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प्रसिद्ध मंदिर

संत रविदास मंदिर – भदोही: संत रविदास की तपोभूमि और सामाजिक समरसता का प्रतीक
Sant Ravidas

संत रविदास मंदिर – भदोही: संत रविदास की तपोभूमि और सामाजिक समरसता का प्रतीक

Bhadohi, Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर (भदोही) में स्थित संत रविदास मंदिर महान संत, समाज सुधारक और भक्ति कवि संत रविदास को समर्पित एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहाँ की शांत वाटिका, नियमित सत्संग, भजन-कीर्तन और सामाजिक समरसता के कार्यक्रम भक्तों को आध्यात्मिक शांति और प्रेरणा प्रदान करते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज: गंगा तट पर स्थित नाग देवता का पवित्र मंदिर
Nag Vasuki

नाग वासुकी मंदिर, दारागंज घाट, प्रयागराज: गंगा तट पर स्थित नाग देवता का पवित्र मंदिर

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के दारागंज घाट पर गंगा तट पर स्थित नाग वासुकी मंदिर नागराज वासुकी को समर्पित एक पवित्र स्थल है। यहाँ की सात फन वाली भव्य मूर्ति, नाग पंचमी का उत्सव, और कालसर्प दोष निवारण की मान्यता इसे विशेष बनाती है। जानिए पौराणिक कथा, मंत्र, आरती, और यात्रा की जानकारी।

22 Mar 2026
05:00 AM - 09:00 PM
विस्तार से
भारद्वाज आश्रम, बालसन चौराहा, प्रयागराज: महर्षि भारद्वाज की तपोस्थली और रामायण से जुड़ा पावन स्थल
Bharadwaj

भारद्वाज आश्रम, बालसन चौराहा, प्रयागराज: महर्षि भारद्वाज की तपोस्थली और रामायण से जुड़ा पावन स्थल

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के बालसन चौराहा पर स्थित भारद्वाज आश्रम महर्षि भारद्वाज की तपोस्थली है, जहाँ रामायण काल में भगवान श्रीराम ने आश्रय लिया था। यह स्थल वैदिक पाठशाला, आयुर्वेद केंद्र, प्राचीन वट वृक्ष और ध्यान साधना के लिए प्रसिद्ध है। जानिए इसका ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व।

ललिता देवी मंदिर, मीरापुर: शक्ति का अद्भुत शक्तिपीठ
Durga

ललिता देवी मंदिर, मीरापुर: शक्ति का अद्भुत शक्तिपीठ

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के मीरापुर में स्थित ललिता देवी मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है। मान्यता है कि यहाँ देवी सती का दक्षिण भाग गिरा था। यह आदि शक्ति की उपासना का केंद्र है, विशेषकर नवरात्रि में यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। जानिए इस शक्तिपीठ का महत्व, पौराणिक कथा, और यात्रा की जानकारी।

22 Mar 2026
6:00 AM - 9:00 PM
विस्तार से
श्री हनुमान जी की 110 फीट ऊंची प्रतिमा – सीतामढ़ी परिसर, भदोही: आस्था का विशाल स्वरूप
Hanuman

श्री हनुमान जी की 110 फीट ऊंची प्रतिमा – सीतामढ़ी परिसर, भदोही: आस्था का विशाल स्वरूप

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही जिले के सीतामढ़ी परिसर में स्थित 110 फीट ऊँची श्री हनुमान जी की प्रतिमा भक्ति और विश्वास का अद्वितीय केंद्र है। यह विशाल मूर्ति अपनी भव्यता, शिल्प और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
06:00 AM – 09:00 PM (Daily)
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राम-जानकी मंदिर – सुंदरपुर, प्रयागराज: भक्ति और संस्कृति का पावन धाम
Ram-Janaki

राम-जानकी मंदिर – सुंदरपुर, प्रयागराज: भक्ति और संस्कृति का पावन धाम

Sundarpur, Uttar Pradesh

प्रयागराज के सुंदरपुर ग्राम में स्थित राम-जानकी मंदिर भगवान श्रीराम और माता सीता को समर्पित एक प्राचीन एवं भव्य धाम है। यहाँ की मनमोहक मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, रामचरितमानस पाठ और रामलीला भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

श्री प्रयाग मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज किला: त्रिवेणी संगम पर स्थित भगवान शिव का पवित्र धाम
Shiva

श्री प्रयाग मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज किला: त्रिवेणी संगम पर स्थित भगवान शिव का पवित्र धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज किले के भीतर स्थित श्री प्रयाग मुक्तेश्वर महादेव मंदिर त्रिवेणी संगम पर भगवान शिव का एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र धाम है। यह भूमिगत शिवलिंग, ऐतिहासिक किला, और अक्षय वट के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मान्यता है कि संगम स्नान और मुक्तेश्वर दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम
Hanuman

संकट मोचन हनुमान मंदिर, दारागंज, प्रयागराज: श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम

Prayagraj, Uttar Pradesh

प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में गंगा-यमुना के पवित्र तट पर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आस्था और शक्ति का अद्भुत केंद्र है। यहाँ हनुमान जी की भव्य मूर्ति विराजमान है। जानिए इसका धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा, आरती का समय और यात्रा की संपूर्ण जानकारी।

22 Mar 2026
सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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भोलेनाथ का पवित्र धाम: शिव मंदिर, सुंदरपुर, भदोही
Shiva

भोलेनाथ का पवित्र धाम: शिव मंदिर, सुंदरपुर, भदोही

Sundarpur, Uttar Pradesh

भदोही जिले के सुंदरपुर गाँव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भगवान शंकर को समर्पित आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ का स्वयंभू शिवलिंग, भव्य रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव पुराण कथा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती है। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

प्राचीन शिव मंदिर – ज्ञानपुर: आस्था, इतिहास और भोलेनाथ की अमर लीला का पवित्र धाम
Shiva

प्राचीन शिव मंदिर – ज्ञानपुर: आस्था, इतिहास और भोलेनाथ की अमर लीला का पवित्र धाम

Gyanpur, Uttar Pradesh

ज्ञानपुर, भदोही (संत रविदास नगर) में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भगवान शंकर को समर्पित एक अति प्राचीन, स्वयंभू एवं चमत्कारी धाम है। यहाँ का प्राचीन शिवलिंग, भव्य रुद्राभिषेक, श्रावण मास की धूम और महाशिवरात्रि का उत्सव भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

चकवा महावीर मंदिर – भदोही: शक्ति, भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र
Mahavir

चकवा महावीर मंदिर – भदोही: शक्ति, भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही जिले के चकवा गाँव में स्थित चकवा महावीर मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित एक प्राचीन एवं शक्तिपीठ है। यहाँ की भव्य मूर्तियाँ, हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड और भजन-कीर्तन भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देते हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

श्री राम मंदिर (प्राचीन) – भदोही शहर: भक्ति और आस्था का प्राचीन केंद्र
Ram

श्री राम मंदिर (प्राचीन) – भदोही शहर: भक्ति और आस्था का प्राचीन केंद्र

Bhadohi, Uttar Pradesh

भदोही शहर के मध्य स्थित प्राचीन श्री राम मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को समर्पित एक ऐतिहासिक एवं भव्य धाम है। यहाँ की प्राचीन मूर्तियाँ, भव्य आरतियाँ, रामायण पाठ और रामचरितमानस कथा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती हैं। जानिए यहाँ के इतिहास, महत्व, त्योहारों और यात्रा की विस्तृत जानकारी।

23 Mar 2026
सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
विस्तार से
(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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