज और ब्रह्मांडीय ऊर्जा प्राप्ति विधि

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः

भावार्थ: हे माँ कूष्माण्डा! हम आपको बारंबार नमन करते हैं। आप हमें ज्ञान (ऐं), माया व ऊर्जा (ह्रीं), तथा आकर्षण व सिद्धि (क्लीं) प…

भगवान कल्कि (श्री विष्णु का दशम अवतार) 12

श्री कल्कि अवतार महामंत्र: धर्म स्थापना और नकारात्मकता नाश

ॐ क्ष्िं कल्किने नमः | ॐ श्री विष्णवे नमः कल्किने दुष्ट-दलन्याय स्वाहा |

भावार्थ: हे दुष्टों का दलन करने वाले, धर्म की रक्षा करने वाले भगवान कल्कि आपको बारम्बार नमस्कार है।

भगवान कूर्म (विष्णु रूप) 12

श्री कुर्म अवतार मंत्र: स्थिरता, धैर्य और वास्तु दोष निवारण

ॐ श्री कूर्मरूपाय नमः

भावार्थ: उन भगवान को नमस्कार है जो कूर्म (कछुआ) के रूप में प्रकट हुए हैं और संपूर्ण ब्रह्मांड को स्थिरता प्रदान करते हैं।

भगवान विष्णु (मत्स्य रूप) 12

श्री मत्सय अवतार महामंत्र: अर्थ, विधि और जल आपदा से रक्षा

ॐ ह्रीं मत्स्यरूपाय नमः जलचराय महाबलाय स्वाहा।

भावार्थ: जलचरों के स्वामी, महाबली और भगवान विष्णु के मत्स्य रूप को मेरा बारंबार नमन है।

भगवान सूर्य 14

सूर्य गायत्री मंत्र: अर्थ, लाभ और 108 बार जाप की संपूर्ण विधि

ॐ भास्कराय विद्महे महाद्युतिकराय धीमहि तन्नो आदित्यः प्रचोदयात्।

भावार्थ: हम भगवान भास्कर (सूर्य) को जानते हैं, जो महान प्रकाश के स्रोत हैं, हम उनका ध्यान करते हैं। वह आदित्य (सूर्य देव) हमें बु…

माँ दुर्गा 14

दुर्गा नवार्ण मंत्र: अर्थ, विधि और अद्भुत आध्यात्मिक लाभ

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

भावार्थ: ॐ (परब्रह्म), ऐं (सरस्वती), ह्रीं (महालक्ष्मी), क्लीं (महाकाली), चामुण्डायै (चण्ड-मुण्ड विनाशिनी), विच्चे (ज्ञान प्रदान …

शुक्र देव 14

शुक्र देव बीज मंत्र: आकर्षण, सौंदर्य एवं ऐश्वर्य प्राप्ति के उपाय

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

भावार्थ: ॐ (परम ब्रह्म), द्रां द्रीं द्रौं (शुक्र के बीज अक्षर), सः (शक्ति), शुक्राय (शुक्र देव के लिए), नमः (नमस्कार)। भावार्थ: …

माँ दुर्गा 14

माँ दुर्गा का अमोघ रक्षा कवच: शत्रु बाधा एवं ऋण मुक्ति हेतु

ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः। सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥

भावार्थ: हे अखिल ब्रह्मांड की स्वामिनी माँ दुर्गा, आप तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करने वाली हैं। आप मेरे शत्रुओं का विनाश…

माता महालक्ष्मी 13

श्री सूक्तम पाठ: दरिद्रता निवारण एवं महालक्ष्मी की कृपा प्राप्ति

ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥

भावार्थ: हे जातवेद (अग्निदेव), आप मेरे लिए उन महालक्ष्मी को बुलाएं जो स्वर्ण के समान कांति वाली हैं, जो हरिणी (मनोहर) हैं, जिन्हो…

भगवान शिव 11

महामृत्युंजय मंत्र: अर्थ, महत्व, विधि और अकाल मृत्यु से रक्षा

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

भावार्थ: हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी का पोषण करते हैं। जैसे एक पका हुआ खरबूजा अपनी बेल …

माँ बगलामुखी 10

माँ बगलामुखी शत्रु नाशक मंत्र: गुप्त शत्रुओं से रक्षा की विधि

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित कर दें, उनकी जिह्वा को कीलित कर दें और उनकी बुद्धि का विन…

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!