वैदिक नाद एवं मंत्र सागर सम्पूर्ण मंत्र संग्रह 108 जप काउंटर

सम्पूर्ण वैदिक मंत्र सूची एवं साधना निर्देशिका

सनातन धर्म के समस्त प्रमुख देवी-देवताओं के शक्तिशाली वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, ध्यान श्लोक, 108 जप नियम एवं सरल हिंदी भावार्थ का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

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पावन मंत्र संग्रह (Mantra Directory)

शुद्ध उच्चारण, विनियोग, बीज एवं हिंदी भावार्थ सहित नित्य पाठ करें।

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सद्गुरु / गुरु तत्त्व 51

श्री गुरु पादुका मंत्र - ॐ गुरुभ्यो नमः गुरु कृपा एवं आत्म साक्षात्कार मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ऐं क्लीं सौः हंसः सोऽहं स्वरूपनिरूपणहेतवे श्रीगुरुवे नमः॥ ॐ श्री गुरुपादुकाभ्यो नमः॥

भावार्थ: अज्ञान रूपी अंधकार का नाश करने वाले, अपने वास्तविक ब्रह्म स्वरूप का साक्षात्कार कराने वाले श्री गुरुदेव और उनकी पावन पाद…

श्री राधा-कृष्ण 50

श्री राधा कृष्ण युगल मंत्र - ॐ श्रीं राधायै स्वाहा एवं युगल प्रेम रस साधना

ॐ श्रीं राधायै स्वाहा

भावार्थ: हे महालक्ष्मी स्वरूपा श्री राधा जी! आपको मेरा नमस्कार है, मेरी समस्त साधना आपके चरणों में समर्पित हो।

भगवान शिव 40

श्री शिव पंचाक्षर मंत्र - ॐ नमः शिवाय सम्पूर्ण 5 तत्वों का रहस्य एवं ध्यान विधि

ॐ नमः शिवाय

भावार्थ: मैं भगवान शिव को नमस्कार करता हूँ, जो इस ब्रह्मांड के मूल और कल्याणकारी देवता हैं।

माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) 87

श्री बगलामुखी मंत्र - ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भन

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय शत्रु स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

भावार्थ: हे माँ बगलामुखी! सभी दुष्टों की वाणी, मुख और चरणों को स्तम्भित कर दीजिए, उनके शत्रुकर्म को रोकिए, उनकी जिह्वा को कीलित क…

भगवान धन्वंतरि 38

श्री धन्वंतरि मंत्र - ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय आरोग्य मंत्र

श्री धन्वंतरि मंत्र - ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय आरोग्य मंत्र

भावार्थ: सनातन संस्कृति में भगवान श्री धन्वंतरि को आयुर्वेद का आदि प्रवर्तक और आरोग्य का देवता माना गया है। श्री धन्वंतरि मंत्र क…

भगवान श्री नरसिंह (विष्णु अवतार) 51

श्री नरसिंह मंत्र - ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् अमोघ रक्षा कवच

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥

भावार्थ: मैं उन परम पराक्रमी, प्रज्वलित अग्नि के समान तेजोमय, सर्वव्यापी, अत्यंत भीषण किंतु भक्तों के लिए कल्याणकारी और मृत्यु की…

माता सरस्वती (भगवती वाग्देवी) 50

श्री सरस्वती बीज मंत्र - ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः विद्या, ज्ञान व तीव्र स्मरण शक्ति प्राप्ति

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

भावार्थ: परमपिता परमात्मा के प्रणव रूप तथा भगवती वाग्देवी के 'ऐं' वाग्बीज के साथ ज्ञान, कला और वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती क…

भगवान शनिदेव 45

शनि बीज मंत्र जाप: अर्थ, नियम, विधि और चमत्कारिक लाभ

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

भावार्थ: इस मंत्र के प्रत्येक बीज अक्षर का विशेष अर्थ है। 'प्रां' प्राण ऊर्जा को जाग्रत करता है, 'प्रीं' प्रेम और समर्पण का प्रती…

भगवान श्री कालभैरव 106

श्री कालभैरव मंत्र - ॐ भ्रं भैरवाय नमः सम्पूर्ण शत्रु नाशन व भय मुक्ति विधान

ॐ भ्रं भैरवाय नमः

भावार्थ: हे भैरव देव! आपको मेरा बारंबार प्रणाम है। मेरे जीवन के सभी शत्रुओं, बाधाओं और भयों का नाश करें।

भगवान सूर्य नारायण 53

श्री सूर्य गायत्री मंत्र - ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्

भावार्थ: हे आदिति पुत्र सूर्य देव! हम आपको जानते हैं, हे प्रभाकर (प्रकाश देने वाले)! हम आपका ध्यान करते हैं। वह सूर्य देव हमारी ब…

माँ दुर्गा 65

माँ दुर्गा नवार्ण मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे सम्पूर्ण 9 शक्ति रहस्य व सिद्धि

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

भावार्थ: हे महामाया! वाग्देवी (ऐं), माया (ह्रीं) और कामराज (क्लीं) बीज मंत्रों से युक्त होकर आप चामुण्डा रूप में प्रकट हों और हमा…

भगवान श्री कृष्ण 40

श्री कृष्ण महामंत्र - हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे सम्पूर्ण भावार्थ व कीर्तन

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ॥

भावार्थ: हे हरण करने वाले (दुखों को दूर करने वाले) और हे सर्वआकर्षक भगवान कृष्ण! हे आनंद के स्रोत भगवान राम! मुझ पर कृपा करें और …

वैदिक मंत्र विज्ञान, साधना विधि एवं 108 जप रहस्य

सनातन धर्म में 'मंत्र' केवल शब्द या अक्षरों का समूह नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Vibration) को मानव शरीर और चेतना में संचरित करने का एक अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने गहन तपस्या और नाद-ब्रह्म के अनुसंधान द्वारा इन दिव्य ध्वनियों की अनुभूति की थी।

1. नाद और ध्वनि तरंगों का प्रभाव

संस्कृत भाषा के प्रत्येक वर्ण का संबंध मानव शरीर के 72,000 नाड़ियों और 7 प्रमुख चक्रों से है। जब किसी वैदिक मंत्र का लयबद्ध और शुद्ध उच्चारण किया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अनुनाद (Resonance) तरंगे मस्तिष्क की अल्फा-तरंगों को सक्रिय कर मानसिक तनाव को शांत करती हैं।

2. 108 बार जप का खगोलीय रहस्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकाशमंडल में 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं (27 × 4 = 108)। साथ ही सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है। अतः 108 जप संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ आत्म-संरेखण स्थापित करता है।

मंत्र जप के तीन प्रमुख प्रकार (Types of Mantra Japa)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

भक्तिलोक पर प्रस्तुत समस्त मंत्र एवं साधना सामग्री उपलब्ध सनातन धर्मग्रंथों एवं परंपराओं के संदर्भ पर आधारित संपादकीय रूप से तैयार की गई है।
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